कभी प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर का बेंचमार्क माना जाने वाला HDFC Bank इस साल शेयर बाजार में अपने बड़े प्रतिद्वंद्वी ICICI Bank से पिछड़ता नजर आ रहा है। जहां HDFC Bank का शेयर 2026 में अब तक करीब 22% टूट चुका है, वहीं ICICI Bank का शेयर करीब 9% की बढ़त दर्ज कर चुका है। इस दौरान HDFC Bank का मार्केट कैप भी करीब 5 लाख करोड़ रुपये घट गया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर HDFC Bank और ICICI Bank के बीच ऐसा क्या बदल गया कि कई बड़े ब्रोकरेज अब ICICI Bank को बेहतर विकल्प मान रहे हैं?
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HDFC Bank पर क्यों बढ़ा दबाव?
ब्रोकरेज हाउस Anand Rathi, Jefferies, Emkay और PL Capital का मानना है कि HDFC Bank अभी भी HDFC Ltd. के साथ हुए मर्जर के बाद पैदा हुई चुनौतियों से पूरी तरह उबर नहीं पाया है। बैंक की Loan Growth में सुधार जरूर आया है, लेकिन Margin, Retail Loan Growth और CASA Ratio जैसे अहम ऑपरेटिंग पैरामीटर्स पर वह अभी भी ICICI Bank से पीछे है।
1. Margin पर सबसे ज्यादा दबाव
बैंक की कमाई का सबसे अहम पैमाना Net Interest Margin (NIM) होता है। यह Loan से मिलने वाले ब्याज और Deposit पर दिए जाने वाले ब्याज के बीच का अंतर होता है। HDFC Bank का NIM इस तिमाही में घटकर 3.4% पर आ गया, जबकि ICICI Bank का NIM 4.36% रहा। यानी ICICI Bank हर 100 रुपये के बिजनेस पर HDFC Bank की तुलना में ज्यादा कमाई कर रहा है।Anand Rathi के मुताबिक HDFC Bank की Funding Cost अभी भी ज्यादा है क्योंकि CASA Deposit Growth, Loan Growth की तुलना में कमजोर बनी हुई है। वहीं Jefferies का कहना है कि बैंक ने Corporate Lending पर ज्यादा जोर दिया, जिससे Loan Growth तो बढ़ी लेकिन Margin पर दबाव आ गया।
2. Retail Loan Growth में पिछड़ रहा HDFC Bank
HDFC Bank की कुल Loan Growth करीब 16% रही, लेकिन Retail Loan Growth सिर्फ 7.2% रही। Home Loan, Car Loan, Personal Loan और Credit Card जैसे Retail Loans आमतौर पर बैंकों के लिए ज्यादा मुनाफे वाले होते हैं।इसके मुकाबले ICICI Bank की Retail Loan Growth करीब 12% रही। यही वजह है कि उसकी Profitability और Return Profile ज्यादा मजबूत दिखाई दे रही है।Emkay का कहना है कि HDFC Bank की Retail Loan Growth लगातार तीन तिमाहियों से करीब 7% के आसपास बनी हुई है, जो चिंता का विषय है।
3. HDFC Ltd. Merger का असर अभी भी जारी
HDFC Ltd. के साथ मर्जर के बाद HDFC Bank की Balance Sheet तो बड़ी हुई, लेकिन इसके साथ Funding Cost भी बढ़ गई। बैंक को अभी भी महंगे Deposits और Borrowings का सहारा लेना पड़ रहा है। ब्रोकरेज का कहना है कि CASA Deposits में अपेक्षित तेजी नहीं आने की वजह से बैंक की Funding Cost ऊंची बनी हुई है। यही कारण है कि Margin पर दबाव बना हुआ है।
ICICI Bank क्यों निकल रहा है आगे?
ICICI Bank ने जून तिमाही में करीब 14,800 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जो बाजार के अनुमान से बेहतर रहा।
बैंक के प्रमुख आंकड़े इस प्रकार रहे—
Loan Growth: 20% Net Interest Margin (NIM): 4.36% Return on Assets (ROA): 2.5%
Emkay का कहना है कि ICICI Bank मजबूत Capital Buffer, बेहतर Profitability, तेज Loan Growth और Stable Management की वजह से अपने प्रतिस्पर्धियों से आगे बना हुआ है।
क्या HDFC Bank में कुछ सकारात्मक भी है?
हालांकि HDFC Bank के लिए तस्वीर पूरी तरह नकारात्मक नहीं है। बैंक की Asset Quality अभी भी मजबूत बनी हुई है।
- Gross NPA: 1.17%
- Net NPA: 0.4%
इसके अलावा बैंक के पास करीब 48,900 करोड़ रुपये का Contingent Provision Buffer भी है, जो भविष्य में संभावित Credit Loss से निपटने में मदद कर सकता है।
Jefferies का मानना है कि बैंक की Credit Quality मजबूत बनी हुई है, जबकि PL Capital ने भी Target Price घटाने के बावजूद HDFC Bank पर Buy Rating बरकरार रखी है।
आगे किन बातों पर रहेगी निवेशकों की नजर?
विश्लेषकों के मुताबिक आने वाले कुछ क्वार्टर में निवेशकों की नजर तीन अहम बातों पर रहेगी—क्या HDFC Bank का Net Interest Margin सुधरता है? क्या CASA Deposit Growth तेज होती है? क्या HDFC Ltd. के मर्जर का असर धीरे-धीरे कम होता है? अगर इन तीनों मोर्चों पर सुधार देखने को मिलता है, तो HDFC Bank के शेयर में रिकवरी की संभावना बढ़ सकती है।
Buy, Sell या Hold?
फिलहाल अधिकांश ब्रोकरेज HDFC Bank पर Buy Rating बनाए हुए हैं क्योंकि मौजूदा वैल्यूएशन आकर्षक माने जा रहे हैं। हालांकि ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस के लिहाज से कई ब्रोकरेज फिलहाल ICICI Bank को HDFC Bank के मुकाबले बेहतर विकल्प मान रहे हैं। ऐसे में आने वाले कुछ क्वार्टर HDFC Bank के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं।
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