विदेशी निवेशकों (FPI) की लगातार बिकवाली से भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बना हुआ है. ऐसे समय में NSE और BSE ने शेयर बाजार में दो नए इंडेक्स लॉन्च किए हैं. इनका मकसद सिर्फ अच्छा रिटर्न देना नहीं, बल्कि ऐसी कंपनियों को बढ़ावा देना है जो अपने कारोबार में नैतिकता और जिम्मेदारी का पालन करती हैं.
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विदेशी निवेशक क्यों निकाल रहे हैं पैसा?
साल 2026 के पहले पांच महीनों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से करीब 2.3 लाख करोड़ रुपये निकाल लिए. ये रकम 2025 में हुई कुल बिकवाली से भी ज्यादा है. इसकी एक बड़ी वजह यह है कि दुनिया भर के निवेशकों का रुझान इस समय ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों की ओर बढ़ा है. वहां AI और सेमीकंडक्टर कंपनियों में तेज़ी देखने को मिल रही है.
कौन-कौन से इंडेक्स लॉन्च हुए?
- BSE Saatvik 100
- Nifty500 Ahimsa Index
दोनों का मकसद ऐसी कंपनियों को चुनना है जो अपने कारोबार में नैतिक मूल्यों का पालन करती हैं. लेकिन कंपनियों को चुनने का तरीका दोनों में अलग-अलग है.
दोनों इंडेक्स में क्या अंतर है?
BSE Saatvik 100 किसी कंपनी के मुख्य कारोबार को देखकर फैसला करता है. अगर कंपनी की आधे से ज्यादा कमाई ऐसे कारोबार से होती है जो तय नियमों के खिलाफ नहीं है, तो उसे इंडेक्स में शामिल किया जा सकता है.वहीं Nifty500 Ahimsa Index कंपनी के पूरे कारोबार की जांच करता है. इसमें सिर्फ कमाई नहीं देखी जाती, बल्कि यह भी देखा जाता है कि कंपनी क्या बनाती है, कैसे काम करती है और उसकी सप्लाई चेन कैसी है. इसके बाद कंपनियों को अलग-अलग श्रेणियों में रखा जाता है और केवल सबसे अच्छी श्रेणी वाली कंपनियों को ही इंडेक्स में जगह मिलती है.
किस इंडेक्स ने दिया बेहतर रिटर्न?
Nifty500 Ahimsa Index ने हर अवधि में BSE Saatvik 100 से बेहतर प्रदर्शन किया है. तीन साल में Ahimsa Index का सालाना औसत रिटर्न 15.68% रहा. वहीं Saatvik 100 का रिटर्न 11.29% रहा. साल 2026 में भी Ahimsa Index में कम गिरावट देखने को मिली.ये आंकड़े Backtesting यानी ऐतिहासिक डेटा के सिमुलेशन पर आधारित हैं.
Ahimsa Index आगे क्यों रहा?
- पहली, यह इंडेक्स कंपनियों की ज्यादा गहराई से जांच करता है, जिससे जोखिम वाली कंपनियां बाहर हो जाती हैं
- दूसरी, इसमें 326 कंपनियां शामिल हैं. इससे मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों का भी फायदा मिलता है
- तीसरी, इसमें किसी एक सेक्टर का दबदबा नहीं है. इसलिए बाजार में उतार-चढ़ाव का असर कम पड़ता है
भारत के लिए क्यों अहम है यह कदम?
दुनिया में अब ऐसे निवेश की मांग बढ़ रही है, जहां सिर्फ कमाई ही नहीं बल्कि कंपनी के काम करने का तरीका भी देखा जाता है.भारत के ये नए इंडेक्स ऐसे विदेशी निवेशकों को आकर्षित कर सकते हैं जो जिम्मेदार और लंबे समय के निवेश की तलाश में हैं.
आगे क्या होगा?
रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले समय में इन इंडेक्स पर आधारित ETF, इंडेक्स फंड और दूसरे निवेश उत्पाद लॉन्च किए जा सकते हैं. अगर ऐसा होता है तो निवेशकों को इन इंडेक्स में सीधे निवेश करने का मौका मिलेगा.
क्या है इसका मतलब?
विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच भारत ने शेयर बाजार में एक नया रास्ता अपनाया है. अगर इन इंडेक्स को निवेशकों का अच्छा साथ मिला और इनके आधार पर नए निवेश उत्पाद आए, तो इससे भारत में विदेशी निवेश बढ़ाने में मदद मिल सकती है. साथ ही निवेशकों को ऐसी कंपनियों में निवेश का मौका मिलेगा जो सिर्फ मुनाफे पर नहीं, बल्कि जिम्मेदार तरीके से कारोबार करने पर भी ध्यान देती हैं.
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