Gold Silver Update: फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले गिरा सोना-चांदी, क्या आने वाला है बड़ा तूफान?

Gold Silver Update: सोने और चांदी की कीमतों में अमेरिकी सेंट्रल बैंक यानी फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले गिरावट देखने को मिली है. ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और वैश्विक तनाव के बीच बाजार में सन्नाटा छाया हुआ है. जानिए आगे सोना-चांदी में तेजी आएगी या गिरावट जारी रहेगी.

Gold Silver Update
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सौरभ दीक्षित

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सोने-चांदी को लेकर पिछले कई महीनों से मार्केट में लगातार टेंशन का माहौल देखने को मिल रहा है. सोने-चांदी के भाव ने निवेशकों के साथ-साथ आम लोगों की जिंदगी में भी उथल-पुथल मचा रखी है. इसी बीच अब सबकी निगाहें अमेरिकी फेडरल बैंक के फैसले पर टिकी हुई है. अमेरिकी सेंट्रल बैंक यानी फेडरल रिजर्व की दो दिनों की अहम बैठक 17 मार्च से शुरू हुई और इसका फैसला 18 मार्च की रात को आएगा. फिलहाल अमेरिका में ब्याज दरें 3.5 पर्सेंट से 3.75 पर्सेंट के बीच बनी हुई हैं. 

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इससे पहले फेड ने लगातार तीन बार दरों में कटौती की थी ताकि वहां के लेबर मार्केट को मंदी से बचाया जा सके. जनवरी की मीटिंग में दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ था. लेकिन फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले सोने चांदी की कीमतों में बड़ा खेल हो गया है. सोना-चांदी के इस खास एपिसोड में जानिए फेड के फैसले का सोने चांदी की कीमतों पर क्या असर पड़ेगा और एक्सपर्ट्स का क्या कहना है?  

बाजार में छाया है सन्नाटा!

सोने के बाजार में इस समय अजीब सा सन्नाटा है. कीमतें ऊपर भी नहीं जा रहीं और नीचे भी पूरी तरह टूट नहीं रहीं. लेकिन असली सवाल ये है क्या अब सोने में बड़ा तूफान आने वाला है? दरअसल पूरी दुनिया की नजर इस समय अमेरिका के फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) के फैसले पर टिकी हुई है. यानी अमेरिका का केंद्रीय बैंक अब ब्याज दरों पर क्या फैसला करेगा और यही तय करेगा कि सोना ऊपर भागेगा या फिर दबाव में रहेगा. पिछले कुछ दिनों से सोने की कीमतों में हल्की गिरावट और सीमित दायरे में कारोबार देखने को मिल रहा है. बाजार के एक्सपर्ट्स का मानना है कि अभी निवेशक सावधानी के साथ इंतजार कर रहे हैं. 

सोने को लेकर एक्सपर्ट्स की राय

जानकारों का कहना है कि अगर फेड ब्याज दरों में कटौती करता है, तो यह सोने के लिए बड़ा पॉजिटिव संकेत हो सकता है. लेकिन समस्या यह है कि दुनिया में हालात अभी बहुत अनिश्चित हैं. मिडिल ईस्ट में ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव ने बाजार को डरा रखा है. इस तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं और जब तेल महंगा होता है तो महंगाई बढ़ने का खतरा भी बढ़ जाता है. ऐसे में अमेरिका का केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को कम करने से हिचक सकता है यानी अगर महंगाई का डर बढ़ा तो सोने की तेजी फिलहाल रुक सकती है.

सोने-चांदी का भाव!

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर 18 मार्च को शाम 5 बजे के करीब 2 अप्रैल 2026 की डिलीवरी वाला सोना 1,55,000 रुपए प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था. चांदी की बात करें तो इस दौरान 5 मई 2026 की डिलीवरी वाली चांदी 2,52,342 रुपए प्रति किलो पर ट्रेड कर रही थी. फेड के फैसले से पहले सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है. 

दूसरी तरफ गोल्ड और सिल्वर ETF में भी गिरावट देखने को मिली है. कई ETF फंड्स में करीब 2% से 4% तक की गिरावट दर्ज की गई. जैसे HDFC Silver ETF करीब 4% गिर गया, जबकि Aditya Birla Sun Life Gold ETF करीब 3% नीचे आ गया. हालांकि मंगलवार को बाजार में थोड़ी राहत देखने को मिली थी. सर्राफा बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, चांदी करीब 6000 रुपये बढ़कर 2.62 लाख रुपये प्रति किलो पहुंच गई थी और सोना भी करीब 1050 रुपये बढ़कर 1.61 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक चला गया था. लेकिन बाजार अभी भी पूरी तरह शांत नहीं है क्योंकि एक और बड़ा खतरा मंडरा रहा है.

क्या सोना अभी भी सेफ हेवन?

होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जहां से दुनिया का करीब 20% तेल गुजरता है, वहां अभी भी तनाव की वजह से प्रभावित है. अगर यहां सप्लाई और ज्यादा बाधित हुई तो तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं. और अगर तेल महंगा हुआ तो महंगाई भी बढ़ेगी. ऐसे माहौल में सोना आम तौर पर सेफ हेवन यानी सुरक्षित निवेश बन जाता है. लेकिन दूसरी तरफ अगर ब्याज दरें ऊंची रहती हैं तो निवेशक सोने से पैसा निकालकर दूसरे एसेट्स में लगा सकते हैं. यानी फिलहाल सोने का बाजार दो ताकतों के बीच फंसा हुआ है.

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