देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों में शामिल Hyundai Motor India Limited के लिए वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही उम्मीद के मुताबिक नहीं रही. कंपनी के मुनाफे में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 35% कम हो गया.
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कंपनी के मुताबिक, कमजोर एक्सपोर्ट, सप्लाई चेन से जुड़ी परेशानी और उत्पादन में आई अस्थायी रुकावट ने तिमाही प्रदर्शन को प्रभावित किया. हालांकि, कंपनी का मानना है कि ये चुनौतियां अस्थायी हैं और आने वाली तिमाहियों में प्रदर्शन में सुधार देखने को मिल सकता है.
Hyundai India का मुनाफा घटकर ₹888.6 करोड़ रह गया
Hyundai Motor India ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए. कंपनी के अनुसार, जून तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट घटकर ₹888.6 करोड़ रह गया. एक साल पहले इसी अवधि में कंपनी का मुनाफा करीब ₹1,368 करोड़ था. यानी सालाना आधार पर कंपनी के मुनाफे में करीब 35% की गिरावट आई है. वहीं, कंपनी की ऑपरेशनल इनकम भी दबाव में रही. अप्रैल-जून तिमाही में Hyundai India का ऑपरेशनल रेवेन्यू करीब 0.5% घटकर ₹16,334.6 करोड़ रह गया.
प्रोडक्शन रुकने से कंपनी को हुआ नुकसान
Hyundai India के कमजोर प्रदर्शन की सबसे बड़ी वजहों में से एक उत्पादन में आई रुकावट रही. कंपनी के एक सप्लायर के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में आग लगने के कारण कुछ समय के लिए उत्पादन प्रभावित हुआ. इस घटना की वजह से करीब 13,900 वाहनों के प्रोडक्शन पर असर पड़ा. हालांकि, कंपनी ने 22 जून से उत्पादन सामान्य कर लिया, लेकिन तिमाही के शुरुआती हिस्से में हुए नुकसान का असर पूरे जून क्वार्टर के नतीजों में दिखाई दिया.
पश्चिम एशिया तनाव से एक्सपोर्ट कारोबार प्रभावित
Hyundai India के लिए दूसरी बड़ी चुनौती एक्सपोर्ट में गिरावट रही. पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कंपनी के विदेशी बाजारों में वाहनों की मांग प्रभावित हुई. इसका असर कंपनी के एक्सपोर्ट आंकड़ों में साफ दिखाई दिया. अप्रैल-जून तिमाही में Hyundai India के एक्सपोर्ट करीब 19.6% घटकर 38,708 यूनिट्स रह गए. पिछले साल इसी अवधि में कंपनी ने 48,140 यूनिट्स एक्सपोर्ट किए थे.
घरेलू बाजार में Hyundai की बिक्री बढ़ी
जहां एक्सपोर्ट में गिरावट देखने को मिली, वहीं घरेलू बाजार में कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहा. Society of Indian Automobile Manufacturers (SIAM) के आंकड़ों के मुताबिक, जून तिमाही में Hyundai India की घरेलू बिक्री सालाना आधार पर करीब 5.4% बढ़कर 1,39,374 यूनिट्स पहुंच गई. इससे संकेत मिलता है कि भारत में कंपनी की मांग बनी हुई है, लेकिन विदेशी बाजारों में कमजोरी ने कुल प्रदर्शन पर दबाव डाला.
ऑपरेटिंग मार्जिन पर भी पड़ा असर
कम वॉल्यूम और लागत से जुड़ी चुनौतियों का असर कंपनी की कमाई क्षमता पर भी पड़ा. Hyundai India का EBITDA यानी ब्याज, टैक्स और अन्य खर्चों से पहले का ऑपरेटिंग प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 31% गिरकर ₹1,511.7 करोड़ रह गया.वहीं, EBITDA Margin भी पिछले साल के 13.3% से घटकर 9.3% पर आ गया.इसका मतलब है कि कंपनी की बिक्री के मुकाबले ऑपरेटिंग स्तर पर मुनाफा कम हुआ है.
कंपनी को दूसरी तिमाही से रिकवरी की उम्मीद
हालांकि, Hyundai India के मैनेजमेंट को आने वाली तिमाहियों में सुधार की उम्मीद है.
कंपनी के MD और CEO Tarun Garg ने कहा कि पहली तिमाही कई चुनौतियों से प्रभावित रही, लेकिन अब उत्पादन पूरी तरह सामान्य हो चुका है.
कंपनी को उम्मीद है कि जुलाई-सितंबर तिमाही यानी वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही से घरेलू और एक्सपोर्ट दोनों कारोबार में रिकवरी की रफ्तार बढ़ सकती है.Hyundai ने अपने पूरे वित्त वर्ष के अनुमान को भी बरकरार रखा है. कंपनी को उम्मीद है कि FY27 में घरेलू और एक्सपोर्ट बाजारों में वॉल्यूम ग्रोथ 8-10% के बीच रह सकती है.इसके अलावा कंपनी ने EBITDA Margin का अनुमान 11-14% के स्तर पर बनाए रखा है.
SUV और इलेक्ट्रिक कारों पर कंपनी का फोकस
Hyundai India आने वाले समय में SUV और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट पर अपना फोकस बढ़ा रही है.कंपनी के पोर्टफोलियो में Creta, Venue, Alcazar जैसे लोकप्रिय SUV मॉडल शामिल हैं. इसके अलावा कंपनी इलेक्ट्रिक सेगमेंट में Creta Electric और Ioniq 5 जैसे मॉडल भी बेच रही है.कंपनी को उम्मीद है कि नए मॉडल्स, बेहतर डिमांड और सामान्य होती सप्लाई चेन के दम पर आने वाली तिमाहियों में बिक्री को मजबूती मिल सकती है.
कमजोर नतीजों के बाद भी शेयर में तेजी
दिलचस्प बात यह रही कि कमजोर तिमाही नतीजों के बावजूद Hyundai Motor India के शेयर में तेजी देखने को मिली.नतीजों के बाद कंपनी का शेयर करीब 2.38% बढ़कर ₹2,040.30 पर बंद हुआ.बाजार का फोकस फिलहाल इस बात पर है कि कंपनी आने वाली तिमाहियों में उत्पादन सामान्य होने, एक्सपोर्ट रिकवरी और नए प्रोडक्ट्स के दम पर कितनी तेजी से वापसी करती है.कुल मिलाकर, Hyundai India के लिए जून तिमाही चुनौतीपूर्ण रही, लेकिन कंपनी का मानना है कि मौजूदा दबाव अस्थायी है. अब निवेशकों की नजर दूसरी तिमाही के प्रदर्शन और कंपनी की रिकवरी की रफ्तार पर रहेगी.
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