एसेट मैनेजमेंट सेक्टर की दिग्गज कंपनी ICICI Prudential Asset Management Company (AMC) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1FY27) के शानदार नतीजे जारी किए हैं. अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 23% बढ़कर ₹964.63 करोड़ पहुंच गया. पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹783.64 करोड़ था.कंपनी की ऑपरेशंस से आय (Revenue from Operations) भी मजबूत रही. यह सालाना आधार पर 17.6% बढ़कर ₹1,564.22 करोड़ रही, जो एक साल पहले इसी अवधि में ₹1,330.67 करोड़ थी.
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ऑपरेटिंग प्रदर्शन भी मजबूत
जून तिमाही में कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू करीब 18% बढ़कर ₹1,560 करोड़ रहा, जबकि ऑपरेटिंग प्रॉफिट 20% की बढ़ोतरी के साथ ₹1,100 करोड़ पर पहुंच गया. वहीं, कंपनी की Total Comprehensive Income भी 23.2% बढ़कर ₹959.1 करोड़ हो गई.
AUM में मजबूत बढ़त
ICICI Prudential AMC का क्वार्टरली एवरेज एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (QAAUM) सालाना आधार पर 18.3% बढ़कर ₹11,17,222 करोड़ हो गया. वहीं, एक्टिव म्यूचुअल फंड QAAUM 15.1% बढ़कर ₹9,24,698 करोड़ रहा.कंपनी की इक्विटी और इक्विटी-ओरिएंटेड स्कीम्स का QAAUM ₹6,31,215 करोड़ रहा, जिसमें कंपनी की 14% बाजार हिस्सेदारी दर्ज की गई.
SIP और ग्राहक आधार में भी तेजी
म्यूचुअल फंड में निवेशकों की बढ़ती रुचि का फायदा कंपनी को मिला. जून 2026 में मासिक SIP ट्रांजैक्शन बढ़कर ₹4,872 करोड़ हो गया, जबकि जून 2025 में यह ₹4,245 करोड़ था.कंपनी का ग्राहक आधार भी सालाना आधार पर 15.1% बढ़कर 1.73 करोड़ हो गया.
खर्च भी बढ़े
पहली तिमाही में कंपनी का कुल खर्च बढ़कर ₹464.37 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹415.56 करोड़ था. वहीं, कर्मचारी लाभ (Employee Benefits) पर खर्च 11% बढ़कर ₹204 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले ₹183.72 करोड़ था.
मार्केट शेयर में मजबूत स्थिति
कंपनी के अनुसार, जून 2026 के अंत तक उसके पास कुल म्यूचुअल फंड QAAUM में 13.4% की बाजार हिस्सेदारी रही, जो उद्योग में दूसरी सबसे बड़ी हिस्सेदारी है. वहीं, एक्टिव म्यूचुअल फंड QAAUM में 13.5% की हिस्सेदारी के साथ कंपनी इस श्रेणी में सबसे आगे रही.
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
तिमाही नतीजे बताते हैं कि ICICI Prudential AMC को बढ़ते SIP निवेश, मजबूत इक्विटी फ्लो और ग्राहक आधार के विस्तार का लाभ मिल रहा है. हालांकि, बढ़ते परिचालन खर्च पर भी नजर रखना जरूरी होगा. फिर भी, मुनाफे, राजस्व और AUM में दोहरे अंकों की वृद्धि कंपनी के कारोबार की मजबूती का संकेत देती है.
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