HDFC Bank में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर हलचल तेज हो गई है. बैंक के मौजूदा MD और CEO शशिधर जगदीशन 26 अक्टूबर 2026 को अपना पद छोड़ने वाले हैं. उन्होंने अगले कार्यकाल के लिए अपनी उम्मीदवारी नहीं करने का फैसला किया है. उनके इस फैसले के बाद अब बैंक के अगले MD और CEO को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. इसी बीच HDFC Bank के Deputy Managing Director यानी DMD कैजाद भरूचा का नाम संभावित उत्तराधिकारी के तौर पर प्रमुखता से सामने आया है. हालांकि, अभी उनकी नियुक्ति को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है. नए CEO की नियुक्ति के लिए बैंक को निदेशक मंडल की प्रक्रिया के साथ नियामकीय प्रक्रिया भी पूरी करनी होगी.
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करीब तीन दशक से HDFC Bank से जुड़े हैं कैजाद भरूचा
कैजाद भरूचा बैंकिंग क्षेत्र में लंबा अनुभव रखने वाले वरिष्ठ अधिकारी हैं. वह अक्टूबर 1995 में HDFC Bank से जुड़े थे. यानी बैंक के शुरुआती दौर से ही वह इसके साथ काम कर रहे हैं. HDFC Bank में आने से पहले उन्होंने 1986 से 1995 तक SBI Commercial and International Bank में काम किया था. इस तरह उनका कुल बैंकिंग अनुभव करीब चार दशक का है. भरूचा ने मुंबई विश्वविद्यालय के Sydenham College of Commerce and Economics से वाणिज्य में स्नातक की पढ़ाई की है. लंबे समय तक HDFC Bank में काम करने के दौरान उन्होंने बैंक के अलग-अलग कारोबार और महत्वपूर्ण विभागों में जिम्मेदारियां संभाली हैं.
2014 में निदेशक मंडल का हिस्सा बने, 2023 में DMD की जिम्मेदारी
कैजाद भरूचा साल 2014 में HDFC Bank के निदेशक मंडल में शामिल हुए थे. इसके बाद अप्रैल 2023 में उन्हें Deputy Managing Director की जिम्मेदारी दी गई. बैंक के वरिष्ठ प्रबंधन में लंबे समय से मौजूद होने की वजह से वह HDFC Bank के कामकाज, कारोबार के तरीके और आंतरिक व्यवस्था से अच्छी तरह परिचित माने जाते हैं. फरवरी 2026 में HDFC Bank के निदेशक मंडल ने भरूचा की DMD के तौर पर फिर से नियुक्ति को मंजूरी दी थी. यह नियुक्ति अप्रैल 2026 से अप्रैल 2029 तक तीन साल के लिए है. यानी मौजूदा समय में भी वह बैंक के शीर्ष नेतृत्व का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं.
बैंक के कई बड़े कारोबार की जिम्मेदारी संभाली
HDFC Bank में अपने लंबे करियर के दौरान कैजाद भरूचा ने कई महत्वपूर्ण कारोबार क्षेत्रों की जिम्मेदारी संभाली है. इनमें कॉरपोरेट बैंकिंग, कारोबारी बैंकिंग, खुदरा ऋण, स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए वित्त, बुनियादी ढांचा वित्त और ग्रामीण बैंकिंग जैसे क्षेत्र शामिल हैं. इसके अलावा उन्हें ऋण और जोखिम प्रबंधन से जुड़े काम का भी अनुभव रहा है. इस लिहाज से उनकी प्रोफाइल काफी व्यापक है. उन्होंने बैंकिंग कारोबार के अलग-अलग हिस्सों में काम किया है और कारोबार बढ़ाने के साथ जोखिम प्रबंधन से जुड़ी जिम्मेदारियां भी निभाई हैं.
HDFC Bank-HDFC Ltd विलय में भी रही अहम भूमिका
कैजाद भरूचा के अनुभव में HDFC Bank और HDFC Ltd का विलय भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. इस बड़े विलय के बाद दोनों संस्थानों की कार्यप्रणाली और प्रणालियों को एक साथ लाने की चुनौती थी. भरूचा ने एकीकरण समिति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. इस समिति का उद्देश्य विलय के बाद दोनों संस्थानों की व्यवस्था को प्रभावी तरीके से एक साथ लाना था. करीब 40 अरब डॉलर का यह विलय भारतीय कारोबारी क्षेत्र के बड़े विलयों में शामिल रहा. ऐसे बड़े एकीकरण का अनुभव भरूचा की प्रोफाइल को और मजबूत बनाता है.
क्यों मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं भरूचा?
शशिधर जगदीशन के बाद HDFC Bank की कमान संभालने के लिए कैजाद भरूचा का नाम इसलिए चर्चा में है क्योंकि वह बैंक के साथ करीब तीन दशक से ज्यादा समय से जुड़े हुए हैं. उन्हें बैंक के कारोबार की अंदरूनी समझ है. उन्होंने अलग-अलग कारोबार क्षेत्रों में काम किया है. इसके साथ ही वरिष्ठ प्रबंधन और निदेशक मंडल स्तर पर भी उनका अनुभव है. उनके पक्ष में एक और बड़ी बात यह है कि वह बैंक के मौजूदा नेतृत्व ढांचे का हिस्सा हैं. इसलिए अगर बैंक अपने भीतर से किसी अनुभवी अधिकारी को आगे बढ़ाने का विकल्प चुनता है, तो भरूचा एक स्वाभाविक दावेदार हो सकते हैं. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि उनका नाम तय हो चुका है. अंतिम फैसला बैंक के निदेशक मंडल और नियामकीय प्रक्रिया के बाद ही होगा.
