सोने की कीमतों में गिरावट का दौर मंगलवार को भी जारी रहा. MCX पर Gold October Futures कारोबार के दौरान ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम के नीचे फिसल गया. हालांकि बाद में कीमतों में कुछ recovery देखने को मिली और Gold करीब ₹1.47 लाख के आसपास कारोबार करता नजर आया. दिलचस्प बात यह है कि जिस वक्त सोने पर बिकवाली का दबाव बना हुआ है, उसी वक्त कनाडाई वित्तीय संस्था BMO Capital Markets ने लंबे समय के लिए Gold को लेकर अपना अनुमान पहले से ज्यादा मजबूत किया है. हालांकि short term में संस्था ने तेजी को लेकर सावधानी बरतने का संकेत दिया है.
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आखिर सोने पर क्यों बढ़ा दबाव?
Gold की मौजूदा गिरावट के पीछे एक साथ कई factors काम कर रहे हैं. Middle East में तनाव के बीच Crude Oil की कीमतों में तेजी ने महंगाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है. अगर तेल महंगा रहता है, तो Inflation पर दबाव बढ़ सकता है.
इसका असर अमेरिका की ब्याज दरों की उम्मीदों पर पड़ता है. अगर Inflation ज्यादा समय तक ऊंची रहती है, तो US Federal Reserve के लिए ब्याज दरों में जल्दी कटौती करना मुश्किल हो सकता है.
यहीं से Gold पर दबाव बढ़ता है. Gold से नियमित ब्याज नहीं मिलता. ऐसे में जब अमेरिकी बॉन्ड पर Yield बढ़ती है, तो निवेशकों के लिए बॉन्ड जैसे ब्याज देने वाले विकल्प ज्यादा आकर्षक हो सकते हैं.
अभी तस्वीर कुछ ऐसी है:
- Crude Oil महंगा.
- Inflation की चिंता बढ़ी.
- US Rates लंबे समय तक ऊंची रहने की आशंका.
- Bond Yields में तेजी.
- और इसका दबाव Gold पर.
अमेरिका की 10 साल की बॉन्ड Yield 5.2% के ऊपर पहुंच गई है, जो करीब दो दशक के ऊंचे स्तरों में है. इसी माहौल में International market में Gold करीब $4,130 प्रति ounce तक फिसल गया.
BMO ने Gold पर क्या नया अनुमान दिया?
यहीं से कहानी दिलचस्प होती है. BMO Capital Markets ने Gold के लिए short term और long term को अलग-अलग नजरिए से देखा है.
BMO के मुताबिक 2026 की चौथी तिमाही में Gold की औसत कीमत करीब $4,650 प्रति ounce रह सकती है. इससे पहले संस्था का अनुमान $4,750 था.
वहीं 2027 की दूसरी तिमाही तक Gold के $5,000 प्रति ounce तक पहुंचने का अनुमान दिया गया है.
लेकिन सबसे बड़ा बदलाव long term estimate में हुआ है. BMO ने Gold की long-term average price का अनुमान $3,100 से बढ़ाकर $4,000 प्रति ounce कर दिया है.
यहां एक जरूरी बात समझना जरूरी है. $4,000 कोई ऐसा price target नहीं है कि Gold अब गिरकर इसी स्तर पर आ जाएगा. यह लंबे forecast period में अनुमानित औसत कीमत है.
यानी असली संकेत $4,000 का आंकड़ा नहीं, बल्कि $3,100 से $4,000 का बड़ा upward revision है.
फिर लंबे समय में Gold को लेकर BMO इतना सकारात्मक क्यों?
इसके पीछे दो बड़े factors हैं - Central Bank buying और China की Gold demand.
BMO को उम्मीद है कि China में Gold की मांग मजबूत बनी रह सकती है. इसके अलावा People's Bank of China यानी PBoC की खरीद भी Gold prices को support दे सकती है.
दूसरी तरफ दुनिया में बढ़ता कर्ज और currencies की purchasing power को लेकर uncertainty भी Gold की demand को बढ़ा सकती है.
यानी Gold के सामने फिलहाल दो तरह की ताकतें काम कर रही हैं.
Gold को नीचे खींचने वाले factors:
- High Interest Rates.
- Rising Bond Yields.
- महंगा Crude Oil.
- Inflation की चिंता.
Gold को support देने वाले factors:
- Central Bank buying.
- China की मजबूत demand.
- बढ़ता global debt.
- Dollar पर dependence कम करने की कोशिश.
Gold में आगे क्या देखना होगा?
BMO का outlook यह नहीं कहता कि Gold अब सीधे ऊपर जाएगा. अगर Crude Oil और महंगा होता है और Bond Yields में और तेजी आती है, तो Gold में volatility बनी रह सकती है.
यानी short term में Gold के लिए माहौल चुनौतीपूर्ण है, लेकिन long term में Central Bank buying और China की demand जैसे factors इसकी कहानी को support दे सकते हैं.
फिलहाल Gold की कहानी को एक लाइन में समझें तो short term में दबाव है, लेकिन long term की तस्वीर पूरी तरह कमजोर नहीं हुई है.
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