सोना और चांदी, ऐसी चीज को पिछले कई महीनों से लगातार चर्चा में है. कभी उतार को कभी चढ़ाव के बीच सोने-चांदी ने आम लोगों के साथ-साथ निवेशकों को भी काफी असमंजस में रखा हुआ है. कुछ दिन पहले तक कीमतों में हल्की गिरावट आई थी, तब लोगों को लग रहा था कि शायद अब तेजी खत्म हो जाएगी. लेकिन अब तस्वीर बदलती दिख रही है. मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोना और चांदी दोनों ने अपने हालिया निचले स्तर से जोरदार वापसी की है. और अगर ट्रेंड ऐसा ही रहा तो आने वाले समय में इनकी कीमतों में लंबी तेजी देखने को मिल सकती है. सोना-चांदी के इस खास एपिसोड में आज जानिए सोने-चांदी में कितनी तेजी आएगी, क्यों आएगी और एक्सपर्ट्स क्यों कर रहें है तेजी का दावा कर रहे हैं?
ADVERTISEMENT
पहले जानते हैं सोने की कहानी
एमसीएक्स पर सोना अभी मजबूत ट्रेंड में बना हुआ है. साप्ताहिक चार्ट पर साफ दिख रहा है कि कीमतें सपोर्ट से उछलकर ऊपर आई हैं यानी बाजार में खरीदारी का भरोसा अभी भी मजबूत है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, करीब 1,60,755 रुपए का एक अहम लेवल है और यह फिलहाल एक बड़ी रुकावट की तरह काम कर रहा है. अगर सोना इस स्तर के ऊपर मजबूती से निकल जाता है तो तेजी और मजबूत हो सकती है.
विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के दिनों में सोने की चाल में जो तेजी आई है, वह बताती है कि बाजार में अभी भी खरीदारी की ताकत बनी हुई है. चार्ट पर लगातार ऊंचे हाई और ऊंचे लो बन रहे हैं , जो लंबे समय की तेजी का संकेत माना जाता है. आने वाले समय के लिए सबसे अहम सपोर्ट का स्तर करीब 1,48,400 माना जा रहा है. ये वही क्षेत्र है जहां पर तकनीकी रूप से मजबूत सपोर्ट मौजूद है, अगर कीमतें यहां तक गिरती भी हैं तो माना जा रहा है कि यहां से दोबारा खरीदारी शुरू हो सकती है यानी जब तक सोना इस सपोर्ट के ऊपर बना रहता है, तब तक तेजी का ट्रेंड सुरक्षित माना जाएगा.
क्या सोने के भाव पहुंचा 1,75,000?
अब सबसे बड़ा सवाल है कि क्या सोना 1,75,000 तक पहुंच सकता है? विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सोना मजबूती से ऊपर टिकता है तो आने वाले सत्रों में यह स्तर छूना संभव है. ये अनुमान सिर्फ उम्मीद नहीं बल्कि मजबूत तकनीकी संकेतों पर आधारित है.
चांदी का क्या है हाल?
चांदी ने भी हाल की गिरावट से उबरकर अच्छी वापसी दिखाई है. कीमतें अभी एक महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर के आसपास चल रही हैं, जो यह संकेत दे रहा है कि तेजी का ट्रेंड जारी रह सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी में भी गिरावट आने पर खरीदारी का मौका बन सकता है क्योंकि इसका बड़ा ट्रेंड अभी भी ऊपर की तरफ ही है.
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, चांदी के लिए करीब 2,26,000 का स्तर बेहद अहम माना जा रहा है. जब तक कीमतें इसके ऊपर बनी रहती हैं तब तक तेजी का माहौल बरकरार रहेगा. लेकिन अगर यह स्तर टूट जाता है तो तेजी की रफ्तार कुछ समय के लिए धीमी पड़ सकती है. ऊपर की तरफ देखें तो चांदी के लिए तीन लाख पंद्रह हजार का स्तर एक बड़ा लक्ष्य माना जा रहा है. अगर कीमतें वहां तक पहुंचती हैं तो यह लंबे समय की तेजी को और मजबूत कर देगा. पूरी तस्वीर को समझें तो फिलहाल माहौल सकारात्मक दिखाई दे रहा है.
अब आगे क्या होगा?
दोनों कीमती धातुएं मजबूत तकनीकी संकेत दे रही हैं और बाजार में भरोसा भी लौटता दिख रहा है. लेकिन ये भी याद रखना जरूरी है कि बाजार हमेशा सीधी लाइन में नहीं चलता बीच में उतार चढ़ाव आते रहते हैं. इसलिए विशेषज्ञ यही सलाह दे रहे हैं कि ट्रेंड के साथ चलें और जोखिम को संभालकर निवेश करें. सरल शब्दों में कहें तो अगर मौजूदा सपोर्ट स्तर सुरक्षित रहते हैं तो सोना और चांदी दोनों आने वाले समय में नई ऊंचाइयों की तरफ बढ़ सकते हैं.
कुल मिलाकर अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सच में सोना एक लाख पचहत्तर हजार तक जाएगा और क्या चांदी तीन लाख के पार निकल पाएगी? तो इसका जवाब आने वाले हफ्तों में बाजार खुद देगा. लेकिन फिलहाल संकेत यही कह रहे हैं कि कहानी अभी खत्म नहीं हुई है. तेजी का अगला अध्याय अभी बाकी है.
यहां देखें वीडियो
यह खबर भी पढ़ें: BIZ DEAL: IPL 2026 देखने की टेंशन खत्म! BSNL, Jio, Airtel ने लॉन्च किए सस्ते डेटा और OTT प्लान
ADVERTISEMENT

