भारत में सफल महिला लीडर्स की तस्वीर तेजी से बदल रही है. अब सिर्फ कारोबारी परिवारों से आने वाली महिलाएं ही शीर्ष पर नहीं हैं, बल्कि अपने दम पर मुकाम हासिल करने वाली महिलाओं की संख्या कहीं ज्यादा हो गई है. Candere Hurun India Women Leaders List 2026 के मुताबिक, इस साल सूची में शामिल 117 महिलाओं में से 98 महिलाएं सेल्फ-मेड हैं. यानी उन्होंने अपनी मेहनत, हुनर और नेतृत्व के दम पर यह मुकाम हासिल किया है. वहीं, सिर्फ 19 महिलाओं को कारोबार या नेतृत्व की जिम्मेदारी विरासत में मिली है. इसका मतलब है कि सेल्फ-मेड महिला लीडर्स की संख्या विरासत में नेतृत्व पाने वाली महिलाओं से पांच गुना से भी ज्यादा है.
ADVERTISEMENT
117 महिलाओं को मिली जगह
इस साल की सूची पहले से बड़ी हो गई है. 2025 में जहां 97 महिलाओं को शामिल किया गया था, वहीं 2026 में यह संख्या बढ़कर 117 हो गई है. ये महिलाएं 12 अलग-अलग कैटेगरी से चुनी गई हैं. इनसे जुड़ी कंपनियों और संस्थानों की कुल वैल्यू करीब 39 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है.
Hurun India के संस्थापक अनस रहमान जुनैद का कहना है कि यह आंकड़ा बताता है कि भारत में नेतृत्व अब विरासत से नहीं, बल्कि मेहनत और काबिलियत से हासिल किया जा रहा है.
हर क्षेत्र में बढ़ रही महिलाओं की भागीदारी
इस सूची में सिर्फ बिजनेस लीडर्स ही नहीं, बल्कि स्टार्टअप फाउंडर्स, लेखक, खिलाड़ी, पत्रकार और सामाजिक बदलाव लाने वाली महिलाओं को भी शामिल किया गया है. सूची में सबसे कम उम्र की महिला 19 वर्षीय पैरा तीरंदाज शीतल देवी हैं, जबकि Cremica की संस्थापक रजनी बेक्टर 86 साल की उम्र के साथ सबसे वरिष्ठ हैं. सूची में शामिल महिलाओं की औसत उम्र 48 साल है.
इन महिलाओं ने अपनी कैटेगरी में किया टॉप
| टॉपर | कैटेगरी |
| प्रिया नायर (HUL) | प्रोफेशनल CEO |
| रोशनी नादर मल्होत्रा (HCL Tech) | वेल्थ मल्टीप्लायर्स |
| वैशाली निगम सिन्हा (ReNew Power) | न्यू इकोनॉमी |
| रजनी बेक्टर (Bectors Food) | हार्टलैंड फाउंडर्स |
| मीना बिंद्रा (BIBA) | फैशन और लाइफस्टाइल |
| सुधा मूर्ति | ऑथर्स |
| अवनि लेखरा | ओलंपिक और पैरालंपिक पदक विजेता |
| तुषारा शंकर | सोशल चेंज मेकर्स |
किन क्षेत्रों से सबसे ज्यादा महिलाएं आईं
पांच बड़े स्तंभों में कल्चर की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही. इस वर्ग में 42 महिलाएं हैं, जो कुल सूची का 36 फीसदी है. इसके बाद स्टार्टअप से 28 महिलाएं यानी 24 फीसदी हैं. वैल्यू क्रिएशन से 19 महिलाएं, यानी 16 फीसदी है. वेल्थ क्रिएशन से 18 महिलाएं, यानी 15 फीसदी. इम्पैक्ट से 10 महिलाएं, यानी 9 फीसदी. हुरुन ने कहा कि सूची में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रिक व्हीकल, डीप टेक, क्लीन एनर्जी, क्लाइमेट टेक और हेल्थ टेक जैसे उभरते क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाएं भी शामिल हैं. इससे साफ है कि भारत की नई इकॉनमी में महिलाओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है.
कौन से शहर आगे रहे?
महिला लीडर्स की सबसे ज्यादा संख्या मुंबई से रही. मुंबई से 26 नाम लिस्ट में हैं. इसके बाद दिल्ली से 21 और बेंगलुरु से 16 महिलाएं शामिल हैं.रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि 33 महिलाओं ने अपने करियर के लिए एक राज्य से दूसरे राज्य में जाकर काम किया. वहीं 2 महिलाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जाकर अपना ठिकाना बदला.
ADVERTISEMENT

