Gold-Silver Price Crash: सोना धड़ाम, चांदी ₹2 लाख के नीचे, आगे और कितनी गिरेंगी कीमतें?

संदीप शर्मा

• 11:11 AM • 23 Oct 2026

Gold Silver Price Today: 23 अक्टूबर को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई. MCX पर चांदी ₹2 लाख प्रति किलो से नीचे फिसली, जबकि सोना ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंचा. जानें गिरावट की वजह और आगे के अहम प्राइस लेवल.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

चांदी ₹2 लाख प्रति किलो के नीचे फिसली

चांदी का भाव 1 साल के निचले स्तर के करीब

सोना गिरकर ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम के करीब

सोने और चांदी की कीमतों में शुक्रवार, 23 अक्टूबर को भी गिरावट जारी रही. अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिकवाली और कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने से कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा है. महंगाई बढ़ने की आशंका के बीच बाजार को लग रहा है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं. इससे सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी देखने को मिल रही है.मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर चांदी का वायदा भाव 2 लाख रुपये प्रति किलो के नीचे आ गया. वहीं, सोने का भाव भी गिरकर करीब 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया.

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MCX पर कितना गिरा सोने का भाव?

MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोने का वायदा भाव शुक्रवार को 1,251 रुपये की गिरावट के साथ 1,42,058 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला. पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव 1,43,309 रुपये था.कारोबार के दौरान सोने का भाव करीब 1,42,307 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था. इस तरह पिछले बंद भाव के मुकाबले इसमें करीब 1,002 रुपये की गिरावट दर्ज की गई.इस साल सोने का वायदा भाव 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर तक पहुंचा था. मौजूदा स्तर से तुलना करें तो सोना अपने इस साल के ऊंचे भाव से काफी नीचे आ चुका है.

चांदी ₹2 लाख के नीचे, कितने गिरे दाम?

चांदी की कीमतों में सोने के मुकाबले ज्यादा दबाव देखने को मिला. MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी 3,012 रुपये गिरकर 1,96,587 रुपये प्रति किलो पर खुली. पिछले सत्र में इसका बंद भाव 1,99,599 रुपये प्रति किलो था.कारोबार के दौरान चांदी का भाव गिरकर करीब 1,96,031 रुपये प्रति किलो पर आ गया. यानी पिछले बंद भाव के मुकाबले चांदी करीब 3,568 रुपये सस्ती हो गई.इस साल चांदी का वायदा भाव 4,20,048 रुपये प्रति किलो के उच्च स्तर तक पहुंचा था. मौजूदा भाव इस स्तर से काफी नीचे है.

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना-चांदी कमजोर

विदेशी बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है. कॉमेक्स पर सोने का वायदा भाव करीब 4,032.50 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था. पिछले सत्र में इसका बंद भाव 4,060.40 डॉलर था.वहीं, कॉमेक्स पर चांदी का भाव करीब 54.04 डॉलर प्रति औंस पर आ गया. पिछले सत्र में चांदी 55 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई थी.इस साल अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 5,586.20 डॉलर प्रति औंस और चांदी 121.79 डॉलर प्रति औंस के उच्च स्तर तक पहुंच चुकी है.

सोने में आगे क्या रहेंगे अहम स्तर?

केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के मुताबिक, सोने में नई बिकवाली देखने को मिल रही है. कीमतों में गिरावट के साथ ओपन इंटरेस्ट में 0.29 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह 16,645 कॉन्ट्रैक्ट पर पहुंच गया. इससे संकेत मिलता है कि गिरावट के दौरान बाजार में नए सौदे बने हैं.तकनीकी तौर पर सोने के लिए 1,42,520 रुपये और 1,41,740 रुपये अहम सपोर्ट स्तर हैं. सपोर्ट वह स्तर होता है, जहां कीमत को गिरावट से सहारा मिलने की उम्मीद रहती है. हालांकि, रिपोर्ट के समय सोना पहले सपोर्ट स्तर से भी नीचे कारोबार कर रहा था.ऊपर की तरफ 1,44,610 रुपये और 1,45,910 रुपये अहम रेजिस्टेंस स्तर हैं. अगर सोना 1,44,610 रुपये के ऊपर टिकता है, तो बाजार का रुख सुधर सकता है. वहीं, कमजोरी जारी रहने पर इसकी कीमतों पर और दबाव बढ़ सकता है.

चांदी में आगे क्या करें निवेशक?

अजय केडिया के मुताबिक, चांदी में लॉन्ग अनवाइंडिंग देखने को मिल रही है. इसका मतलब है कि पहले तेजी की उम्मीद में खरीदारी करने वाले कुछ निवेशक अपनी पोजीशन बंद कर रहे हैं. कीमतों में गिरावट के साथ चांदी का ओपन इंटरेस्ट 4.27 फीसदी घटकर 19,038 कॉन्ट्रैक्ट पर आ गया. इससे संकेत मिलता है कि बाजार में पहले से बनी पोजीशन बंद की जा रही हैं.चांदी के लिए 1,96,940 रुपये और 1,94,290 रुपये अहम सपोर्ट स्तर हैं. रिपोर्ट के समय चांदी पहले सपोर्ट स्तर से नीचे कारोबार कर रही थी. अगर गिरावट जारी रहती है, तो अगला अहम स्तर 1,94,290 रुपये हो सकता है.वहीं, तेजी लौटने पर 2,04,130 रुपये और 2,08,660 रुपये रेजिस्टेंस के स्तर होंगे. चांदी अगर 2,04,130 रुपये के ऊपर टिकती है, तो बाजार का रुख सुधरने की उम्मीद बढ़ सकती है.

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

सोने और चांदी में फिलहाल कमजोरी बनी हुई है. कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, महंगाई की चिंता और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बाजार की चाल को प्रभावित कर सकती हैं. ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में खरीदारी करने के बजाय कीमतों के अहम स्तरों और बाजार के रुख पर नजर रखनी चाहिए. तकनीकी स्तर संभावित उतार-चढ़ाव के संकेत देते हैं, लेकिन वे भविष्य की कीमतों की गारंटी नहीं हैं.