बीते एक साल में सोने और चांदी ने निवेशकों को मोटा रिटर्न दिया है. सोने-चांदी में इस तरह की बढ़त की कल्पना किसी ने नहीं की थी. भले ही सोने और चांदी में ऊपरी स्तरों से गिरावट आई है लेकिन फिर भी 2026 में इन दोनों धातुओं में अच्छे रिटर्न की उम्मीद है. अब दुनिया के दो बड़े बैंक JP Morgan और बैंक ऑफ अमेरिका ने सोने और चांदी को लेकर बड़ी भविष्यवाणी की है. दोनों ने ही सोने और चांदी में तेजी का अनुमान लगाया है. आइए विस्तार से जानते है पूरी बात.
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पहले जानिए सोने-चांदी के ताजा भाव
दोनों बड़े बैंकों की भविष्यवाणी जानने से पहले आइए सोने-चांदी के भाव का हाल जानते है. MCX पर 26 फरवरी को शाम 7 बजे तक 2 अप्रैल 2026 को डिलीवरी वाला सोना 1,59,074 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था. वहीं 5 मई 2026 को डिलीवरी वाली चांदी 2,67,729 प्रति किलो पर ट्रेड कर रही थी. यानी बुधवार को सोने और चांदी में ऊपरी स्तरों से मुनाफावसूली दिखी है...
जेपी मॉर्गन ने क्या कि भविष्यवाणी?
JP Morgan ने सोने का अनुमान बढ़ाया दिया है. उन्होंने कहा कि सोने के दाम इस साल के आखिर तक 6300 डॉलर प्रति औंस तक जा सकते हैं, यानी भारत में सोने की कीमत 2026 के आखिर में 1 लाख 84 हजार प्रति तोले के करीब पहुंच सकती है. JP Morgan की बात सच हुई तो सोने में निवेश करने वालों की चांदी हो सकती है. इस साल पहले ही सोना 20 फीसदी रिटर्न दे चुका है जबकि एक साल में भाव 64 फीसदी चढ़ चुका है. इसका मतलब है कि सोना ना सिर्फ सुरक्षित है बल्कि आर्थिक मुश्किलों में भी अपना मूल्य बनाए रखता है.
सोने में क्यों आई उछाल?
JP Morgan के मुताबिक सोने की चमक फीकी नहीं पड़ने के पीछे 3 बड़े कारण हैं:
पहला- भू-राजनीतिक जोखिम: दुनिया में तनाव और अनिश्चितता निवेशकों को सोने की ओर खींचती है.
दूसरा- अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां: ब्याज दरें कम होने पर सोना निवेश के लिए और आकर्षक हो जाता है
तीसरा- सेंट्रल बैंक और गोल्ड ETF की मांग: दुनिया भर के बैंक और निवेश फंड सोने में लगातार पैसा लगा रहे हैं.
JP Morgan का मानना है कि सोने में निवेश की प्रवृत्ति आगे भी जारी रहेगी यानी लोग सोने में अपने पैसे लगाने को प्राथमिकता देंगे.
बैंक ऑफ अमेरिका का क्या है मानना?
Bank of America(BofA) भी सोने और चांदी को लेकर बुलिश दिख रही है. BofA ने भी हाल ही में अपनी रिपोर्ट में कहा है कि, सोने की कीमत अगले 12 महीनों में $6,000 प्रति औंस तक जा सकती है, यानी भारत में सोने का भाव 1 लाख 75 हजार रुपये प्रति तोले के पार जा सकता है. BofA ने आगे यह भी कहा कि चांदी की कीमत थोड़ी गिर सकती है, लेकिन साल के अंत तक यह $100 प्रति औंस से ऊपर जा सकती है.
JP Morgan और Bank of America दोनों ही बुलियन को लेकर बुलिश दिख रहे हैं. ऐसे में बुलियन निवेशकों को घबराने की जरुरत नहीं है. JP Morgan और BofA के मुताबिक, बैंक और फंड लगातार सोने में पैसा लगा रहे हैं. फरवरी की शुरुआत में सोने और चांदी में आई गिरावट प्रॉफिट बुकिंग से ज्यादा कुछ नहीं था. चांदी दीवाली से स्तर से आज भी 1 लाख रुपये के करीब ऊपर है और चांदी में उद्योगिक मांग काफी तेज है.
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
निवेशकों को सोने और चांदी में लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहिए. छोटी अवधि की गिरावट से घबराने की जरुरत नहीं है, इसे नजरअंदाज करना चाहिए. पोर्टफोलियो में सोने और चांदी दोनों को शामिल करना चाहिए ताकि रिस्क कम रहे.
अभी सोना और चांदी का आकर्षण कम नहीं हुआ है. आने वाले समय में इनकी चमक और बढ़ने की उम्मीद है क्योंकि कम ब्याज दरें, राजनीतिक तनाव और सेंट्रल बैंक्स की खरीद बुलियन को सपोर्ट कर रहे हैं. ऐसे में निवेशकों को लंबी अवधि की सोच के साथ हर गिरावट में सोने और चांदी में खरीदारी करते रहना चाहिए.
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