दुनिया की राजनीति और कारोबार तेजी से बदल रहे हैं. अमेरिका और चीन के बीच बढ़ती खींचतान, युद्ध, व्यापारिक टकराव और सप्लाई चेन पर दबाव के बीच अब यह सवाल अहम हो गया है कि भारत की भूमिका क्या होगी. महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा का कहना है कि आने वाले समय में भारत दुनिया को जोड़ने वाला भरोसेमंद देश बन सकता है.
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आनंद महिंद्रा ने अपने सालाना पत्र में भारत के लिए कनेक्टर इकोनॉमी का विचार रखा है. उनका मानना है कि भारत सिर्फ बड़ा बाजार बनकर नहीं, बल्कि अलग-अलग देशों, बाजारों और सप्लाई चेन को जोड़ने वाली ताकत बनकर उभर सकता है. इसी के साथ महिंद्रा Grुप ने एआई पर अपने फोकस और मजबूत कारोबारी प्रदर्शन का भी जिक्र किया है.
आनंद महिंद्रा ने क्या कहा
आनंद महिंद्रा ने शेयरधारकों को लिखे सालाना पत्र में कहा कि दुनिया पहले जैसी नहीं रही. उनके मुताबिक अब कई जगह युद्ध चल रहे हैं, कई मोर्चों पर व्यापारिक टकराव है, सप्लाई चेन पर असर दिख रहा है और नई राजनीतिक साझेदारियां भी बन रही हैं. उन्होंने इस दौर को मंथन 2.0 कहा और कहा कि अनिश्चितता अब थोड़े समय की समस्या नहीं, बल्कि नई हकीकत बन चुकी है.
उनके मुताबिक अब दुनिया में अचानक आने वाले संकटों को अपवाद की तरह नहीं, बल्कि सामान्य स्थिति की तरह समझना होगा. आनंद महिंद्रा ने कहा कि ऐसे दौर में भारत बड़ी भूमिका निभा सकता है, क्योंकि वह किसी एक गुट तक सीमित हुए बिना अलग-अलग देशों के साथ संतुलित रिश्ते बनाए हुए है.
भारत की भूमिका क्यों अहम मानी जा रही है
आनंद महिंद्रा के मुताबिक भारत आज अमेरिका, रूस, यूरोप और खाड़ी देशों सभी के साथ अच्छे संबंध रखता है. इसी वजह से भारत ऐसा भरोसेमंद साझेदार बन सकता है, जो दुनिया के अलग-अलग देशों, बाजारों और सप्लाई चेन को जोड़ सके. यही कनेक्टर इकोनॉमी का मतलब है.
ऐसा देश, जिस पर कंपनियां भरोसा कर सकें.ऐसी जगह, जहां निवेश को सुरक्षित माना जाए.ऐसा आधार, जहां से सामान दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में भेजा जा सके.ऐसा साझेदार, जो किसी एक राजनीतिक गुट तक सीमित न हो.
सप्लाई चेन में भारत के लिए मौका
कोरोना महामारी के दौरान दुनिया ने देखा कि अगर किसी एक देश पर बहुत ज्यादा निर्भरता हो जाए, तो पूरी व्यवस्था प्रभावित हो सकती है. इसी वजह से अब कई बड़ी कंपनियां चीन के अलावा दूसरे देशों में भी निवेश बढ़ाना चाहती हैं. आनंद महिंद्रा का मानना है कि भारत इस मौके का फायदा उठा सकता है, और यही वजह है कि पिछले कुछ वर्षों में दुनिया की कई बड़ी कंपनियां भारत में निवेश बढ़ा रही हैं.
महिंद्रा ग्रुप की आगे की तैयारी
महिंद्रा ग्रुप के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ अनीश शाह ने भी अपने पत्र में भविष्य की रणनीति पर बात की. उनके मुताबिक आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई कंपनी की बड़ी ताकत बनेगा. उन्होंने कहा कि महिंद्रा केवल एक विभाग में नहीं, बल्कि पूरे संगठन में एआई का इस्तेमाल बढ़ा रही है.
डॉ अनीश शाह के मुताबिक एआई का उपयोग कई कामों में किया जा रहा है. इसमें फैक्ट्री के काम को बेहतर बनाना, तेजी से फैसले लेना और ग्राहकों को बेहतर सेवा देना शामिल है. कंपनी का मानना है कि आने वाले समय में एआई सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि कारोबार का जरूरी हिस्सा बनने वाला है.
महिंद्रा ग्रुप का प्रदर्शन
कंपनी के मुताबिक वित्त वर्ष 2026 में अब तक महिंद्रा ग्रुप का प्रदर्शन मजबूत रहा है. समूह का कुल राजस्व 1 लाख 98 हजार 639 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 25 प्रतिशत ज्यादा है. वहीं शुद्ध लाभ 17 हजार 99 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो सालाना आधार पर करीब 32 प्रतिशत की बढ़ोतरी है.
एसयूवी बिक्री में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई.कंपनी ने 5 लाख से ज्यादा ट्रैक्टर बेचे.इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर बाजार में कंपनी का हिस्सा करीब 40 प्रतिशत रहा.
इन आंकड़ों से यह भी साफ होता है कि महिंद्रा ग्रुप सिर्फ भविष्य की बात नहीं कर रहा, बल्कि मौजूदा समय में भी मजबूत प्रदर्शन दिखा रहा है. कंपनी एक तरफ नई तकनीक पर जोर दे रही है और दूसरी तरफ अपने मुख्य कारोबार में भी बढ़त बनाए हुए है.
निष्कर्ष
आनंद महिंद्रा का कहना है कि दुनिया तेजी से बदल रही है और पुराने कारोबारी ढांचे में बड़ा बदलाव आ रहा है. ऐसे समय में भारत के पास कनेक्टर इकोनॉमी बनने का बड़ा मौका है, यानी ऐसा देश बनने का मौका जो अलग-अलग देशों, बाजारों और सप्लाई चेन को जोड़ सके. दूसरी तरफ महिंद्रा ग्रुप एआई और कारोबार विस्तार पर जोर देकर खुद भी इसी बदलते दौर की तैयारी कर रहा है.
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