Gold पर Tax फिर घटेगा? 15% Import Duty के बाद सरकार क्यों लेने जा रही U-Turn!

चिराग ठाकुर

• 02:22 PM • 01 Sep 2026

सरकार सोना और चांदी पर बढ़े आयात शुल्क में कटौती पर विचार कर रही है. ऊंचे टैक्स से आयात कम नहीं हुआ और ग्रे मार्केट की चिंता बढ़ी है. ज्वेलरी कारोबार को राहत मिल सकती है.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

मई 2026 में सोना और चांदी पर शुल्क 6 से 15 फीसदी हुआ

सरकार को उम्मीद थी कि महंगा आयात मांग और डॉलर खर्च घटाएगा

FY26 में सोना आयात बिल 24 फीसदी बढ़कर 71.9 अरब डॉलर पहुंचा

Gold Import Duty को लेकर एक बार फिर बड़ी चर्चा शुरू हो गई है. कुछ महीने पहले ही सरकार ने सोना और चांदी विदेश से मंगाने पर Customs Duty बढ़ाकर 15% कर दी थी. मकसद साफ था- Import को कम करना और देश से बाहर जाने वाले विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव घटाना.

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लेकिन अब तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है. खबरों के मुताबिक, सरकार Gold और Silver पर बढ़ाई गई Import Duty को कम करने के विकल्प पर विचार कर रही है. हालांकि, अभी तक इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है.

अगर Duty में कटौती होती है, तो इसका असर सिर्फ Gold Import पर नहीं, बल्कि Jewellery Industry, Grey Market और सरकार के Tax Revenue पर भी पड़ सकता है.

पहले समझिए, सरकार ने Duty क्यों बढ़ाई थी?

मई 2026 में Gold और Silver पर Customs Duty को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया था. सरकार का तर्क था कि Import महंगा होने से विदेश से सोना मंगाने की मांग घटेगी.

भारत दुनिया के सबसे बड़े Gold Consumers में शामिल है. ऐसे में बड़ी मात्रा में सोना Import होने से देश को इसके लिए डॉलर में भुगतान करना पड़ता है.

सरकार की रणनीति को आसान भाषा में ऐसे समझिए.

  • Import Duty बढ़ी.
  • Gold Import महंगा हुआ.
  • Import की मात्रा घटनी थी.
  • डॉलर का Outflow कम होना था.

लेकिन कहानी यहां थोड़ी अलग हो गई.

Import कम हुआ, फिर भी Import Bill क्यों बढ़ गया?

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, FY26 में भारत का Gold Import करीब 24% बढ़कर 71.9 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया.

यह आंकड़ा पहली नजर में चौंकाता है, क्योंकि Import Duty बढ़ने के बाद तो Import कम होना चाहिए था.

दरअसल, यहां Gold की कीमत ने पूरा गणित बदल दिया. Import Volume करीब 721 टन रहा, यानी मात्रा के लिहाज से गिरावट आई. लेकिन इसी दौरान Gold की कीमत में जबरदस्त तेजी रही.

यानी भारत ने मात्रा में कम सोना खरीदा, लेकिन उसकी कीमत ज्यादा चुकानी पड़ी.

सीधी बात:

कम Gold Import + ज्यादा Gold Price = बड़ा Import Bill.

अब Grey Market ने सरकार की चिंता बढ़ा दी

Import Duty बहुत ज्यादा होने का एक दूसरा असर भी हो सकता है. Jewellery Industry का कहना है कि जब Legal Channel से Gold Import करना महंगा हो जाता है, तो कुछ कारोबारी गैरकानूनी रास्तों की तरफ जा सकते हैं.

Gems & Jewellery Council के Chairman राजेश रोकड़े ने एक मीडिया रिपोर्ट में कहा है कि सरकार Gold और Silver की Import Duty कम करने पर विचार कर रही है.

Industry की चिंता यह है कि Duty बहुत ज्यादा रहने पर Grey Market को बढ़ावा मिल सकता है.

इसका नुकसान दो तरफ से हो सकता है.

  • Legal Import महंगा रहेगा.
  • Illegal Gold Trade को बढ़ावा मिल सकता है.
  • सरकार को मिलने वाला Tax Revenue प्रभावित हो सकता है.

Duty घटती है तो किसे फायदा होगा?

अगर सरकार Import Duty कम करती है, तो सबसे पहले Jewellery Industry को राहत मिल सकती है. Legal Channel से Gold और Silver Import करना अपेक्षाकृत सस्ता हो सकता है.

इससे Grey Market के मुकाबले Legal कारोबार ज्यादा प्रतिस्पर्धी बन सकता है.

लेकिन सरकार के सामने एक बड़ा सवाल भी रहेगा.

Duty कम की तो Gold Import फिर बढ़ सकता है.

इसका मतलब देश से ज्यादा डॉलर बाहर जा सकते हैं. वहीं अगर Duty ऊंची रखी गई, तो Grey Market बढ़ने का खतरा बना रह सकता है.

यानी सरकार के सामने असली चुनौती है कि Tax Revenue, Gold Import और Illegal Trade के बीच सही संतुलन कैसे बनाया जाए.

Gold की कीमत पर क्या होगा असर?

सोमवार को Futures Market में Gold करीब ₹1,341 गिरकर ₹1,54,940 प्रति 10 ग्राम पर आ गया. हालांकि, Gold अभी भी ऊंचे स्तरों पर कारोबार कर रहा है.

यहां एक बात समझना जरूरी है. Gold की कीमत सिर्फ Import Duty से तय नहीं होती.

इस पर कई Global Factors असर डालते हैं.

  • अमेरिकी Interest Rates.
  • Dollar की चाल.
  • Geopolitical Tensions.
  • Central Bank की Gold Buying.
  • Global Investment Demand.

इसलिए Import Duty घटने का मतलब यह जरूरी नहीं है कि Gold की कीमत तुरंत गिर जाएगी.

अब आगे क्या देखना होगा?

फिलहाल सरकार की तरफ से Duty कटौती पर कोई अंतिम फैसला नहीं आया है. लेकिन अगर सरकार ऐसा कदम उठाती है, तो बाजार की नजर तीन चीजों पर रहेगी- Gold Import, Jewellery Demand और Grey Market.

यानी आने वाले समय में असली सवाल सिर्फ यह नहीं होगा कि Gold पर टैक्स कितना घटा, बल्कि यह भी होगा कि इस फैसले से देश में सोने का कारोबार किस दिशा में जाता है.