भारत की जानी-मानी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी HDFC Life ने एक नया मुकाम हासिल कर लिया है. कंपनी का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट यानी AUM अब 4 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है. आसान भाषा में कहें तो, ग्राहकों का कंपनी के पास जमा पैसा और निवेश अब 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है.
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सिर्फ 4 साल में दोगुना हुआ पैसा
इस उपलब्धि की सबसे बड़ी बात ये है कि HDFC Life ने पिछले 4 सालों के अंदर ही अपनी इस संपत्ति को दोगुना कर दिखाया है. यानी जितने समय में कंपनी ने पहले तरक्की की थी, उसकी तुलना में पिछले चार वर्षों में बिजनेस बहुत तेजी से बढ़ा है.
कंपनी के Chief Investment Officer and Head of Strategy प्रसून गजरी ने इस मौके पर कहा कि कंपनी का मुख्य मकसद देश के लोगों को वित्तीय सुरक्षा देना है। उन्होंने बताया कि हम ग्राहकों के पैसे को बहुत समझदारी और सावधानी से सही जगह लगाते हैं। इसी वजह से हम बिना बड़ा जोखिम उठाए अपने ग्राहकों को अच्छा और सुरक्षित फायदा दे पा रहे हैं।
ग्राहक का पैसा कितना सुरक्षित है?
बीमा कंपनियों के लिए AUM का बड़ा होना इस बात का सबूत होता है कि कंपनी कितनी मजबूत है और उस पर कितने ज्यादा लोग भरोसा करते हैं.HDFC Life ने बताया कि वह लोगों के पैसों को बहुत सुरक्षित जगहों पर लगाती है:
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सुरक्षित सरकारी बॉन्ड में निवेश: कंपनी के पास जमा कुल पैसों में से लगभग 72% हिस्सा सुरक्षित कर्ज (डेट) वाले साधनों में है. इसका एक बड़ा हिस्सा सरकारी बॉन्ड और सबसे सुरक्षित रेटिंग वाली कंपनियों में लगाया गया है. इससे ग्राहकों का पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहता है
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शेयर बाजार में सीमित निवेश: बाकी का लगभग 28% हिस्सा शेयर बाजार में लगाया गया है ताकि ग्राहकों को बेहतर रिटर्न मिल सके
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दावों का तुरंत भुगतान: कंपनी ने बताया कि साल 2025-26 के दौरान मौत के दावों को पास करने का उनका रिकॉर्ड 99.7% रहा है. इसका मतलब है कि अगर किसी परिवार पर संकट आता है, तो कंपनी लगभग सभी मामलों में बीमा का पैसा तुरंत दे देती है.
मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क
HDFC Life पिछले 25 सालों से भारत में काम कर रही है. आज के समय में कंपनी के पास हर उम्र और जरूरत के हिसाब से 75 से ज्यादा अलग-अलग इंश्योरेंस प्लान उपलब्ध हैं. इनमें बचत, पेंशन, बच्चों की पढ़ाई और सेहत से जुड़ी नीतियां शामिल हैं. देशभर के लोगों तक पहुँचने के लिए कंपनी ने बैंकों, वित्तीय संस्थाओं और ब्रोकर्स के साथ 500 से भी ज्यादा समझौते किए हैं. इसके अलावा, लाखों वित्तीय सलाहकार गांव-गांव और शहर-शहर जाकर लोगों को बीमा सर्विस दे रहे हैं.
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