Gold Silver Price Update: चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव के बीच चीन करने वाला है बड़ा खेल? जानिए आखिर ऐसा क्या हुआ!

Gold Silver Price Update: चांदी की कीमतों में तेजी के बीच चीन में सप्लाई संकट और बढ़ती औद्योगिक मांग ने बाजार में हलचल बढ़ा दी है. शंघाई वेयरहाउस में स्टॉक 10 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है, जिससे सिल्वर मार्केट में बैकवर्डेशन की स्थिति बन गई है. जानिए सोना-चांदी के ताजा भाव, चीन की डिमांड और आगे कीमतों पर क्या असर पड़ सकता है.

Gold Silver Price Today
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सौरभ दीक्षित

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चांदी की कीमतों में 11 फरवरी को बंपर तेजी देखने को मिल रही है. 5 मार्च 2026 की डिलीवरी वाली चांदी 11 फरवरी करीबन शाम 7 बजे 11 हजार रुपये से ज्यादा की तेजी के साथ 2,63,150 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड कर रही थी. वहीं 2 अप्रैल 2026 की डिलीवरी वाला सोना करीब 1800 रुपये से ज्यादा उछलकर 1,58,600 रुपये पर ट्रेड कर रहा था.  सोने-चांदी में भले ही तेजी देखने को मिल रही हो लेकिन हाल ही में सोने-चांदी दोनों में भारी गिरावट देखने को मिली है. चांदी कुछ वक्त पहले 4 लाख रुपये के पार निकल गई थी. इसी बीच अब चांदी पर एक बड़ी खबर सामने आई है. दरअसल चीन चांदी में एक बार फिर बड़ा खेल करने जा रहा है जिसका सीधा असर कीमतों पर देखने को मिलेगा. आइए विस्तार से जानते हैं इस पूरी कहानी को.

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चीन में चांदी की स्थिति

चांदी की कीमतें आज भले ही स्थिर दिख रही हों, लेकिन चीन के अंदर हालात अब भी बेहद तंग हैं. इंटरनेशनल मार्केट में जबरदस्त उतार चढ़ाव के बाद चांदी थोड़ी संभली है. लेकिन चीन में सप्लाई पर अब भी दबाव बना हुआ है. स्टॉक कम है, ऑर्डर ज्यादा हैं और डिलीवरी के लिए मारामारी मची हुई . वहीं चीन दुनिया के सबसे बड़े औद्योगिक उपभोक्ताओं में से एक है. सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स, निवेश... हर जगह चांदी की जरूरत पड़ती है.

चीन में बढ़ रही दोतरफा मांग

ऐसे वक्त में चीन में चांदी को लेकर दो तरह से मांग बढ़ रही है. पहली मांग निवेश की और दूसरी मांग उद्योग की है. नतीजा क्या हुआ गोदाम खाली होने लगे. शंघाई फ्यूचर्स एक्सचेंज में जो फ्रंट मंथ कॉन्ट्रैक्ट है यानी तुरंत डिलीवरी वाला सौदा था वो रिकॉर्ड प्रीमियम पर पहुंच गया है. इसका मतलब है कि लोग भविष्य की डिलीवरी नहीं अभी तुरंत चांदी चाहते हैं. बाजार में एक खास स्थिति बनी है जिसे बैकवर्डेशन कहते हैं.

आसान भाषा में जब आज की कीमत भविष्य की कीमत से ज्यादा हो जाए तो समझिए बाजार में माल की कमी है. जानकारों का कहना है कि इतनी बड़ी बैकवर्डेशन इन्वेंट्री संकट का संकेत है. डिलीवरी के लिए उपलब्ध माल तेजी से घट रहा है और सिर्फ इतना ही नहीं जो लोग दांव लगाकर बैठे थे कि कीमत गिरेगी उन्हें अब चांदी की डिलीवरी देने से बचने के लिए लॉन्ग पोजीशन वालों को फीस देनी पड़ रही है. यानी बाजार में चांदी इतनी कम है कि शॉर्ट सेलर भी फंस गए हैं.

जनवरी आखिरी से टूटी चांदी

साल की शुरुआत में चांदी ने जोरदार रैली मारी. पहले कुछ हफ्तों में करीब 61 प्रतिशत तक उछाल आया. कई जगह चांदी ने सोने को भी पीछे छोड़ दिया डॉलर और भू राजनीतिक तनाव के डर से निवेशक चांदी में टूट पड़े. लेकिन जनवरी के आखिर से जबरदस्त गिरावट आई. कीमतों में तेज बिकवाली हुई और शुरुआती तेजी का बड़ा हिस्सा मिट गया. इसके बावजूद चीन के गोदामों में स्टॉक अब भी कम है. 

शंघाई के वेयरहाउस में 10 साल के निचले स्तर पर पहुंचा चांदी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शंघाई के वेयरहाउस में भंडार 10 साल के निचले स्तर पर पहुंच गए हैं. शेन्जेन के शुइबेई मार्केट में जहां बुलियन का बड़ा कारोबार होता है वहां व्यापारी कहते हैं जैसे ही बार आते हैं वैसे ही बिक जाते हैं. औद्योगिक मांग भी कम नहीं हुई है. चीन की सोलर कंपनियां एक अप्रैल से पहले उत्पादन बढ़ा रही हैं क्योंकि एक्सपोर्ट टैक्स छूट खत्म होने वाली है. कीमत गिरने पर कई कंपनियों ने डिप में खरीदारी भी की. यानी गिरावट के बावजूद डिमांड बनी हुई है.

चीन की चांदी अभी भी कसी हुई है. दुनिया भर में सरकारें और निवेशक कमोडिटी को जमा कर रहे हैं. चीन भी कच्चे तेल से लेकर धातुओं तक स्टॉकपाइल बढ़ा रहा है. ऐसे में सप्लाई में हल्का सा झटका भी कीमतों में बड़ा उतार चढ़ाव ला सकता है. यानी ऊपर से बाजार शांत दिख रहा है लेकिन अंदर दबाव अब भी मौजूद है. अब बड़ा सवाल है कि क्या चीन की ये चांदी की किल्लत फिर से नई तेजी ला सकती है या छुट्टियों के बाद बाजार सामान्य हो जाएगा.

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