Gold silver price update: सोना टूटा, अब कहां पहुंचा 24 कैरेट का भाव, क्या है दिग्गज निवेशक रे डालियो की चेतावनी

सोना खरीदने वालों के लिए राहत की खबर है. घरेलू सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमत में गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी के दाम जस के तस बने रहे. इस बीच दुनिया के दिग्गज निवेशक रे डालियो ने डॉलर की कमजोरी का हवाला देते हुए गोल्ड में निवेश बढ़ाने की सलाह दी है. जानिए आज का ताजा गोल्ड-सिल्वर रेट और बाजार में तेजी की वजह.

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27 मई को सोने-चांदी का भाव.

बृजेश उपाध्याय

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सोना खरीदने वालों के लिए अच्छी खबर है. आज घरेलू सर्राफा बाजारों में सोने की कीमतों में थोड़ी नरमी रही वहीं चांदी की कीमतें करीब-करीब स्थिर देखी गईं. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा बुधवार शाम 5 बजे जारी रेट के मुताबिक 24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम 1000 रुपए तक लुढ़क गया. वहीं प्योर चांदी प्रति किलो 2 लाख 61 हजार रुपए के आसपास बनी रही. वैश्विक बाजारों से मिल रहे मजबूत संकेतों के बीच माना जा रहा है कि सोने-चांदी की कीमतों में अभी और मजबूती देखी जा सकती है. 

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आज का ताजा भाव

सोना (प्रति 10 ग्राम) भाव रुपए में 
24 कैरेट 156072
23 कैरेट  155447
22 कैरेट 142962
18 कैरेट 117054
14 कैरेट 91302
चांदी प्रति किलो 260917

 रे डालियो ने कहा- सोने में बढ़ाएं निवेश 

एक तरफ भारत में पीएम नरेंद्र मोदी सोने की खरीदी से दूरी बनाने की अपील कर रहे हैं. वहीं दुनिया के सबसे बड़े हेज फंड 'ब्रिजवॉटर एसोसिएट्स' के फाउंडर और दिग्गज निवेशक रे डालियो (Ray Dalio) ने डॉलर के कमजोर होने की तरफ इशारा किया है. उन्होंने निवेशकों को गोल्ड में निवेश करने की सलाह दी है. रे डालियो ने एक बड़ी आर्थिक चेतावनी जारी की है. उनके मुताबिक पिछले 50 वर्षों से दुनिया की सबसे बड़ी ताकत रहा 'अमेरिकी डॉलर' अब वैश्विक स्तर पर धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है. उन्होंने संकेत दिया कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में ईरान द्वारा तेल व्यापार के लिए डॉलर के बजाय चीनी युआन को प्राथमिकता देना वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में एक बहुत बड़े बदलाव की शुरुआत है.  

रे डालियो ने चेतावनी दी है कि अमेरिका लगातार भारी सरकारी कर्ज के जाल (Doom Loop) में फंसता जा रहा है, जिससे निपटने के लिए सरकारें अक्सर अपनी मुद्रा की वैल्यू को धीरे-धीरे घटा देती हैं. इस बड़े आर्थिक संकट और महंगाई से बचने के लिए उन्होंने आम जनता और निवेशकों को सलाह दी है कि वे सिर्फ किसी एक देश की करेंसी पर निर्भर रहने के बजाय अपने पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करें और सोने (Gold) जैसी वास्तविक व सुरक्षित संपत्तियों में अपना निवेश बढ़ाएं.  

क्यों आ रही है सोने-चांदी में तेजी? 

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) और अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं के चलते सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग तेजी से बढ़ी है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार में यही रुख रहा, तो आने वाले दिनों में सोना अपने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़कर नया कीर्तिमान स्थापित कर सकता है. 

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