सोना-चांदी एक ऐसी धातु जिसने निवेशकों के साथ-साथ लोगों की धड़कने बढ़ा रखी है. कभी उतार तो कभी चढ़ाव से मार्केट में मानिए भूचाल सा आया हुआ है. इसी बीच सोने की कीमतों के ऊपर एक बड़ी भविष्यवाणी सामने आई है. दुनिया की सबसे बड़ी रिपोर्ट ने चौंकाने वाला दावा किया है कि सोने में बड़ा खेल होने वाला है. रिपोर्ट में बताया गया है कि सोने में बंपर तेजी आने वाली है और ये तेजी क्यों आएगी इसकी बड़ी वजह भी बताई गई है. फिलहाल सोशल मीडिया पर सोने पर आई ये रिपोर्ट चर्चा में बनी हुई है. सोना चांदी के इस खास एपिसोड में आज जानिए इसी रिपोर्ट के बारे में.
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पहले जानिए सोने-चांदी का भाव
सोने-चांदी के भाव में हल्की सी गिरावट देखने को मिली है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर 22 मई शाम करीब 8 बजे 5 जून 2026 की डिलीवरी वाला सोना 1328 रुपए की गिरावट के साथ 1,58,278 रुपए प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था. वहीं 3 जुलाई 2026 की डिलीवरी वाली चांदी 4588 रुपए की गिरावट के साथ 2,70,295 रुपए प्रति किलो पर ट्रेड कर रही थी. यानी दोनों ही धातु के कीमतों में हल्की से गिरावट देखने को मिली है.
सोने को लेकर क्या है चौंकाने वाली रिपोर्ट?
सोने को लेकर दुनिया की सबसे चर्चित रिपोर्ट्स में से एक In Gold We Trust Report ने एक बेहद बड़ी और चौंकाने वाली भविष्यवाणी की है. रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले वर्षों में गोल्ड की कीमत 8,900 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है. यानी मौजूदा स्तर से भी बहुत बड़ी तेजी अभी बाकी हो सकती है. लेकिन ऐसे में सवाल आता है कि, आखिर सोने में इतनी बड़ी तेजी क्यों आने की उम्मीद जताई जा रही है? क्या दुनिया की आर्थिक व्यवस्था बदल रही है? और क्यों एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि गोल्ड फिर से ग्लोबल मोनेटरी सिस्टम(Global Monetary System) का केंद्र बन सकता है?
रिपोर्ट में ऐसा क्यों लिखा?
रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया धीरे-धीरे फिर से गोल्ड को Monetary Asset यानी असली मूल्य वाली संपत्ति मानने लगी है. इसमें कहा गया है कि 1971 के बाद शुरू हुई कागजी मुद्रा आधारित व्यवस्था अब कमजोर पड़ती दिख रही है. यानी लोगों का भरोसा धीरे-धीरे डॉलर और दूसरी फिएट करेंसी से हटकर गोल्ड की तरफ बढ़ रहा है.रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2026 में गोल्ड ने 5,595 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड हाई बनाया था. सिर्फ 2025 में ही Gold ने 64.4% की जबरदस्त तेजी दिखाई, जो 1979 उनासी के बाद सबसे बड़ी वार्षिक तेजी मानी जा रही है.
20 साल पहले जब In Gold We Trust Report पहली बार आई थी, तब गोल्ड की कीमत सिर्फ 670 डॉलर प्रति औंस थी. लेकिन अब सोना 600% से ज्यादा ऊपर जा चुका है और रिपोर्ट कहती है कि बुल मार्केट(Bull Market) अभी खत्म नहीं हुआ है. रिपोर्ट में कहा गया है कि 2020 में उन्होंने 2030 तक गोल्ड का टारगेट 4,800 डॉलर रखा था. लेकिन वह टारगेट तो 2026 में ही पूरा हो गया. अब रिपोर्ट ने नया Target दिया है कि दशक के अंत तक 8,900 डॉलर प्रति औंस. यानि आने वाले वर्षों में गोल्ड में और बड़ी तेजी की संभावना जताई जा रही है.
सोना क्यों हो रहा इतना मजबूत?
गोल्ड के इतने मजबूत होने के पीछे कई बड़े कारण बताए गए हैं. पहला कारण सेंट्रल बैंक की भारी खरीदारी का है. दुनिया भर के सेंट्रल बैंक लगातार गोल्ड खरीद रहे हैं. 2025 में सेंट्रल बैंक ने 863 टन गोल्ड खरीदा और उससे पहले लगातार 3 साल तक हर साल 1,000 टन से ज्यादा गोल्ड खरीदा गया. ये संकेत देता है कि दुनिया के बड़े देश अब डॉलर पर निर्भरता कम करना चाहते हैं.
दूसरा कारण De-Dollarization का डर है. तीसरी वजह है Global Debt Explosion यानी दुनिया का कर्ज लगातार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रहा है. रिपोर्ट के अनुसार 2025 के अंत तक Global Debt बढ़कर 348 ट्रिलियन डॉलर हो गया. वहीं अमेरिका का कर्ज 39 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच चुका है. इतना बड़ा कर्ज निवेशकों को डराता है. क्योंकि अगर सरकारें ज्यादा पैसा छापती हैं, तो करेंसी कमजोर होती है और मुद्रास्फीति बढ़ता है. ऐसे माहौल में लोग गोल्ड को सुरक्षित संपत्ति मानते हैं.
हालांकि रिपोर्ट ने चेतावनी भी दी है कि गोल्ड का सफर आसान नहीं होगा. शॉर्ट टर्म में बॉन्ड यील्ड्स बढ़ने, लिक्विडिटी रिस्क और बाजार की अस्थिरता की वजह से सोने में गिरावट और उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है. कुल मिलाकर सेंट्रल बैंक की खरीदारी, डॉलर पर घटता भरोसा, बढ़ता ग्लोबल डेब्ट और बढ़ती आर्थिक अनिश्चितता...ये सभी चीजें गोल्ड को आने वाले वर्षों में नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती हैं.
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