Home Buying Tips: घर खरीदना हर व्यक्ति के जीवन का एक बड़ा फैसला होता है. यह सिर्फ एक संपत्ति खरीदने का मामला नहीं होता, बल्कि सालों की बचत और भविष्य की सुरक्षा से भी जुड़ा होता है. ऐसे में अगर प्रॉपर्टी खरीदते समय जरूरी दस्तावेजों की ठीक से जांच नहीं की जाए, तो बाद में कानूनी विवाद, वित्तीय नुकसान या धोखाधड़ी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.
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चाहे आप नया फ्लैट खरीद रहे हों, पुराना मकान ले रहे हों या निवेश के उद्देश्य से प्रॉपर्टी खरीद रहे हों, रजिस्ट्री से पहले कुछ अहम दस्तावेजों की जांच करना बेहद जरूरी है. ये कागजात न सिर्फ प्रॉपर्टी की कानूनी स्थिति स्पष्ट करते हैं, बल्कि यह भी सुनिश्चित करते हैं कि भविष्य में किसी तरह की परेशानी सामने न आए.
1. सेल डीड सबसे अहम दस्तावेज
सेल डीड किसी भी प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री का सबसे महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज होता है. यही कागज यह साबित करता है कि संपत्ति का मालिकाना हक विक्रेता से खरीदार के नाम कानूनी रूप से ट्रांसफर हो गया है. खरीद के बाद इसका सही विवरण के साथ सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में रजिस्ट्रेशन होना जरूरी होता है. इसलिए रजिस्ट्री से पहले इस दस्तावेज की पूरी जांच करें.
2. मदर डीड से समझें प्रॉपर्टी का इतिहास
मदर डीड (Mother Deed) को प्रॉपर्टी का रिकॉर्ड या इतिहास माना जाता है. इसमें यह जानकारी होती है कि पिछले कई वर्षों में संपत्ति का मालिक कौन-कौन रहा और किस आधार पर मालिकाना हक बदला. इस दस्तावेज की मदद से यह पता लगाया जा सकता है कि प्रॉपर्टी का पिछला रिकॉर्ड साफ है या नहीं.
3. एनकम्ब्रेंस सर्टिफिकेट जरूर देखें
किसी भी प्रॉपर्टी पर बैंक लोन, कानूनी दावा या दूसरी वित्तीय देनदारी है या नहीं, इसकी जानकारी एनकम्ब्रेंस सर्टिफिकेट यानी EC से मिलती है. मकान खरीदने से पहले पिछले 30 वर्षों का EC चेक करना बेहतर माना जाता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि संपत्ति किसी भी तरह के बकाया या कानूनी बोझ से मुक्त है.
4. कंप्लीशन सर्टिफिकेट से जानें निर्माण नियमों का पालन हुआ या नहीं
कंप्लीशन सर्टिफिकेट स्थानीय प्राधिकरण की ओर से जारी किया जाता है. यह प्रमाणित करता है कि भवन का निर्माण स्वीकृत नक्शे और निर्धारित नियमों के अनुसार पूरा किया गया है. अगर यह दस्तावेज उपलब्ध नहीं है तो भविष्य में कई तरह की दिक्कतें आ सकती हैं.
5. ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट भी उतना ही जरूरी
ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (Occupancy Certificate) यह प्रमाणित करता है कि इमारत रहने के लिए सुरक्षित है और सभी जरूरी निर्माण मानकों का पालन किया गया है. यह दस्तावेज स्थानीय नगर निगम या संबंधित प्राधिकरण जारी करता है.
6. अलॉटमेंट लेटर की जानकारी भी जांचें
अगर आप बिल्डर से फ्लैट खरीद रहे हैं तो अलॉटमेंट लेटर ((Allotment Letter)) जरूर देखें. यह दस्तावेज बताता है कि किस यूनिट या फ्लैट का आवंटन किस खरीदार को किस कीमत पर किया गया है. यह शुरुआती खरीद प्रक्रिया का महत्वपूर्ण रिकॉर्ड होता है.
7. पजेशन लेटर से मिलेगी कब्जे की पुष्टि
निर्माण पूरा होने के बाद बिल्डर खरीदार को पजेशन लेटर (Possession Letter) जारी करता है. इसके जरिए यह बताया जाता है कि फ्लैट या मकान अब रहने के लिए तैयार है और खरीदार उस पर कब्जा ले सकता है. इस दस्तावेज की उपलब्धता भी जरूरी है.
8. म्यूटेशन लेटर को नजरअंदाज न करें
म्यूटेशन लेटर (Mutation Letter), जिसे दाखिल-खारिज भी कहा जाता है, सरकारी रिकॉर्ड में नए मालिक के नाम संपत्ति दर्ज होने का प्रमाण होता है. इसी के आधार पर भविष्य में प्रॉपर्टी टैक्स और अन्य सरकारी रिकॉर्ड अपडेट किए जाते हैं.
9. नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) भी जरूरी
बिजली, पानी, फायर डिपार्टमेंट और अन्य संबंधित विभागों से जारी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) यह सुनिश्चित करते हैं कि संपत्ति से जुड़ी जरूरी सेवाओं में कोई कानूनी अड़चन नहीं है. इसलिए इन दस्तावेजों की भी जांच जरूर करें.
10. रेरा रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जरूर देखें
अगर आप किसी नए प्रोजेक्ट में घर खरीद रहे हैं तो यह सुनिश्चित करें कि प्रोजेक्ट रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी यानी RERA में पंजीकृत हो. रेरा रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट खरीदारों के हितों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है.
11. टैक्स रसीदें भी जरूर चेक करें
प्रॉपर्टी खरीदने से पहले पिछले मालिक द्वारा जमा किए गए प्रॉपर्टी टैक्स की रसीदें जरूर देखें. इससे यह सुनिश्चित हो जाता है कि संपत्ति पर किसी तरह का पुराना टैक्स बकाया नहीं है और भविष्य में उसका बोझ नए खरीदार पर नहीं आएगा.
घर खरीदते समय जल्दबाजी न करें
घर खरीदना सिर्फ कीमत तय करने और रजिस्ट्री कराने तक सीमित नहीं है. सही दस्तावेजों की जांच करना भी उतना ही जरूरी है. अगर इन सभी जरूरी कागजात की पहले से जांच कर ली जाए, तो भविष्य में कानूनी विवाद, अतिरिक्त खर्च और धोखाधड़ी जैसी समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है. इसलिए मकान खरीदने से पहले हर दस्तावेज को अच्छी तरह जांचें और पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही अंतिम फैसला लें.
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