IDFC First Bank Q1 Results: मुनाफा 132% बढ़ा, NII में 21% उछाल, सोमवार को सरपट दौड़ेगा शेयर ?

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• 05:11 PM • 26 Jul 2026

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के जून तिमाही नतीजों में मुनाफा 1075 करोड़ रुपये पहुंचा. एनआईआई, लोन ग्रोथ और एसेट क्वालिटी में सुधार ने निवेशकों का ध्यान खींचा.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

जून तिमाही में ब्याज से कमाई 5972 करोड़ रुपये तक पहुंची

ब्याज मार्जिन बढ़कर 5.96 फीसदी हुआ, जो पिछले साल से ऊपर

कुल ग्राहक कारोबार 18.6 फीसदी बढ़कर 6.04 लाख करोड़ हुआ

प्राइवेट सेक्टर के IDFC First Bank ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून 2026 के नतीजे जारी कर दिए हैं. बैंक के लिए यह तिमाही काफी मजबूत रही है. बैंक के मुनाफे में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है, वहीं कमाई के प्रमुख संकेतक भी बेहतर हुए हैं.

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बैंक का नेट प्रॉफिट एक साल में दोगुने से ज्यादा बढ़कर 1,075 करोड़ रुपये पहुंच गया है. इसके अलावा बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII), लोन ग्रोथ और एसेट क्वालिटी में भी सुधार देखने को मिला है. अब सवाल ये है कि IDFC First Bank के इस शानदार प्रदर्शन के पीछे क्या वजह रही और क्या यह बैंक के लिए एक नए ग्रोथ फेज का संकेत है.

IDFC First Bank का मुनाफा 132% बढ़ा

IDFC First Bank ने जून तिमाही में 1,075 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है. एक साल पहले यानी Q1 FY26 में बैंक का मुनाफा 463 करोड़ रुपये था. इस हिसाब से बैंक के मुनाफे में सालाना आधार पर 132.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. बैंक की कमाई में इस तेज उछाल के पीछे मुख्य वजह मजबूत ब्याज आय, बेहतर ऑपरेटिंग प्रदर्शन और कम प्रोविजनिंग रही है. यानी बैंक को खराब कर्ज के लिए पहले की तुलना में कम पैसा अलग रखना पड़ा, जिसका सीधा फायदा मुनाफे पर देखने को मिला.

NII में 21% की मजबूत ग्रोथ

बैंकिंग सेक्टर में किसी भी बैंक की कमाई का सबसे अहम हिस्सा उसकी नेट इंटरेस्ट इनकम यानी NII होती है. NII बताता है कि बैंक को ब्याज से कितनी कमाई हो रही है और जमा पर दिए जाने वाले ब्याज को घटाने के बाद उसके पास कितना पैसा बच रहा है. IDFC First Bank की NII जून तिमाही में बढ़कर 5,972 करोड़ रुपये हो गई है. एक साल पहले इसी अवधि में बैंक की NII 4,933 करोड़ रुपये थी. यानी सालाना आधार पर NII में 21 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. इसके साथ ही बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन यानी NIM भी बेहतर हुआ है. Q1 FY27 में बैंक का NIM बढ़कर 5.96 फीसदी हो गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 5.71 फीसदी था.

बैंक का कारोबार भी तेजी से बढ़ा

IDFC First Bank के लिए सिर्फ मुनाफा ही नहीं, बल्कि बिजनेस ग्रोथ के आंकड़े भी मजबूत रहे हैं. बैंक का कुल कस्टमर बिजनेस जून 2026 तक बढ़कर 6.04 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है. एक साल पहले यह आंकड़ा 5.10 लाख करोड़ रुपये था. यानी बैंक के कुल कारोबार में सालाना आधार पर 18.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

लोन बुक में 20% से ज्यादा की ग्रोथ

बैंक के लोन और एडवांस में भी अच्छी तेजी देखने को मिली है. IDFC First Bank का लोन पोर्टफोलियो जून तिमाही में 20.6 फीसदी बढ़कर 3.05 लाख करोड़ रुपये हो गया. एक साल पहले बैंक का लोन बुक 2.53 लाख करोड़ रुपये था. बैंक की लोन ग्रोथ में होम लोन, व्हीकल लोन, कॉरपोरेट लोन और कंज्यूमर लोन का बड़ा योगदान रहा. रिटेल, एग्रीकल्चर और MSME यानी RAM पोर्टफोलियो में भी 18.2 फीसदी की सालाना बढ़ोतरी हुई है और यह 2.41 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया. वहीं बैंक का होलसेल लोन पोर्टफोलियो 30.4 फीसदी बढ़कर 64,252 करोड़ रुपये हो गया.

