IBM के शेयरों में 23% तक की बड़ी गिरावट, कमजोर नतीजों और कमाई के अनुमान ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता

संदीप शर्मा

14 Jul 2026 (अपडेटेड: Jul 14 2026 8:22 PM)

आईबीएम ने दूसरी तिमाही में कमजोर आमदनी और कमाई का अनुमान दिया है. एआई ढांचे पर बढ़ते खर्च की वजह से शेयर टूटा और सॉफ्टवेयर सेक्टर पर दबाव बढ़ा.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

कंपनी ने तिमाही आमदनी 17.2 अरब डॉलर रहने का अनुमान दिया

प्रति शेयर कमाई 2.93 डॉलर रही, जो बाजार उम्मीद से कम

ग्राहक अब सर्वर, स्टोरेज और मेमोरी पर ज्यादा पैसा लगा रहे

दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी IBM के शेयरों में मंगलवार को प्री-मार्केट ट्रेडिंग के दौरान बड़ी गिरावट देखने को मिली. कंपनी के शेयर एक समय 23% तक टूट गए, क्योंकि IBM ने दूसरी तिमाही (Q2) के लिए उम्मीद से कमजोर नतीजों का अनुमान जारी किया. कंपनी की कमाई और प्रति शेयर आय (EPS) दोनों ही बाजार के अनुमान से कम रहने की संभावना है.इस खबर के बाद सिर्फ IBM ही नहीं, बल्कि अमेरिका की दूसरी बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव देखने को मिला.

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बाजार के अनुमान से कम रह सकती है कमाई

IBM ने शुरुआती आंकड़ों में बताया कि दूसरी तिमाही में उसका रेवेन्यू 17.2 अरब डॉलर रहने का अनुमान है. जबकि बाजार को 17.86 अरब डॉलर की उम्मीद थी.वहीं, कंपनी का एडजस्टेड EPS (प्रति शेयर आय) 2.93 डॉलर रहने का अनुमान है, जबकि विश्लेषकों का अनुमान 3.02 डॉलर था.कमजोर अनुमान सामने आते ही निवेशकों ने शेयरों में बिकवाली शुरू कर दी.

आखिर क्यों बिगड़े IBM के नतीजे?

  • रेवेन्यू 17.2 अरब डॉलर रहने का अनुमान, बाजार की उम्मीद 17.86 अरब डॉलर थी
  • EPS का अनुमान भी विश्लेषकों के अनुमान से कम रहा
  • ग्राहकों ने सॉफ्टवेयर की बजाय सर्वर और AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाया
     

IBM के CEO अरविंद कृष्णा ने निवेशकों को लिखे पत्र में बताया कि जून के आखिरी हफ्तों में कई बड़े ग्राहकों ने अपने टेक बजट का बड़ा हिस्सा सर्वर, स्टोरेज और मेमोरी जैसे हार्डवेयर पर खर्च करना शुरू कर दिया.कंपनियां संभावित कीमत बढ़ने से पहले हार्डवेयर खरीदना चाहती थीं. इसका असर IBM के कई बड़े सॉफ्टवेयर सौदों पर पड़ा और कई डील तय समय पर पूरी नहीं हो सकीं.उन्होंने यह भी माना कि कंपनी बदलते बाजार के हिसाब से खुद को उतनी तेजी से नहीं ढाल पाई, जितनी जरूरत थी.

AI का फायदा सभी टेक कंपनियों को नहीं

पिछले कुछ समय से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में भारी निवेश हो रहा है. लेकिन IBM का मानना है कि इस समय कंपनियां AI सॉफ्टवेयर से ज्यादा AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च कर रही हैं.यानी सर्वर, डेटा सेंटर, स्टोरेज और मेमोरी बनाने वाली कंपनियों को फायदा मिल रहा है, जबकि पारंपरिक सॉफ्टवेयर कंपनियों के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है.

दूसरी टेक कंपनियों पर भी असर

IBM के कमजोर अनुमान का असर पूरे टेक सेक्टर पर देखने को मिला.

  • Microsoft के शेयर 3% से ज्यादा टूटे
  • Salesforce में भी गिरावट दर्ज की गई
  • ServiceNow और Intuit के शेयरों पर भी दबाव रहा
  • iShares Expanded Tech-Software ETF में 4% से ज्यादा की कमजोरी देखने को मिली

इससे साफ है कि निवेशक फिलहाल पूरे सॉफ्टवेयर सेक्टर को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं.

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

IBM के ताजा अनुमान से यह संकेत मिलता है कि फिलहाल बड़ी कंपनियां अपने आईटी बजट में बदलाव कर रही हैं. वे सॉफ्टवेयर की तुलना में हार्डवेयर और AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा खर्च कर रही हैं.अगर आने वाली तिमाहियों में भी यही रुझान जारी रहता है, तो कई सॉफ्टवेयर कंपनियों की कमाई पर दबाव बना रह सकता है.

पूरे सॉफ्टवेयर सेक्टर के लिए क्या संकेत?

इस अपडेट ने सॉफ्टवेयर सेक्टर को लेकर चिंता और बढ़ा दी है. निवेशकों को पहले से डर है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के औजार रोजमर्रा के कई काम अपने आप करने लगेंगे, जिससे कुछ सॉफ्टवेयर उत्पादों की जरूरत कम हो सकती है. अब आईबीएम के अनुमान ने यह भी दिखाया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ा खर्च सभी तकनीकी कंपनियों को बराबर फायदा नहीं दे रहा है.

• चिप बनाने वाली कंपनियों, सर्वर कंपनियों और मेमोरी सप्लायर को इस रुझान से फायदा मिला है

• दूसरी तरफ सॉफ्टवेयर कंपनियों को बड़े कारोबार ग्राहकों के बजट में ज्यादा सख्ती का सामना करना पड़ रहा है

• आईबीएम की चेतावनी से संकेत मिलता है कि ग्राहक पहले हार्डवेयर और डाटा सेंटर पर खर्च को तरजीह दे रहे हैं

• इसके चलते कुछ सॉफ्टवेयर सौदे टल रहे हैं या छोटे हो रहे हैं.

कुल मिलाकर IBM की कमजोर तिमाही तस्वीर ने सिर्फ उसके शेयर पर दबाव नहीं बनाया, बल्कि पूरे सॉफ्टवेयर सेक्टर के सामने खड़ी चुनौती भी साफ कर दी. फिलहाल सबसे बड़ा संकेत यही है कि कारोबारी ग्राहक पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए जरूरी ढांचा मजबूत कर रहे हैं और सॉफ्टवेयर पर खर्च बाद में कर रहे हैं.