भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रणनीतिक और आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में कई अहम फैसले सामने आए हैं. दोनों देशों ने रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स, साइबर टेक्नोलॉजी और व्यापार जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है. इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों को भारत में निवेश बढ़ाने का न्योता दिया और दोनों देशों के बीच प्रस्तावित Comprehensive Economic Cooperation Agreement यानी CECA को जल्द अंतिम रूप देने की जरूरत पर जोर दिया.
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रक्षा क्षेत्र में सहयोग होगा और मजबूत
बैठक के दौरान रक्षा सहयोग को नई दिशा देने पर विशेष जोर दिया गया. दोनों देशों ने रक्षा स्टार्टअप्स और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए एक Defence Innovation Corridor बनाने पर सहमति जताई. इसका मकसद रक्षा क्षेत्र में नई तकनीकों का विकास, इनोवेशन और संयुक्त उत्पादन को बढ़ावा देना है. आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को भी प्राथमिकता दी गई. दोनों देशों ने काउंटर टेररिज्म के क्षेत्र में समन्वय बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई.इसके अलावा Joint Defence Declaration के जरिए रक्षा उद्योग में सहयोग बढ़ाने और दोनों देशों की सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल यानी Interoperability विकसित करने की दिशा में भी कदम बढ़ाए जाएंगे.
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा पर रहेगा फोकस
भारत और ऑस्ट्रेलिया ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपनी साझेदारी को और मजबूत करने का फैसला किया है. इसके तहत Maritime Security Roadmap तैयार किया जाएगा, जिससे समुद्री गतिविधियों की निगरानी, Maritime Domain Awareness और तटीय सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके.
रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए एक भारतीय सेना अधिकारी को Australian Defence College में भी तैनात किया जाएगा. इसे दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
ऊर्जा सुरक्षा को लेकर कई अहम फैसले
ऊर्जा क्षेत्र भी दोनों देशों की बातचीत का अहम हिस्सा रहा. भारत और ऑस्ट्रेलिया ने ऊर्जा साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई. बैठक के दौरान ऐतिहासिक यूरेनियम समझौते का भी जिक्र हुआ, जिसके जरिए भारत के नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए यूरेनियम की आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में सहयोग बढ़ेगा. इसके अलावा भारत ऑस्ट्रेलिया से LNG, कोयला और डीजल के आयात को भी बढ़ाएगा. इससे भारत को अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने की रणनीति को मजबूती मिलेगी.
क्रिटिकल मिनरल्स और टेक्नोलॉजी में बढ़ेगा सहयोग
बैठक में भविष्य की तकनीकों और महत्वपूर्ण खनिजों को लेकर भी कई अहम फैसले लिए गए. दोनों देशों ने Critical Mineral Corridor विकसित करने पर सहमति जताई. इसका उद्देश्य उन महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई चेन को मजबूत करना है, जिनका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक व्हीकल, सेमीकंडक्टर, बैटरी और हाई-टेक इंडस्ट्री में होता है. इसके अलावा India-Australia PACTS Agreement के तहत साइबर सुरक्षा, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन को अधिक मजबूत और सुरक्षित बनाने के लिए भी सहयोग बढ़ाया जाएगा.
PM मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों को दिया निवेश का न्योता
मेलबर्न में आयोजित Australia-India CEOs Forum और Economic Roadmap Business Event को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों ने मिलकर भविष्य के सहयोग के लिए मजबूत आधार तैयार किया है. उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों से भारत में दीर्घकालिक निवेश करने की अपील की. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत तेज आर्थिक विकास, नीतिगत सुधार, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और इनोवेशन के दम पर वैश्विक निवेश के लिए आकर्षक अवसर प्रदान कर रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत का विशाल बाजार और ऑस्ट्रेलिया की विशेषज्ञता मिलकर दोनों देशों के लिए लाभदायक साझेदारी का आधार बन सकते हैं.
कई क्षेत्रों में दिख रहे नए अवसर
प्रधानमंत्री मोदी ने कारोबार जगत के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के दौरान एविएशन, ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स, फाइनेंशियल सर्विसेज, क्रिटिकल मिनरल्स, टेक्नोलॉजी, फूड प्रोसेसिंग, फूड सिक्योरिटी और स्किल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की. उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग, क्लीन एनर्जी, माइनिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फिनटेक, डिजिटल इकोनॉमी, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे क्षेत्रों में भी ऑस्ट्रेलियाई निवेशकों के लिए बड़े अवसरों का जिक्र किया.
शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट पर भी जोर
प्रधानमंत्री ने भारत में ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों की बढ़ती मौजूदगी का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा, रिसर्च, इनोवेशन और स्किल डेवलपमेंट में गहरा सहयोग दोनों देशों के युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने के साथ-साथ वैश्विक अवसरों का लाभ उठाने में भी मदद करेगा.
CECA को जल्द अंतिम रूप देने की अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के बीच प्रस्तावित Comprehensive Economic Cooperation Agreement यानी CECA को जल्द पूरा करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया. उनका मानना है कि यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को नई गति देगा.
सोशल मीडिया पर भी साझा की जानकारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Australia-India CEOs Forum में शामिल होने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी बैठक की जानकारी साझा की. उन्होंने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ते आर्थिक सहयोग, निवेश और भविष्य के अवसरों को लेकर सकारात्मक संदेश दिया.
क्या होगा इसका असर?
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए ये फैसले सिर्फ रणनीतिक रिश्तों तक सीमित नहीं हैं. रक्षा उत्पादन, ऊर्जा सुरक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स, सेमीकंडक्टर, AI, डिजिटल टेक्नोलॉजी और निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने से दोनों देशों के आर्थिक संबंध और मजबूत हो सकते हैं. साथ ही भारत को ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित करने, नई तकनीकों तक पहुंच बढ़ाने और विदेशी निवेश आकर्षित करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है.
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