Goldman Sachs का बड़ा दांव! Nifty में 10% की तेजी की उम्मीद, बड़े शेयरों पर भरोसा

संदीप शर्मा

13 Jul 2026 (अपडेटेड: Jul 13 2026 3:26 PM)

गोल्डमैन सैक्स ने कहा है कि विदेशी निवेशकों की वापसी, बेहतर घरेलू हालात और सस्ते लार्जकैप शेयरों से निफ्टी जून 2027 तक 26500 पहुंच सकता है और बाजार में नई तेजी आ सकती है.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

Goldman Sachs ने जून जून 2027 तक Nifty के लिए 26,500 का लक्ष्य दिया

जून के बाद विदेशी निवेशकों की बिकवाली थमी और खरीदारी बढ़ी

ब्रोकरेज को लार्जकैप शेयरों में मिडकैप से ज्यादा मौका दिख रहा है

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Goldman Sachs ने भारतीय शेयर बाजार को लेकर बड़ा भरोसा जताया है. ब्रोकरेज का मानना है कि विदेशी निवेशकों (FIIs) की भारी बिकवाली का दौर अब लगभग खत्म हो चुका है और घरेलू अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेतों के बीच निवेशकों का भरोसा फिर लौट सकता है.Goldman Sachs ने जून 2027 तक Nifty के 26,500 के स्तर तक पहुंचने का अनुमान जताया है. मौजूदा स्तर से यह करीब 10% की संभावित तेजी दर्शाता है.

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क्यों बढ़ा Goldman Sachs का भरोसा?


ब्रोकरेज के मुताबिक 2026 की पहली छमाही भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रही. इस दौरान निफ्टी में रुपये के लिहाज से करीब 9% की गिरावट आई. वहीं MSCI India Index भी करीब 5% टूटा. पिछले तीन दशकों में क्षेत्रीय बाजारों की तुलना में भारत का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा. हालांकि अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं. Goldman Sachs का कहना है कि घरेलू अर्थव्यवस्था में सुधार, विदेशी निवेशकों की वापसी और आकर्षक वैल्यूएशन बाजार को नई मजबूती दे सकते हैं.

विदेशी निवेशकों की वापसी शुरू


रिपोर्ट के मुताबिक 2026 की पहली छमाही में विदेशी निवेशकों ने करीब 30 अरब डॉलर के भारतीय शेयर बेचे थे. लेकिन जून के मध्य से तस्वीर बदलनी शुरू हुई है. विदेशी निवेशक अब फिर से खरीदारी कर रहे हैं और अब तक करीब 2 अरब डॉलर का निवेश वापस भारतीय बाजार में आया है. सबसे ज्यादा खरीदारी वित्तीय (Financial) शेयरों में देखने को मिली है.

लार्जकैप शेयर क्यों पसंद?

Goldman Sachs का कहना है कि इस समय लार्जकैप शेयर, मिडकैप के मुकाबले ज्यादा आकर्षक दिख रहे हैं

  • लार्जकैप कंपनियों की कमाई में अनुमानित कटौती मिडकैप की तुलना में कम रही है
  • कमाई की बेहतर संभावनाएं दिखाई दे रही हैं
  • वैल्यूएशन पिछले 15 साल के औसत के करीब पहुंच गया है
  • विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी दशक के सबसे निचले स्तर पर है, जिससे आगे खरीदारी की गुंजाइश बनती है
  • ब्रोकरेज के मुताबिक फिलहाल लार्जकैप शेयर मिडकैप के मुकाबले करीब 30% डिस्काउंट पर कारोबार कर रहे हैं.

किन सेक्टरों पर Goldman Sachs का भरोसा?

ब्रोकरेज ने कुछ सेक्टरों को लेकर Positive रुख अपनाया है.

पसंदीदा सेक्टर

  • बैंकिंग
  • टूरिज्म
  • ऑयल रिफाइनिंग
  • पावर यूटिलिटी

लंबी अवधि के लिए बुलिश

  • डिफेंस
  • एनर्जी सिक्योरिटी

किन सेक्टरों से दूरी?

  • ग्रोथ स्टॉक्स के मुकाबले वैल्यू स्टॉक्स
  • मिडकैप के मुकाबले लार्जकैप

एक्सपोर्ट आधारित कंपनियों के मुकाबले घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़ी कंपनियों को प्राथमिकता दे रहा है.

Value Stocks की वापसी?

ब्रोकरेज का मानना है कि पिछले कुछ समय में निवेशक ग्रोथ स्टॉक्स की तरफ ज्यादा झुके रहे. लेकिन अब जैसे-जैसे अर्थव्यवस्था में सुधार होगा, निवेशक सस्ते और मजबूत वैल्यूएशन वाले शेयरों की ओर रुख कर सकते हैं.Goldman Sachs के मुताबिक बाजार में अब पहले की तुलना में ज्यादा ऐसे शेयर उपलब्ध हैं, जिनका वैल्यूएशन आकर्षक है और जहां स्टॉक चुनने के अच्छे अवसर मौजूद हैं.

15 लार्जकैप शेयरों पर नजर

Goldman Sachs ने ऐसे 15 लार्जकैप शेयरों की पहचान की है, जिन्हें विदेशी निवेशकों की वापसी, दूसरी तिमाही के नतीजे, बॉन्ड इनफ्लो और मजबूत आर्थिक माहौल का फायदा मिल सकता है.हालांकि ब्रोकरेज ने इस नोट में सभी शेयरों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं, लेकिन उसका मानना है कि आने वाले समय में लार्जकैप शेयर बाजार की अगुवाई कर सकते हैं.

क्या है आगे का आउटलुक?

Goldman Sachs का मानना है कि अगर घरेलू अर्थव्यवस्था में सुधार जारी रहता है और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव नहीं बढ़ता, तो भारतीय शेयर बाजार में नई तेजी देखने को मिल सकती है.हालांकि ब्रोकरेज ने यह भी कहा है कि पश्चिम एशिया से जुड़े घटनाक्रम निकट अवधि में बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा सकते हैं. ऐसे में निवेशकों को सेक्टर और शेयर चुनते समय वैल्यूएशन और कंपनी की बुनियादी मजबूती पर खास ध्यान देना चाहिए.

डिस्क्लेमर: ये लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है. इसमें दी गई राय और अनुमान Goldman Sachs की रिपोर्ट पर आधारित हैं. यह निवेश की सलाह नहीं है. शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है. किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें और स्वयं भी पूरी रिसर्च करें.