Sona Chandi: अगले 50 घंटे में सोने में होगा बड़ा खेल, आएगा तूफान ?

चिराग ठाकुर

• 05:02 PM • 27 Jul 2026

सोना और चांदी में तेज बढ़त के बीच अब सबकी नजर अमेरिकी फेड के फैसले पर है. जानिए डॉलर, तेल और ब्याज दरों के संकेत इस हफ्ते कीमतों को कैसे बदल सकते हैं.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

घरेलू बाजार में सोना करीब आधा फीसदी चढ़कर रिकॉर्ड दायरे में पहुंचा

चांदी में करीब 1800 रुपये की उछाल से भाव 2.24 लाख रहे

अमेरिका ईरान तनाव घटने से कच्चे तेल में पांच फीसदी गिरावट

सोने और चांदी की कीमतों में हफ्ते के पहले कारोबारी दिन तेजी देखने को मिली. ग्लोबल मार्केट में सोना एक बार फिर 4,100 डॉलर प्रति औंस के स्तर के पार पहुंच गया. अमेरिका में COMEX Gold Futures भी 0.77 फीसदी की तेजी के साथ कारोबार करता दिखा. वहीं चांदी में भी खरीदारी का रुझान रहा और COMEX Silver 1.5 फीसदी से ज्यादा उछल गई.

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लेकिन सवाल यह है कि क्या सोने में आई यह तेजी आगे भी जारी रहेगी? क्योंकि आने वाले 50-60 घंटे बुलियन मार्केट के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं. अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve का ब्याज दरों को लेकर फैसला सोने की अगली दिशा तय कर सकता है.

घरेलू बाजार में भी सोना-चांदी मजबूत

ग्लोबल बाजारों की तरह घरेलू बाजार में भी सोने और चांदी में तेजी देखने को मिली. MCX पर खबर लिखे जाने तक सोना करीब 0.5 फीसदी की बढ़त के साथ 1 लाख 43 हजार 670 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा था.

वहीं चांदी की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली और यह करीब 1,800 रुपये की बढ़त के साथ 2 लाख 24 हजार रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई.

अमेरिका-ईरान तनाव कम होने से मिली राहत

सोने में आई तेजी की बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में कमी को माना जा रहा है. इससे पहले बाजार को डर था कि अगर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता है तो कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती हैं.

तेल महंगा होने से दुनियाभर में महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ जाता और ऐसी स्थिति में अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve को ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रखनी पड़ सकती थीं.

लेकिन वीकेंड के दौरान अमेरिका और ईरान की ओर से तनाव कम करने के संकेत मिले. इसके बाद कच्चे तेल की कीमतों में 5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई. तेल सस्ता होने से महंगाई को लेकर चिंता कम हुई और बाजार में यह उम्मीद बनी कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लेकर ज्यादा सख्त रुख नहीं अपनाएंगे. इसका फायदा सोने जैसी सुरक्षित निवेश वाली एसेट को मिला.

कमजोर डॉलर ने भी दिया सोने को सहारा

सोने की कीमतों को अमेरिकी डॉलर में कमजोरी से भी सपोर्ट मिला है.

दरअसल, दुनियाभर में सोने की कीमतें डॉलर में तय होती हैं. जब डॉलर मजबूत होता है तो दूसरे देशों के खरीदारों के लिए सोना महंगा हो जाता है और मांग पर दबाव आ सकता है. वहीं जब डॉलर कमजोर पड़ता है तो दूसरे देशों के निवेशकों के लिए सोना अपेक्षाकृत सस्ता हो जाता है. इससे सोने की मांग बढ़ सकती है और कीमतों को सहारा मिलता है.

अब नजरें Federal Reserve के फैसले पर

हालांकि सोने की मौजूदा तेजी की असली परीक्षा अभी बाकी है. आने वाले 50-60 घंटे बुलियन मार्केट के लिए काफी महत्वपूर्ण हो सकते हैं.

29 जुलाई को अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve की बैठक के बाद ब्याज दरों को लेकर फैसला आएगा. Federal Open Market Committee यानी FOMC अमेरिका के समय के मुताबिक बुधवार को दोपहर 2 बजे अपना फैसला जारी करेगी.

भारत के समय के हिसाब से यह फैसला देर रात आएगा. इसके करीब 30 मिनट बाद Fed चेयरमैन Kevin Warsh प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. बाजार की नजर सिर्फ ब्याज दरों के फैसले पर नहीं बल्कि Fed के बयान पर भी रहेगी. क्योंकि इसी से संकेत मिलेगा कि आने वाले महीनों में केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लेकर किस दिशा में आगे बढ़ सकता है.

Fed के नरम रुख से सोने को मिल सकती है मजबूती

अगर Federal Reserve अपने बयान में महंगाई को लेकर राहत दिखाता है और आने वाले समय में ब्याज दरों में कटौती के संकेत देता है तो यह सोने के लिए सकारात्मक संकेत होगा.

कम ब्याज दरों के माहौल में डॉलर और बॉन्ड जैसे निवेश विकल्पों का आकर्षण कम हो जाता है. ऐसे में निवेशक सोने की तरफ ज्यादा आकर्षित हो सकते हैं. इस स्थिति में सोने की कीमतों में आगे तेजी देखने को मिल सकती है.

अगर Fed सख्त रहा तो बढ़ सकता है दबाव

दूसरी तरफ अगर Fed यह संकेत देता है कि महंगाई अभी भी बड़ी चुनौती है और ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं तो इसका असर सोने पर नकारात्मक हो सकता है.

ऊंची ब्याज दरों से डॉलर मजबूत हो सकता है और मजबूत डॉलर आमतौर पर सोने के लिए दबाव वाली स्थिति बनाता है. ऐसे में सोने की हालिया रिकवरी कमजोर पड़ सकती है और निवेशकों को मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है.

सोने के लिए अहम स्तर क्या हैं?

कमोडिटी एक्सपर्ट्स के मुताबिक हालिया गिरावट के बाद सोना धीरे-धीरे अपना बेस बनाने की कोशिश कर रहा है. यानी निचले स्तरों पर खरीदार वापस आते दिख रहे हैं.

हालांकि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि सोने में बड़ी तेजी का नया दौर शुरू हो चुका है. अगर MCX पर सोना 1 लाख 44 हजार रुपये के ऊपर मजबूती से टिकता है तो तेजी आगे बढ़ सकती है और कीमतें 1 लाख 47 हजार 600 रुपये से 1 लाख 47 हजार 700 रुपये तक जा सकती हैं.

वहीं अगर सोना 1 लाख 43 हजार 500 रुपये के नीचे फिसलता है तो दबाव बढ़ सकता है और कीमतें 1 लाख 39 हजार 500 रुपये तक भी आ सकती हैं.

अगले 50 घंटे तय करेंगे सोने की दिशा

फिलहाल सोने के लिए तीन चीजें सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं.

  • Federal Reserve का ब्याज दर फैसला.
  • Fed चेयरमैन Kevin Warsh का बयान.
  • अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड की चाल.

अगले 50-60 घंटे में यह साफ हो जाएगा कि सोने में आई मौजूदा तेजी सिर्फ एक राहत भरी रिकवरी है या फिर एक बड़े अपट्रेंड की शुरुआत.

फिलहाल सोने को कई मोर्चों से सपोर्ट मिल रहा है, लेकिन बाजार की असली दिशा अब Federal Reserve के रुख से तय होगी. अगर Fed नरम संकेत देता है तो सोना नई तेजी पकड़ सकता है, लेकिन अगर रुख सख्त रहा तो कीमतों पर फिर दबाव देखने को मिल सकता है.