डिपॉजिट में भी मजबूती

किसी भी बैंक के लिए सिर्फ लोन ग्रोथ ही नहीं, बल्कि डिपॉजिट बढ़ना भी बेहद जरूरी होता है. IDFC First Bank के कुल डिपॉजिट जून 2026 तक बढ़कर 2.99 लाख करोड़ रुपये हो गए हैं. एक साल पहले यह आंकड़ा 2.56 लाख करोड़ रुपये था. यानी डिपॉजिट में 16.6 फीसदी की सालाना बढ़ोतरी हुई है. वहीं CASA डिपॉजिट यानी कम लागत वाले जमा में 24.6 फीसदी की मजबूत ग्रोथ देखने को मिली है. CASA डिपॉजिट बढ़ने से बैंक की फंडिंग लागत कम रखने में मदद मिलती है.

खराब कर्ज में सुधार

बैंकिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा नजर एसेट क्वालिटी यानी खराब कर्ज पर रहती है. IDFC First Bank के लिए अच्छी खबर यह रही कि जून तिमाही में बैंक के खराब कर्ज के आंकड़ों में सुधार आया है. बैंक का Gross NPA यानी कुल खराब कर्ज मार्च तिमाही के 1.61 फीसदी से घटकर जून तिमाही में 1.51 फीसदी हो गया. वहीं Net NPA भी 0.48 फीसदी से सुधरकर 0.44 फीसदी पर आ गया. इससे संकेत मिलता है कि बैंक अपनी लोन क्वालिटी को बेहतर तरीके से मैनेज कर रहा है.

प्रोविजनिंग में कमी से मिला फायदा

बैंक की बेहतर प्रॉफिट ग्रोथ में कम प्रोविजनिंग का भी बड़ा योगदान रहा. जून तिमाही में बैंक का प्रोविजन घटकर 1,144 करोड़ रुपये रहा. एक साल पहले इसी अवधि में बैंक ने 1,659 करोड़ रुपये का प्रोविजन किया था. कम प्रोविजनिंग का मतलब है कि बैंक को खराब कर्ज के जोखिम के लिए कम पैसा अलग रखना पड़ा, जिससे मुनाफा बढ़ा.

बैंक का RoA भी हुआ बेहतर

IDFC First Bank का रिटर्न ऑन एसेट यानी RoA भी बेहतर हुआ है. जून तिमाही में बैंक का RoA बढ़कर 1.06 फीसदी हो गया, जबकि एक साल पहले यह 0.54 फीसदी था. वहीं बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 15.05 फीसदी रहा. यह दिखाता है कि बैंक की पूंजी स्थिति भी मजबूत बनी हुई है.

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

IDFC First Bank के MD और CEO वी. वैद्यनाथन ने कहा कि बैंक लगातार मजबूत बिजनेस ग्रोथ बनाए हुए है. उन्होंने बताया कि बैंक ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी फ्रेंचाइजी मजबूत करने के लिए जो निवेश किए थे, अब उनका फायदा ऑपरेटिंग लेवल पर दिखाई देने लगा है. मैनेजमेंट के मुताबिक बेहतर एसेट क्वालिटी, कम प्रोविजनिंग और मजबूत बिजनेस ग्रोथ ने बैंक की प्रॉफिटेबिलिटी को बढ़ाने में मदद की है.

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

IDFC First Bank के Q1 FY27 के नतीजे कई सकारात्मक संकेत दे रहे हैं. मुनाफे में तेज बढ़ोतरी, NII में मजबूती, लोन ग्रोथ और खराब कर्ज में सुधार बैंक की बेहतर स्थिति को दिखाते हैं. हालांकि बैंकिंग सेक्टर में आगे भी कई चुनौतियां बनी रहेंगी. ब्याज दरों का माहौल, क्रेडिट ग्रोथ और लोन की गुणवत्ता जैसे फैक्टर्स पर निवेशकों की नजर रहेगी. कुल मिलाकर IDFC First Bank ने जून तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया है. अब बड़ी चुनौती यह होगी कि बैंक आने वाली तिमाहियों में इस ग्रोथ को कितना बनाए रख पाता है.