CEO बदलाव की खबर के बीच HDFC Bank के शेयर ने दिखाई मजबूती
शशिधर जगदीशन के पद छोड़ने की खबर के बाद बाजार में HDFC Bank के शेयर पर भी काफी नजर रही. शुरुआती आशंका थी कि नेतृत्व परिवर्तन का असर बैंक के शेयर पर नकारात्मक पड़ सकता है. लेकिन कारोबार के दौरान शेयर ने इसके उलट मजबूती दिखाई. HDFC Bank का शेयर शुरुआती कारोबार में करीब 2.48 फीसदी चढ़कर 738.15 रुपये तक पहुंच गया. खबर लिखे जाने तक शेयर करीब 1.77 फीसदी की तेजी के साथ 733 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा था. इससे संकेत मिला कि बाजार ने फिलहाल नेतृत्व परिवर्तन को किसी बड़े नकारात्मक संकेत के तौर पर नहीं लिया है.
हालांकि लंबी अवधि में शेयर का प्रदर्शन कमजोर रहा
कम समय में शेयर में तेजी जरूर देखने को मिली, लेकिन अगर अलग-अलग अवधि में प्रदर्शन देखें तो तस्वीर उतनी मजबूत नहीं है. पिछले एक सप्ताह में HDFC Bank के शेयर में करीब 0.13 फीसदी की गिरावट रही. एक महीने के दौरान शेयर करीब 2.68 फीसदी नीचे आया. वहीं एक साल की अवधि में शेयर में करीब 22.81 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. तीन साल की अवधि में भी शेयर करीब 7.13 फीसदी कमजोर रहा. इसलिए सिर्फ CEO बदलाव के बाद आई शुरुआती तेजी को देखकर बैंक के शेयर की लंबी अवधि की स्थिति का आकलन करना सही नहीं होगा.
Jefferies ने खरीद की सलाह बरकरार रखी
HDFC Bank के नेतृत्व परिवर्तन के बावजूद ब्रोकरेज कंपनी Jefferies ने बैंक के शेयर पर अपनी Buy यानी खरीद की सलाह बरकरार रखी है. हालांकि, ब्रोकरेज ने लक्ष्य मूल्य में कटौती की है. लक्ष्य मूल्य को 1,050 रुपये से घटाकर 880 रुपये प्रति शेयर कर दिया गया है. Jefferies ने वित्त वर्ष 2027 से वित्त वर्ष 2029 के दौरान बैंक की सालाना कमाई के अनुमान में करीब 3 फीसदी की कटौती भी की है. ब्रोकरेज के मुताबिक नए नेतृत्व के आने तक जमा जुटाने और शुल्क से होने वाली आय की वृद्धि की रफ्तार पर कुछ असर देखने को मिल सकता है. यानी बाजार में HDFC Bank की मजबूत बुनियाद को लेकर भरोसा बना हुआ है, लेकिन नेतृत्व परिवर्तन के दौरान कारोबार की वृद्धि को लेकर कुछ सावधानी भी है.
नए CEO के सामने होंगी कई बड़ी चुनौतियां
HDFC Bank के नए MD और CEO के सामने सबसे बड़ी चुनौती बैंक की वृद्धि को बनाए रखने की होगी. इसके साथ ही जमा वृद्धि, शुल्क से होने वाली आय और कामकाज की क्षमता पर भी ध्यान देना होगा. तकनीक और जोखिम प्रबंधन भी नए नेतृत्व के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र होंगे. बड़े बैंक के स्तर पर किसी भी तकनीकी या कामकाज से जुड़ी समस्या का सीधा असर ग्राहकों के अनुभव और निवेशकों के भरोसे पर पड़ सकता है. इसके अलावा नए CEO के लिए सबसे जरूरी होगा कि नेतृत्व परिवर्तन के दौरान ग्राहकों, कर्मचारियों और निवेशकों का भरोसा मजबूत बना रहे.
अभी अंतिम फैसला बाकी
फिलहाल कैजाद भरूचा का नाम HDFC Bank के अगले CEO की दौड़ में एक मजबूत संभावित उम्मीदवार के तौर पर सामने आया है. उनका करीब चार दशक का बैंकिंग अनुभव और HDFC Bank के साथ करीब तीन दशक से ज्यादा का जुड़ाव उनकी दावेदारी को मजबूत बनाता है. लेकिन अभी यह तय नहीं है कि अगला MD और CEO वही होंगे. बैंक को नए नेतृत्व के चयन के लिए अपनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी और नियामकीय मंजूरी भी जरूरी होगी. इसलिए फिलहाल सबसे अहम नजर इस बात पर रहेगी कि HDFC Bank अगले CEO के लिए किन नामों पर विचार करता है और आखिरकार किसे बैंक की कमान सौंपी जाती है. शशिधर जगदीशन के 26 अक्टूबर 2026 को पद छोड़ने के बाद HDFC Bank के लिए यह एक बड़ा नेतृत्व परिवर्तन होगा. ऐसे में नए CEO की नियुक्ति सिर्फ बैंक के प्रबंधन में बदलाव नहीं होगी, बल्कि आने वाले समय में उसकी वृद्धि की रणनीति, कामकाज और निवेशकों के भरोसे के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है.
HDFC Bank के CEO शशिधर जगदीशन नहीं लेंगे तीसरा कार्यकाल, 26 अक्टूबर को पद से होंगे रिटायर
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