सोने में तेज रैली के बाद सितंबर की शुरुआत में आई गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. 24 अगस्त को Gold करीब 1 लाख 63 हजार 229 रुपये प्रति 10 ग्राम के हालिया हाई पर पहुंचा था. इसके बाद कीमतों में नरमी आई और सितंबर की शुरुआत में Gold करीब 1.52 लाख से 1.55 लाख रुपये के दायरे में कारोबार करता दिखा.
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ऐसे में बड़ा सवाल है कि क्या Gold की तेजी अब खत्म हो गई है? लेकिन Gold जिस राह पर है, उस हिसाब से इतिहास कुछ और कहानी बयां करता है. खास बात यह है कि कई बड़े ब्रोकरेज भी Gold के आगे के भाव को लेकर सकारात्मक बने हुए हैं.
आज Gold और Silver का भाव क्या है?
7 सितंबर को MCX पर Gold October Futures करीब 1,52,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है. वहीं Silver December Futures करीब 2,37,278 रुपये प्रति किलो पर है. यानी हालिया रिकॉर्ड स्तर से Gold नीचे जरूर आया है, लेकिन अब सवाल सिर्फ गिरावट का नहीं, बल्कि आगे की दिशा का है.
Gold में 10-15% की गिरावट कोई नई बात नहीं
पिछले करीब 45 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो Gold में साल के दौरान बड़ी गिरावट आना सामान्य बात रही है. FundsIndia Research के मुताबिक, 1980 के बाद Gold का औसत सालाना अधिकतम गिरावट यानी intra-year drawdown करीब 13% रहा है.
इतिहास में कई बार 10-15% की गिरावट देखने को मिली है.
- 1984 में करीब 13%.
- 1985 में करीब 12%.
- 1993 में करीब 15%.
- 2004 में करीब 13%.
- 2007 में करीब 14%.
- 2009 में करीब 12%.
- 2020 में करीब 15%.
- 2021 में करीब 13%.
- 2022 में करीब 15%.
- 2023 में करीब 10%.
इससे साफ है कि Gold में correction होना अपने आप में कोई असामान्य घटना नहीं है.
बड़ी गिरावट के बाद भी Gold ने दिया शानदार रिटर्न
यहां कहानी और दिलचस्प हो जाती है. साल के बीच में Gold के गिरने का मतलब यह नहीं होता कि पूरा साल भी नुकसान में खत्म होगा.
FundsIndia Research के मुताबिक, जिन वर्षों में Gold ने साल के दौरान गिरावट झेली, उनमें करीब 78% मौकों पर उसने साल का अंत सकारात्मक रिटर्न के साथ किया.
उदाहरण के तौर पर 2008 में Gold करीब 20% तक गिरा था. इसके बावजूद पूरे साल का रिटर्न करीब 29% रहा.
इसी तरह.
- 2003: अधिकतम गिरावट 17%, सालाना रिटर्न 25%.
- 2020: गिरावट 15%, रिटर्न 28%.
- 2023: गिरावट 10%, रिटर्न 15%.
यानी Correction और तेजी का खत्म होना एक ही बात नहीं है.
Gold इससे भी बड़ी गिरावट देख चुका है
अगर मौजूदा गिरावट आपको बड़ी लग रही है, तो Gold का इतिहास इससे कहीं ज्यादा बड़े corrections का गवाह रहा है.
1980 में Gold करीब 40% तक गिरा था. 1981 में 25%, 1982 और 1983 में करीब 23%, 2006 में 22% और 2013 में करीब 24% का intra-year drawdown देखने को मिला था.
इसलिए 10-15% की गिरावट को सिर्फ देखकर यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी कि Gold की तेजी खत्म हो चुकी है.
आखिर अभी Gold पर दबाव क्यों है?
मौजूदा कमजोरी के पीछे अमेरिका की आर्थिक स्थिति और Federal Reserve की ब्याज दर नीति अहम भूमिका निभा रही है.
हाल के अमेरिकी रोजगार आंकड़ों ने अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत दिया है. इससे बाजार में ब्याज दरों को लेकर नई उम्मीदें बनी हैं. दरें ऊंची रहने या बढ़ने की स्थिति में Gold पर दबाव आ सकता है, क्योंकि Gold से ब्याज आय नहीं मिलती.
इसके अलावा इन चीजों पर भी नजर रहेगी.
- अमेरिकी Dollar की चाल.
- US Bond Yields.
- अमेरिकी महंगाई के आंकड़े.
- Federal Reserve का अगला फैसला.
- वैश्विक तनाव और भू-राजनीतिक घटनाक्रम.
बड़े ब्रोकरेज अभी भी Gold पर बुलिश
दिलचस्प बात यह है कि हालिया गिरावट के बावजूद बड़े वित्तीय संस्थान Gold को लेकर पूरी तरह निराश नहीं हैं.
Citi ने अगले 6 से 12 महीनों के लिए Gold का लक्ष्य करीब 5,000 डॉलर प्रति औंस रखा है. वहीं Wells Fargo Investment Institute ने 2026 के अंत के लिए 4,900 से 5,100 डॉलर प्रति औंस का दायरा दिया है.
इसके अलावा Goldman Sachs ने भी 2026 के अंत का Gold लक्ष्य बढ़ाकर करीब 4,900 डॉलर प्रति औंस कर दिया है.
यानी छोटी अवधि में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, लेकिन बड़े संस्थानों की नजर अभी भी Gold की लंबी अवधि की कहानी पर बनी हुई है.
निवेशकों के लिए क्या है बड़ा सबक?
Gold की मौजूदा गिरावट को देखकर तुरंत यह मान लेना कि तेजी खत्म हो गई है, सही नहीं होगा. इतिहास बताता है कि 10-15% की correction Gold के सफर का हिस्सा रही है और कई बार ऐसी गिरावट के बाद भी इसने शानदार रिटर्न दिया है.
हालांकि इसका मतलब यह भी नहीं है कि हर correction के बाद Gold तुरंत नया रिकॉर्ड बनाएगा. आगे Fed की नीति, अमेरिकी महंगाई, Dollar, Bond Yields और वैश्विक तनाव Gold की दिशा तय करने में अहम होंगे.
फिलहाल Gold की कहानी में correction जरूर है, लेकिन कहानी खत्म नहीं हुई है. असली सवाल यह है कि इस correction के बाद Gold का अगला chapter क्या होगा?
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