HDFC Bank के CEO शशिधर जगदीशन नहीं लेंगे तीसरा कार्यकाल, 26 अक्टूबर को पद से होंगे रिटायर

तनीषा त्यागी

• 01:17 PM • 30 Aug 2026

एचडीएफसी बैंक के सीईओ शशिधर जगदीशन 26 अक्टूबर को रिटायर होंगे. तीसरा कार्यकाल नहीं लेने के फैसले के बाद बैंक अब नए प्रमुख की तलाश तेजी से करेगा.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

शनिवार को उन्होंने बोर्ड को अपना फैसला औपचारिक रूप से बता दिया

26 अक्टूबर 2026 को जगदीशन अपने पद से रिटायर होंगे

जगदीशन के कार्यकाल में HDFC Ltd के साथ बैंक का बड़ा विलय पूरा हुआ

HDFC Bank के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO शशिधर जगदीशन ने अपने तीसरे कार्यकाल को लेकर बड़ा फैसला लिया है. जगदीशन ने बैंक के बोर्ड को जानकारी दी है कि वह तीसरी बार इस पद पर बने रहने के इच्छुक नहीं हैं. उनका मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूबर को खत्म होगा और इसी दिन वह पद से रिटायर होंगे. जगदीशन का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब HDFC Bank पिछले कुछ समय से कई ऑपरेशनल और गवर्नेंस से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा है. उनके कार्यकाल में HDFC Ltd के साथ बैंक का बड़ा विलय हुआ, वहीं तकनीकी समस्याओं और गवर्नेंस से जुड़े विवादों ने भी बैंक पर दबाव बनाया.

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बोर्ड को दी तीसरे कार्यकाल से हटने की जानकारी

शशिधर जगदीशन ने शनिवार को बैंक के बोर्ड को अपने फैसले के बारे में बताया. इसके बाद बोर्ड की एक अनिर्धारित बैठक भी हुई. बताया गया कि बोर्ड की तरफ से उन्हें अपना फैसला बदलने के लिए मनाने की कोशिश की गई, लेकिन जगदीशन अपने निर्णय पर कायम रहे. इस फैसले के बाद अब HDFC Bank के सामने नए MD और CEO की तलाश की चुनौती है. बैंक की कोशिश होगी कि जगदीशन के रिटायर होने से पहले उनके उत्तराधिकारी की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए.

कुछ महीने पहले तीसरे कार्यकाल की थी उम्मीद

दिलचस्प बात यह है कि कुछ महीने पहले तक जगदीशन के तीसरे कार्यकाल के लिए उम्मीदवार होने की चर्चा थी. हालांकि, शनिवार को HDFC Bank के चेयरमैन राजीव कुमार के साथ उनकी मुलाकात के बाद स्थिति बदल गई. सूत्रों के मुताबिक, जगदीशन को संकेत मिले थे कि उन्हें तीसरा पूरा कार्यकाल मिलना तय नहीं है. यह भी बताया गया कि बैंक के चेयरमैन कुछ समस्याओं को तेजी से सुलझाने और जरूरी सुधारों को लेकर जगदीशन से ज्यादा आक्रामक रवैये की उम्मीद कर रहे थे. हालांकि, इन घटनाक्रमों के बीच जगदीशन ने खुद तीसरा कार्यकाल नहीं लेने का फैसला किया है.

बैंक ने जगदीशन के योगदान को सराहा

जगदीशन के फैसले के बाद HDFC Bank के बोर्ड ने उनके योगदान की सराहना की है. बोर्ड ने अपने पत्र में बैंक की ग्रोथ और स्थिरता को आगे बढ़ाने में उनके नेतृत्व को महत्वपूर्ण बताया. HDFC Ltd के साथ विलय को पूरा कराने में भी जगदीशन की भूमिका को अहम माना गया. यह विलय HDFC Bank के लिए एक बड़ा कॉरपोरेट बदलाव था और इसे पूरा करने की प्रक्रिया उनके कार्यकाल के महत्वपूर्ण हिस्सों में शामिल रही. अब बैंक को नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया आगे बढ़ानी होगी और नए CEO के चयन पर तेजी से काम करना होगा.

गवर्नेंस विवादों के बीच आया फैसला

शशिधर जगदीशन का पद छोड़ने का फैसला HDFC Bank के लिए चुनौतीपूर्ण दौर के बीच आया है. हाल के महीनों में बैंक को कई गवर्नेंस और ऑपरेशनल मामलों को लेकर जांच और आलोचना का सामना करना पड़ा है. पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने 'वैल्यूज एंड एथिक्स' का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया था. इसके बाद बैंक ने तीन वरिष्ठ अधिकारियों को नौकरी से हटा दिया और कई अन्य कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की. यह मामला 2019 से 2022 के बीच विदेशी ग्राहकों को Credit Suisse के फेल हो चुके हाई-रिस्क बॉन्ड की बिक्री में कथित अनियमितताओं से जुड़ा था.

वरिष्ठ अधिकारियों पर भी हुई कार्रवाई

गवर्नेंस से जुड़े मामलों के बीच बैंक के शीर्ष प्रबंधन पर भी दबाव देखने को मिला. जुलाई में HDFC Bank ने शशिधर जगदीशन, CFO श्रीनिवासन वैद्यनाथन और Retail Assets Group के प्रमुख पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था. बैंक ने इस मामले को MSRDC से बड़ी मात्रा में जमा हासिल करने से जुड़ा 'बिजनेस ओवररीच' बताया था. यानी बैंक के भीतर बिजनेस हासिल करने के तरीके और उससे जुड़े फैसलों को लेकर भी सवाल उठे.

कार्लाइल फंड को लेकर भी दबाव

HDFC Bank को कुछ ग्राहकों की शिकायतों को लेकर भी दबाव का सामना करना पड़ा. ये शिकायतें कार्लाइल फंड में किए गए निवेश से जुड़ी थीं. ऐसे मामलों ने बैंक के संचालन और ग्राहक हितों से जुड़े मुद्दों पर भी ध्यान खींचा. इन तमाम घटनाक्रमों के बीच जगदीशन का तीसरा कार्यकाल नहीं लेने का फैसला बैंक के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है.

अब नए CEO की तलाश होगी अहम

26 अक्टूबर को जगदीशन के रिटायर होने के बाद HDFC Bank को नया MD और CEO मिलेगा. बैंक के लिए नए नेतृत्व का चयन इसलिए भी महत्वपूर्ण होगा क्योंकि आने वाले समय में उसे ऑपरेशनल चुनौतियों, गवर्नेंस से जुड़े मुद्दों और जरूरी सुधारों पर काम करना होगा. जगदीशन का छह साल का कार्यकाल बैंक के लिए कई बड़े बदलावों और चुनौतियों से जुड़ा रहा. अब उनके उत्तराधिकारी के सामने बैंक की ग्रोथ और स्थिरता को बनाए रखने के साथ-साथ उन मुद्दों को संभालने की जिम्मेदारी होगी, जिनकी वजह से हाल के समय में HDFC Bank पर दबाव बढ़ा है.

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