बजट के बाद कमोडिटी मार्केट में ऐसा भूचाल आया है कि सोना और चांदी दोनों ही धराशायी हो गए हैं. चांदी एक झटके में हजारों रुपये सस्ती हो गई, वहीं सोना भी चार हजार रुपये से ज्यादा टूट चुका है. लेकिन इसी बीच, दुनिया के मशहूर निवेशक रॉबर्ट कियोसाकी ने सोने और चांदी को लेकर जो कहा है, वो आपके लिए जानना बेहद जरूरी है. आइए विस्तार से जानते रॉबर्ट कियोसाकी ने क्या कहा और सोना-चांदी में इस तेज गिरावट की क्या है वजह.
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सोना-चांदी धड़ाम!
दरअसल बजट वाले दिन से ही सोना और चांदी में भारी बिकवाली देखने को मिल रही है. सोमवार को जैसे ही MCX पर ट्रेडिंग शुरू हुई, 1 किलो चांदी करीब 16,000 रुपये तक टूट गई और 10 ग्राम 24 कैरेट सोना करीब 4,400 रुपये सस्ता हो गया. यानी दोनों ही कीमती धातुओं में भयंकर बिकवाली देखने को मिल रही है.
आपको बता दें कि पिछले हफ्ते चांदी ने 4 लाख रुपये प्रति किलो का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया था, लेकिन अब अपने हाई से चांदी करीब 1 लाख 70 हजार रुपये तक टूट चुकी है. सोने का हाल भी कुछ अलग नहीं है. जो सोना हाल ही में 1 लाख 93 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचा था, वो अब करीब 50 हजार रुपये सस्ता हो चुका है.
रॉबर्ट कियोसाकी ने कही बड़ी बात
इस उथल-पुथल के बीच, Rich Dad Poor Dad के लेखक और मशहूर निवेशक रॉबर्ट कियोसाकी ने सोने और चांदी को लेकर बड़ा बयान दिया है. कियोसाकी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि,
'अमीर और गरीब लोगों में फर्क: जब Walmart जैसी दुकानों में SALE लगती है, तो गरीब लोग दौड़कर आते हैं और खरीदारी करते हैं. लेकिन जब फाइनेंशियल मार्केट में SALE लगती है, जिसे हम CRASH कहते हैं, तो गरीब लोग घबरा जाते हैं और सब कुछ बेचकर भाग जाते हैं. वहीं दूसरी तरफ, अमीर लोग ऐसे मौकों पर दौड़कर आते हैं और खरीदारी करते हैं… खरीदारी करते हैं… खरीदारी करते हैं.'
कियोसाकी ने आगे लिखा कि, सोना, चांदी और बिटकॉइन का बाजार अभी क्रैश हुआ है, यानी ये सब अब SALE पर हैं और मैं? मैं हाथ में कैश लेकर इंतजार कर रहा हूं, ताकि और ज्यादा सोना, चांदी और बिटकॉइन सस्ते में खरीद सकूं.
कियोसाकी की पोस्ट का मतलब?
अगर कियोसाकी के इस पोस्ट को आसान भाषा में समझें, तो उनका कहना साफ है, सोना और चांदी गिर जरूर रहे हैं, लेकिन वो इसे खतरा नहीं, बल्कि मौका मानते हैं. उनके मुताबिक, जब बाजार में डर होता है और कीमतें तेजी से गिरती हैं, तभी लॉन्ग टर्म निवेशकों को सबसे अच्छे मौके मिलते हैं.
हालांकि, उन्होंने ये भी साफ किया है कि हर किसी को इसमें कूदने की जरूरत नहीं है. सिर्फ वही पैसा लगाएं, जिसे लंबे समय तक होल्ड किया जा सके.
सोने-चांदी में गिरावट की वजह?
एक्सपर्टस के मुताबिक सोने-चांदी में इस तेज गिरावट की 3 वजहें सामने आ रही है...
पहला डोनाल्ड ट्रंप का नए फेड चेयरमैन केविन वार्श का चुनाव- क्योंकि निवेशकों को उम्मीद थी कि अमेरिका की मॉनेटिरी पॉलिसी को लेकर सख्त रुख अपनाएंगे.
दूसरा मार्जिन कॉल्स का ट्रीगर होना- इसको ऐसे समझे कि जब सोने-चांदी की कीमतें बहुत तेजी से रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचती हैं और फिर तेजी से क्रैश करती हैं, तो ब्रोकर्स निवेशकों से अतिरिक्त मार्जिन यानी कैश मांगते हैं. अगर निवेशक यह पैसा नहीं दे पाते, तो ब्रोकर्स उनके पोजीशन (Positions) को जबरन बेच देते हैं.
तीसरा कारण जो बताया जा रहा है डॉलर इंडेक्स में रिकवरी होना- क्योंकि इसका अक्सर कमोडिटी मार्केट से इंवर्स रिलेशन होता है जो कि अभी आप देख रहे हैं.
अब सवाल यही है कि इतने वोलेटाइल बाजार में क्या सोना 1 लाख रुपये के नीचे जाएगा? या फिर आप भी रॉबर्ट कियोसाकी की तरह मानते हैं कि ये गिरावट लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए अच्छा मौका है?
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