Gold Price : सोने चांदी में हो गया बड़ा खेल, कीमतों में आई गिरावट, अब अहम आंकड़ों पर बाजार की नजर!

सौरभ दीक्षित

• 01:38 PM • 01 Sep 2026

अमेरिका से आए सख्त संकेतों के बाद एमसीएक्स और वैश्विक बाजार में सोना-चांदी फिसले. अब फेड का रुख, डॉलर, बॉन्ड यील्ड और महंगाई आगे की चाल काफी हद तक तय करेंगे.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

एमसीएक्स पर अक्टूबर सोना करीब 1600 रुपये गिरकर 1,54,641 पर आया

सितंबर डिलीवरी वाली चांदी 1300 रुपये से ज्यादा टूटकर 2,41,078 रही

स्पॉट गोल्ड 3.14 फीसदी फिसला, जबकि स्पॉट सिल्वर 4.24 फीसदी टूटा

सोने और चांदी में निवेश करने वालों के लिए शुक्रवार का कारोबारी दिन भारी रहा. अमेरिका से आए संकेतों के बाद दोनों की कीमतों में तेज गिरावट दिखी. बाजार में यह डर बढ़ा कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व सितंबर में ब्याज दर घटाने के बजाय उसे बढ़ा भी सकता है.

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31 अगस्त को एमसीएक्स पर सोना और चांदी दोनों दबाव में रहे. इसी दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी स्पॉट गोल्ड और स्पॉट सिल्वर में तेज गिरावट दर्ज की गई. इससे साफ दिखा कि डॉलर, बॉन्ड यील्ड और ब्याज दर की उम्मीदों का सीधा असर कीमती धातुओं पर पड़ा. अब इस हफ्ते अमेरिका से कई अहम आंकड़े आने वाले हैं इनपर बाजार की नजर रहने वाली है। 

गिरावट की सबसे बड़ी वजह

मुख्य वजह अमेरिका से आया वह संकेत रहा, जिसने बाजार का रुख बदल दिया. फेड के चेयरमैन केविन वॉर्श ने जैक्सन होल में भाषण दिया. बाजार ने इसे महंगाई पर सख्त रुख के तौर पर लिया. इसके बाद सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना 35.9 फीसदी से बढ़कर 57.5 फीसदी हो गई.

पहले बाजार में यह उम्मीद थी कि सितंबर में ब्याज दरों में कटौती हो सकती है. लेकिन बयान और अमेरिका के रोजगार आंकड़ों में हुए बदलाव के बाद तस्वीर बदल गई. इससे निवेशकों के बीच फेड की सख्ती को लेकर चिंता बढ़ी.

आसान भाषा में पूरा असर समझिए

जब अमेरिका में ब्याज दर बढ़ने की उम्मीद बढ़ती है, तब अमेरिकी बॉन्ड से मिलने वाला रिटर्न ज्यादा आकर्षक लगने लगता है. ऐसे माहौल में डॉलर भी मजबूत होता है. दूसरी तरफ सोना ऐसी संपत्ति है, जिस पर ब्याज नहीं मिलता. यही वजह है कि ऐसे समय में सोने और चांदी पर दबाव बढ़ जाता है.

यानी इस गिरावट के पीछे एक साफ कड़ी दिखी. फेड की सख्ती का डर बढ़ा. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ऊपर गई. डॉलर मजबूत हुआ. इसके बाद सोने और चांदी में बिकवाली तेज हो गई.

आगे क्या देखना होगा

फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह सिर्फ एक दिन की तेज गिरावट है या बड़ी कमजोरी की शुरुआत. आगे सोने और चांदी की चाल पर अमेरिका-ईरान तनाव, महंगाई, डॉलर की दिशा, फेड की अगली बैठक और दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की खरीद का असर रहेगा.

फिलहाल सबसे अहम बात यही है कि फेड की सख्ती की आशंका बढ़ते ही सोना और चांदी दोनों में तेज गिरावट आई. अगर डॉलर और बॉन्ड यील्ड मजबूत बने रहते हैं, तो दबाव कुछ और समय तक रह सकता है. वहीं आने वाले कारोबारी सत्र यह साफ करेंगे कि यह गिरावट कितनी लंबी चलती है.