सोने की कीमतें इस समय ऐसे मोड़ पर हैं, जहां छोटी खबर भी बड़ा असर डाल सकती है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना फिलहाल एक तय दायरे में कारोबार कर रहा है, लेकिन आगे इसकी दिशा अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत, तेल की चाल, डॉलर की कमजोरी और इस हफ्ते आने वाले अमेरिका के रोजगार आंकड़े तय कर सकते हैं.
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अगर आप सोने में निवेश करते हैं या गोल्ड ईटीएफ खरीदते हैं, तो यह हफ्ता अहम हो सकता है. बाजार में बड़ा सवाल यह है कि क्या सोना 4,200 डॉलर के पार जाएगा या 3,950 डॉलर तक फिसल सकता है. अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है, इसलिए निवेशकों की नजर हर बड़े संकेत पर बनी हुई है.
आज सोना और चांदी का भाव
4 अगस्त को दोपहर करीब 3 बजे एमसीएक्स पर 5 अक्टूबर 2026 डिलीवरी वाला सोना 595 रुपये की तेजी के साथ 1,43,510 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था.4 सितंबर 2026 डिलीवरी वाली चांदी 2,342 रुपये की तेजी के साथ 2,19,088 रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रही थी.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या हाल है
3 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 4,019 डॉलर से 4,084 डॉलर प्रति औंस के बीच कारोबार करता रहा. आखिर में सोना करीब 4,036 डॉलर के आसपास रहा. इसका मतलब यह है कि सोना अभी न तेज भाग रहा है और न बड़ी गिरावट दिखा रहा है. कीमतें फिलहाल एक सीमित दायरे में घूम रही हैं.
सोना एक दायरे में क्यों फंसा है
इसकी एक बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बना तनाव है. हाल की खबरों में कहा गया कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर प्रस्तावित हमला फिलहाल टाल दिया है. यह भी बताया गया कि सऊदी अरब, कतर और यूएई जैसे देशों ने युद्ध के बजाय बातचीत पर जोर दिया.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत शुरू होगी और हॉरमुज जलमार्ग को लेकर समाधान निकाला जा सकता है. दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका के साथ सीधी बातचीत की खबरों से इनकार किया है. यानी दोनों पक्षों के दावों के बीच स्थिति अभी भी पूरी तरह साफ नहीं है.
तेल और डॉलर का क्या असर है
इसी बीच कच्चे तेल में तेज गिरावट देखने को मिली. ब्रेंट क्रूड एक समय करीब 9 फीसदी तक टूट गया. तेल सस्ता होने से महंगाई का दबाव कम हो सकता है, और इसी वजह से सोने पर भी असर पड़ा.
पिछले कुछ दिनों में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स भी कमजोर हुआ है. आम तौर पर डॉलर कमजोर पड़ने पर सोने को सहारा मिलता है. इसके साथ ही अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को लेकर नरम रुख दिखाया है. इसी कारण सोने में बड़ी गिरावट नहीं आई.
इस हफ्ते किन आंकड़ों पर नजर रहेगी
अब बाजार की नजर अमेरिका से आने वाले बड़े आर्थिक आंकड़ों पर है. इनमें जॉल्ट्स जॉब ओपनिंग्स, एडीपी रोजगार आंकड़े, आईएसएम सर्विसेज इंडेक्स और सबसे अहम नॉन-फार्म पेरोल शामिल हैं.
अगर रोजगार के आंकड़े कमजोर आते हैं, तो बाजार यह मान सकता है कि फेड आगे ब्याज दरों को कम रख सकता है. ऐसी स्थिति में सोने को मजबूती मिल सकती है.अगर आंकड़े मजबूत रहते हैं, तो सोने की तेजी पर दबाव आ सकता है.
आगे सोने की दिशा क्या तय करेगी
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे बढ़ती है या नहीं.अमेरिकी रोजगार और महंगाई के आंकड़े क्या संकेत देते हैं.फेडरल रिजर्व आगे ब्याज दरों पर क्या रुख अपनाता है.
अगर नौकरी के आंकड़े कमजोर आते हैं और डॉलर और कमजोर होता है, तो सोना फिर नई ऊंचाई की तरफ बढ़ सकता है. लेकिन अगर अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहती है और तनाव कम होता है, तो सोना फिलहाल अपने मौजूदा दायरे में ही रह सकता है.
फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि सोने की चाल एक साथ कई संकेतों से तय होगी. इसलिए जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय निवेशकों को अमेरिका के आर्थिक आंकड़ों, डॉलर की चाल और अमेरिका-ईरान से जुड़ी खबरों पर नजर रखनी होगी.
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