Value Investing को आमतौर पर ऐसी रणनीति माना जाता है, जिसमें अच्छी कंपनियों के शेयर तब खरीदे जाते हैं, जब उनकी बाजार कीमत उनकी अनुमानित असली वैल्यू से कम हो. लेकिन बाजार में हर Value bet तुरंत काम करे, ऐसा जरूरी नहीं है. ICICI Prudential Value Fund का हालिया प्रदर्शन इसी बात की मिसाल है.
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पिछले एक साल में इस फंड ने करीब -1.63% Return दिया है. यानी इस अवधि में Lump Sum निवेश करने वाले निवेशक को नुकसान हुआ होता. हालांकि लंबी अवधि की तस्वीर बिल्कुल अलग है. फंड ने 3 साल में 14.10%, 5 साल में 16.53% और 10 साल में 14.77% का Annualised Return दिया है.
तो आखिर एक लंबे समय से चल रहे Value Fund की Short Term Performance कमजोर क्यों रही? और क्या इसकी वजह Portfolio में Large Cap और Banking Stocks का ज्यादा वजन है?
पहले समझिए ICICI Prudential Value Fund को
ICICI Prudential Value Fund एक Value-oriented Equity Mutual Fund है. इसका पुराना नाम ICICI Prudential Value Discovery Fund था. फंड की रणनीति ऐसी कंपनियों को तलाशने की है, जिनमें मौजूदा Valuation के मुकाबले भविष्य में बेहतर Value Unlock होने की संभावना देखी जाती है.
फंड का AUM करीब ₹61,102 करोड़ है. यानी यह Category का एक बड़ा और पुराना Fund है.
Return में Short Term कमजोरी, Long Term में दम
फंड के अलग-अलग समय के Returns पर नजर डालें तो तस्वीर कुछ ऐसी बनती है.
ICICI Prudential Value Fund: Return की तस्वीर
| अवधि | Annualised Return |
|---|---|
| 1 साल | -1.63% |
| 3 साल | 14.10% |
| 5 साल | 16.53% |
| 10 साल | 14.77% |
यानी पिछले एक साल का प्रदर्शन कमजोर रहा है, लेकिन लंबी अवधि में Fund ने Double-digit Annualised Return दिया है.
फिर भी Value Fund Category के कुछ दूसरे बड़े Funds ने 10 साल में इससे बेहतर Return दिया है.
टॉप Value Funds का 10-Year Return
| Value Fund | 10-Year Annualised Return |
|---|---|
| HSBC Value Fund | 16.38% |
| Bandhan Value Fund | 15.74% |
| JM Value Fund | 15.63% |
| Nippon India Value Fund | 15.47% |
| ICICI Prudential Value Fund | 14.77% |
इस लिहाज से ICICI Prudential Value Fund इस तुलना में सबसे नीचे है.
असली कहानी Portfolio में छिपी है
अब सवाल है कि Fund की हालिया Performance पर दबाव क्यों आया?
Portfolio को देखें तो Banking & Financial Services का इसमें बड़ा हिस्सा है. इसके अलावा Energy, Automobile, Consumer, Healthcare और IT जैसे Sectors में भी निवेश है.
Top Holdings में ICICI Bank, HDFC Bank, Reliance Industries, ITC, Sun Pharma, Infosys, Maruti Suzuki, Hindustan Unilever, TCS और Axis Bank जैसे बड़े नाम शामिल रहे हैं.
यानी Fund का Portfolio काफी हद तक Established Large Cap कंपनियों पर टिका हुआ है.
Banking और Large Cap Exposure बन सकता है वजह
जुलाई 2026 के आसपास Fund के Portfolio में Banking & Financial Services की हिस्सेदारी करीब 30% थी. आसान भाषा में कहें तो हर ₹100 के निवेश में करीब ₹30 इस Sector में था.
इसका फायदा यह है कि Portfolio में बड़े और स्थापित Businesses का वजन रहता है. लेकिन अगर Banking Stocks कमजोर प्रदर्शन करें, तो उसका असर पूरे Fund के Return पर पड़ सकता है.
दूसरी तरफ, अगर Market Rally में Mid Cap और Small Cap Stocks ज्यादा तेजी से भागें, तो Large Cap-heavy Portfolio उस तेजी का पूरा फायदा नहीं उठा पाता.
10 साल की SIP में भी दिखता है फर्क
लंबी अवधि में छोटे Return differences का असर बड़ा हो सकता है. उदाहरण के लिए, अगर पिछले 10 साल तक हर महीने ₹10,000 की SIP की जाती, तो कुल निवेश ₹12 लाख होता.
Illustrative calculation के मुताबिक Corpus करीब इस तरह होता:
₹10,000 Monthly SIP का 10-Year Illustrative Corpus
| Fund | कुल निवेश | अनुमानित Corpus |
|---|---|---|
| HSBC Value Fund | ₹12 लाख | ₹29.4 लाख |
| Bandhan Value Fund | ₹12 लाख | ₹28.3 लाख |
| JM Value Fund | ₹12 लाख | ₹28.1 लाख |
| Nippon India Value Fund | ₹12 लाख | ₹27.8 लाख |
| ICICI Prudential Value Fund | ₹12 लाख | ₹26.6 लाख |
यानी करीब 1-1.5% के Annualised Return का अंतर भी 10 साल में Corpus पर बड़ा असर डाल सकता है.
क्या Value Strategy ही कमजोर पड़ गई है?
जरूरी नहीं. Value Investing में सबसे बड़ी चुनौती Timing की होती है. कोई Stock सस्ता दिख सकता है, लेकिन Market उसकी असली Value को पहचानने में लंबा वक्त ले सकता है.
ICICI Prudential Value Fund के मामले में संभावित दबाव की कुछ वजहें हो सकती हैं:
- Banking & Financial Services में बड़ा Exposure.
- Large Cap Stocks पर ज्यादा निर्भरता.
- Mid और Small Cap Rally को सीमित तरीके से Capture करना.
- कुछ Value Bets के Re-rating में समय लगना.
- Market Leadership का कुछ खास Sectors तक सीमित रहना.
इसलिए सिर्फ एक साल के Negative Return को देखकर Fund को खराब कहना सही तस्वीर नहीं देगा.
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
इस Fund की कहानी फिलहाल Short Term Underperformance बनाम Long Term Track Record की है. 3, 5 और 10 साल के आंकड़े बताते हैं कि लंबी अवधि में Fund ने अच्छा Return दिया है, लेकिन Category के कुछ Competitors ने इससे बेहतर प्रदर्शन किया है.
इसलिए निवेशक को सिर्फ यह नहीं देखना चाहिए कि पिछले एक साल में कितना Return मिला. ज्यादा जरूरी है कि Fund की Strategy, Portfolio और Risk Level उसके अपने Investment Goal और Time Horizon से मेल खाते हैं या नहीं.
आखिर Value Investing का सवाल सिर्फ यह नहीं है कि "शेयर सस्ता है या नहीं?" असली सवाल यह है कि "बाजार उसकी असली Value को कब पहचानता है?"
Mutual fund investments are subject to market risks. Past performance is not indicative of future returns. निवेश से पहले अपने Financial Goals, Risk Appetite और Investment Horizon को ध्यान में रखें.
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