दुनिया में जंग के हालात हैं, मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है और तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं. अमूमन ऐसी स्थितियों में सोना (Safe Haven) रॉकेट बन जाता है, लेकिन इस बार कहानी पूरी तरह पलट गई है. निवेशकों के मन में एक ही सवाल है कि, क्या गोल्ड का पुराना फॉर्मूला बदल गया है या मार्केट में कोई बड़ा खेल चल रहा है? इसी बीच सबसे चौंकाने वाली बात है कि जहां एक तरफ निवेशक सोना बेच रहे हैं, वहीं एक बड़ा देश चुपचाप गोल्ड खरीद रहा है. सोना-चांदी के इस एपिसोड में जानिए पूरी बात.
ADVERTISEMENT
सोने चांदी के भाव
सोने और चांदी के भाव में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. MCX एक्सचेंज पर 2 अप्रैल शाम करीब 7 बजे 5 जून 2026 को डिलीवरी वाला 5658 रुपए टूटकर 1,48,050 रुपए प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था. वहीं 5 मई की डिलीवरी वाली चांदी 16741 रुपए गिरकर 2,26,760 रुपए प्रति किलो पर ट्रेड कर रही थी. यानी सोने और चांदी दोनों में भारी गिरावट देखी गई है.
मार्च के महीने में टूटा सोना
मार्च के महीने में गोल्ड करीब 15 फीसदी टूटा है, जबकि इसी महीने के पहले हफ्ते में ईरान-अमेरिका और इज़रायल के बीच जंग शुरु हुई थी. मतलब साफ है कि जो लोग सोच रहे थे कि जंग में सोना रॉकेट बनेगा, उन्हें यहां बड़ा झटका लगा है. इतिहास बताता है जब भी जंग होती है तो लोग शेयर बेचते हैं और सोना खरीदते हैं. 2008 के फाइनेंशियल क्राइसिस और रुस-यूक्रेन वॉर के दौरान भी सोने की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला था. लेकिन इस बार कहानी उलटी दिखी है.
क्यों टूटा सोना?
सोने में आई गिरावट के पीछे 4 वजह हैं:
1. डॉलर बना सेफ हेवन- जब डर बढ़ता है तो पैसा डॉलर में जाता है और डॉलर मजबूत होता है, वहीं सोना कमजोर होता है. यानी अब सेफ हेवन की लड़ाई गोल्ड vs डॉलर चल रही है और अभी डॉलर जीत रहा है.
2. दूसरी वजह है बॉन्ड यील्ड का खेल- US में बॉन्ड यील्ड बढ़ रही है. सोना कोई ब्याज नहीं देता जबकि बॉन्ड से फिक्स्ड इनकम होती है तो बड़े निवेशक बॉन्ड्स में पैसा लगा रहे हैं.
3. तीसरी वजह है Liquidity Crisis- जब मार्केट में डर बहुत ज्यादा होता है तो निवेशक हर चीज बेचकर कैश पकड़ लेते हैं. स्टॉक भी बिकता है, क्रिप्टो भी गिरता है और गोल्ड भी बिक जाता है.
4. चौथी वजह AI और टेक सेक्टर में पैसा शिफ्ट- आज दुनिया के दिग्गज निवेशक AI कंपनियों, टेक और सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में पैसा लगा रहे हैं. यानी निवेशक सोच रहे हैं भविष्य सोना नहीं बल्कि टेक्नोलॉजी है..
ब्राजील चुपचाप खरीद रहा सोना!
जहां एक तरफ रिटेल निवेशक गोल्ड बेच रहे हैं, वहीं ब्राजील का सेंट्रल बैंक चुपचाप सोना खरीद रहा है. ब्राजील Dollar Dependency कम करना चाहता है, ब्राजील के अलावा चीन और तुर्की भी गोल्ड रिजर्व को बढ़ा रहे हैं.अगर जंग बढ़ती है तो डॉलर सिस्टम प्रभावित हो सकता है इसलिए देश गोल्ड जमा कर रहे हैं.
सोने का आगे क्या होगा?
अब सबसे बड़ा सवाल क्या आगे गोल्ड की कीमतों में उछाल आएगा या गिरेगा? मिडिल ईस्ट जंग अगर आगे बढ़ी तो सोने की कीमतों को सपोर्ट मिलेगा, क्योंकि जंग से तेल महंगा होगा और महंगाई बढ़ेगी. वहीं अगर डॉलर मजबूत हुआ तो गोल्ड में नरमी देखने को मिल सकती है. फिलहाल जो स्थिति है वो लंबी अवधि में गोल्ड की कीमतों को सपोर्ट कर रही है. महंगाई बढ़ने का खतरा है और जंग अभी खत्म होती नहीं दिख रही है. सेंट्रल बैंकों की ओर से गोल्ड में खरीदारी नहीं रुकी है, ऐसे में गोल्ड की चमक अभी फीकी पड़ती नहीं दिख रही है लेकिन अभी गोल्ड सिर्फ सुस्त है.
BIZ DEAL: ₹10,000 से कम में मिल रहे हैं ये 5 धाकड़ स्मार्टफोन, फीचर्स भी एक से बढ़कर एक
ADVERTISEMENT


