ICICI Bank के शेयर सोमवार को अच्छी खरीदारी देखने को मिली. लेकिन शेयर ऊपरी स्तरों पर टिक नहीं पाया. खबर लिखे जाने तक शेयर 1 फीसदी की तेज़ी के साथ 1457 रुपये पर कामकाज कर रहा था. जून तिमाही के मजबूत नतीजों के बाद शेयर में यह तेजी आई. बैंक का मुनाफा और शुद्ध ब्याज आय दोहरे अंक में बढ़ी है, जबकि कर्ज बढ़ोतरी और खराब कर्ज की स्थिति में भी सुधार दिखा है.
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Q1 में 16% बढ़ा मुनाफा
जून तिमाही में बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 15.9 फीसदी बढ़कर 14,805 करोड़ रुपये रहा. एक साल पहले इसी तिमाही में यह 12,768 करोड़ रुपये था. शुद्ध ब्याज आय 12.7 फीसदी बढ़कर 24,384 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल 21,635 करोड़ रुपये थी.
किन वजहों से आए अच्छे नतीजे?
- लोन बुक में मजबूत बढ़ोतरी
- एसेट क्वालिटी में सुधार
- फीस से होने वाली आय में अच्छी वृद्धि
- कम क्रेडिट कॉस्ट
- मजबूत ऑपरेटिंग प्रदर्शन
शेयर पर क्या है राय
सामने आई बड़ी ब्रोकरेज रिपोर्ट्स में ICICI Bank को लेकर रुख पॉजिटिव दिखा है. ज्यादातर ब्रोकरेज ने खरीदने की सलाह दोहराई है, जबकि बर्नस्टीन ने रेटिंग बढ़ाई है. इन रिपोर्टों में बेचने की सलाह नहीं दिखी.
- बर्नस्टीन ने रेटिंग मार्केट-परफॉर्म से बढ़ाकर आउटपरफॉर्म की और 1,800 रुपये का लक्ष्य दिया. यह मौजूदा स्तर से करीब 27 फीसदी बढ़त का संकेत है
- मोतीलाल ओसवाल ने बाय रेटिंग बरकरार रखी और 1,750 रुपये का लक्ष्य दिया. इसमें करीब 21 फीसदी बढ़त की गुंजाइश बताई गई है
- जेएम फाइनेंशियल ने बाय रेटिंग बरकरार रखते हुए लक्ष्य 1,630 रुपये से बढ़ाकर 1,710 रुपये किया. यह करीब 18.4 फीसदी बढ़त का संकेत है
- सेंट्रम ने बाय रेटिंग बरकरार रखी और 1,900 रुपये का लक्ष्य दिया. इसमें करीब 32 फीसदी बढ़त की संभावना बताई गई है
Bernstein ने क्या कहा?
बर्नस्टीन ने कहा कि ICICI Bank फिर से अपने साथियों के मुकाबले तेज बढ़त वाले रास्ते पर लौटता दिख रहा है. ब्रोकरेज के मुताबिक बैंक के खराब कर्ज पर पकड़ बनी हुई है और ब्याज मार्जिन भी टिके हुए हैं. उसका यह भी कहना है कि बैंकिंग सेक्टर का माहौल पहले के मुकाबले बेहतर हुआ है और सरकारी बैंकों से प्रतिस्पर्धा का दबाव कुछ कम पड़ रहा है. बर्नस्टीन ने जोड़ा कि सबसे बड़ा जोखिम बैंक से ज्यादा अर्थव्यवस्था से जुड़ा है.
Motilal Oswal ने क्या कहा?
मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि बैंक ने एक और मजबूत तिमाही दी है. ब्रोकरेज के मुताबिक ब्याज मार्जिन टिके हुए हैं, मुख्य कारोबार से कमाई मजबूत है और खराब कर्ज की स्थिति भी अच्छी है. उसका मानना है कि वित्त वर्ष 2027 तक मार्जिन मोटे तौर पर स्थिर रह सकते हैं. रिपोर्ट में कहा गया कि एक बार की वसूली और नए खराब कर्ज बनने की कम रफ्तार की वजह से प्रावधान उम्मीद से कम रहे, जबकि बैंक ने कर्ज लागत के लिए 50 बेसिस प्वाइंट का सतर्क अनुमान बरकरार रखा है.
JM Financial ने क्या कहा?
जेएम फाइनेंशियल ने कहा कि बड़े निजी बैंकों में आईसीआईसीआई बैंक को ऊंचा मूल्यांकन मिलना चाहिए. ब्रोकरेज के मुताबिक इसकी वजह तेज कर्ज बढ़ोतरी, ब्याज मार्जिन पर मजबूत पकड़ और खराब कर्ज के रुख में मजबूती है. मजबूत कामकाजी प्रदर्शन को देखते हुए उसने वित्त वर्ष 2027 और 2028 के ईपीएस अनुमान 2 से 5 फीसदी बढ़ाए हैं. साथ ही, औसत आरओए करीब 2.3 फीसदी और आरओई करीब 17 फीसदी रहने का अनुमान दिया है.
JM Financial ने क्या कहा?
सेंट्रम ने कहा कि बैंक ने एक और मजबूत तिमाही दी है. ब्रोकरेज ने 19.6 फीसदी सालाना कर्ज बढ़ोतरी को खास बताया, जो 14 तिमाहियों में सबसे तेज रफ्तार है. उसके मुताबिक इसमें बिजनेस बैंकिंग, ग्रामीण कर्ज और घरेलू कॉरपोरेट कर्ज का अच्छा योगदान रहा. सेंट्रम ने यह भी कहा कि खुदरा कर्ज में बैंक अभी संतुलित रुख रख रहा है और बाजार हिस्सेदारी से ज्यादा जोखिम के हिसाब से सही कमाई पर जोर दे रहा है. ब्रोकरेज को उम्मीद है कि कम फंडिंग लागत और बेहतर कर्ज मिश्रण से आगे भी मार्जिन संभले रहेंगे.
जून तिमाही के आंकड़े
- मुख्य कामकाजी मुनाफा 15.6 फीसदी बढ़कर 20,235 करोड़ रुपये रहा. पिछले साल यह 17,505 करोड़ रुपये था
- सहायक कंपनियों से मिले लाभांश को छोड़ दें तो मुख्य कामकाजी मुनाफा 18.3 फीसदी बढ़कर 19,125 करोड़ रुपये रहा
- ट्रेजरी कारोबार को छोड़कर दूसरी आय 16 फीसदी बढ़कर 8,425 करोड़ रुपये रही
- फीस से आय 23.5 फीसदी बढ़कर 7,286 करोड़ रुपये हो गई. इसमें खुदरा, ग्रामीण और बिजनेस बैंकिंग ग्राहकों का हिस्सा करीब 72 फीसदी रहा
- जून के अंत तक कुल कर्ज 19.6 फीसदी सालाना और 5 फीसदी तिमाही आधार पर बढ़कर 16.31 लाख करोड़ रुपये रहा
- बिजनेस बैंकिंग कर्ज 28.2 फीसदी बढ़ा. ग्रामीण पोर्टफोलियो 35.4 फीसदी बढ़ा. घरेलू कॉरपोरेट कर्ज 18.5 फीसदी बढ़ा. खुदरा कर्ज 12 फीसदी बढ़ा
कुल मिलाकर, जून तिमाही में आईसीआईसीआई बैंक ने मुनाफा, ब्याज आय, कर्ज बढ़ोतरी और खराब कर्ज के मोर्चे पर मजबूत प्रदर्शन दिखाया है. इसी वजह से कई ब्रोकरेज ने शेयर पर खरीदने की राय बनाए रखी है या रेटिंग बढ़ाई है. ब्रोकरेज की सिफारिशें उनकी अपनी राय हैं.
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