अभी हाल ही में सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट आई थी. सोना गिरा तो लोग डर गए, पर अब वही सोना फिर से उठ खड़ा हुआ है. लेकिन सवाल ये है कि क्या यह तेजी जारी रहेगी या फिर यह सिर्फ एक जाल है? मिडिल ईस्ट में तनाव भी अभी खत्म नहीं हुआ है. इस बीच सोने पर एक बड़ी चेतावनी सामने आई है क्योंकि सोने की चाल एकदम से पलट गई है. सोना-चांदी के इस खास शो में आइए विस्तार से जानते है सोने के साथ अभी असल में हो क्या रहा है और क्या है यह नई चाल.
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सोना-चांदी के भाव में तेजी
एमसीएक्स एक्चेंज पर 27 मार्च की सुबह सोना तेजी के साथ करीब एक लाख पैंतालीस हजार पांच सौ के आसपास ट्रेड कर रहा था. कुछ दिन पहले ही सोना गिरकर नीचे आया था, लेकिन अब धीरे धीरे रिकवरी कर रहा है और सबसे खास बात हर गिरावट पर लोग खरीदारी कर रहे हैं. यानी मार्केट में डर कम हो रहा है और भरोसा वापस आ रहा है. MCX एक्सचेंज पर 27 मार्च की शाम करीब 6:30 बजे 5 जून को डिलीवरी वाला सोना 2626 रुपए की तेजी के साथ 1,45,140 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था. वहीं 5 मई को डिलीवरी वाली चांदी 2726 रुपए की तेजी के साथ 2,22,600 प्रति किलो पर ट्रेड कर रही थी.
एक्सपर्ट ने दी चेतावनी!
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोने में गिरावट के बाद अब तेजी देखने को मिल रही है, लेकिन अभी सावधानी जरूरी है. क्योंकि कीमतों में लगातार उतार चढ़ाव बना हुआ है. अभी का सबसे सही तरीका है गिरावट में खरीदारी करना यानी अगर सोना थोड़ा नीचे आए तो उसे मौका समझें लेकिन निवेश करने से पहले एक बार अपने वित्तीय सलाहाकार से बात जरूर कर लें.
वहीं जानकारों का यह भी कहना है कि, सोना अभी अपने छोटे टाइम के औसत के ऊपर चला गया है इसका मतलब मार्केट का मूड पॉजिटिव हो रहा है और एक महत्वपूर्ण संकेत छोटा मूविंग एवरेज बड़े मूविंग एवरेज के ऊपर चला गया है. इसका मतलब तेजी की शुरुआत हो सकती है. अब एक और संकेत आरएसआई नाम का इंडिकेटर जो बताता है कि बाजार कितना मजबूत है, वो अभी करीब 66 पर है. यानी मार्केट मजबूत है, लेकिन अभी बहुत ज्यादा महंगा नहीं हुआ. मतलब आगे बढ़ने की जगह अभी बाकी है.
एक्सपर्ट की राय
एक्सपर्ट साफ कह रहे हैं कि अगर सोना करीब 1,45,000 के आसपास आए तो वहां खरीदारी की जा सकती है लेकिन ध्यान रखना जरूरी है. अगर सोना 1,45,000 के नीचे जाता है तो कमजोरी आ सकती है और वहां नुकसान से बचना जरूरी है. अगर तेजी जारी रही तो सोना करीब 1,48,000 तक जा सकता है. यानी शॉर्ट टर्म में तेजी की उम्मीद है. लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती. इस पूरे खेल के पीछे दुनिया की बड़ी ताकतें भी हैं. मिडिल ईस्ट में तनाव अमेरिका और ईरान के बीच टकराव ये सब सोने को सपोर्ट दे रहे हैं. क्योंकि जब दुनिया में डर बढ़ता है तो लोग सोने की तरफ भागते हैं लेकिन अगर हालात सुधरते हैं तो तेजी पर ब्रेक भी लग सकता है.
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