भारत का फॉरेक्स रिजर्व 10.5 अरब डॉलर बढ़ा, क्या रुपये को मिलेगी राहत

चिराग ठाकुर

• 12:52 PM • 08 Aug 2026

आरबीआई के ताजा आंकड़ों में भारत का फॉरेक्स रिजर्व 692.866 अरब डॉलर पहुंच गया है. जानिए दो हफ्तों की तेज बढ़त, सोने की मजबूती और रुपये पर असर.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

दो हफ्तों में भंडार करीब 16.63 अरब डॉलर बढ़कर मजबूत हुआ

सबसे बड़ा इजाफा विदेशी मुद्रा संपत्तियों में हुआ, जो 564.68 अरब डॉलर पहुंचीं

सोने के भंडार की कीमत भी बढ़ी, जिससे कुल ताकत सुधरी

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार के मोर्चे पर एक बार फिर राहत की खबर सामने आई है. पिछले कुछ महीनों में रुपये पर दबाव, डॉलर की मजबूती और वेस्ट एशिया में तनाव ने विदेशी मुद्रा बाजार में RBI की चुनौती बढ़ाई थी. ऐसे माहौल में केंद्रीय बैंक को रुपये को सहारा देने के लिए बाजार में हस्तक्षेप करना पड़ा था. इसका असर देश के फॉरेक्स रिजर्व पर भी देखने को मिला.

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लेकिन अब तस्वीर बदलती नजर आ रही है. भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार दूसरे सप्ताह बढ़ा है और इस बार इसमें 10 अरब डॉलर से ज्यादा का उछाल आया है.

एक हफ्ते में करीब 1 लाख करोड़ रुपये बढ़ा रिजर्व

RBI के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 31 जुलाई 2026 को खत्म सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 10.512 अरब डॉलर बढ़कर 692.866 अरब डॉलर हो गया. भारतीय मुद्रा में देखें तो यह रकम करीब 66.09 लाख करोड़ रुपये है.

इससे पहले वाले सप्ताह में भी फॉरेक्स रिजर्व में 6.118 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई थी. यानी सिर्फ दो हफ्तों में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में करीब 16.63 अरब डॉलर, यानी लगभग 1.6 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है.

पॉइंटर.

  • एक हफ्ते में बढ़ा: $10.512 अरब.

  • कुल फॉरेक्स रिजर्व: $692.866 अरब.

  • दो हफ्तों में बढ़ोतरी: $16.63 अरब.

  • रुपये में दो हफ्तों का इजाफा: करीब ₹1.6 लाख करोड़.

रिजर्व में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी कहां हुई

विदेशी मुद्रा भंडार में इस बार सबसे बड़ा योगदान Foreign Currency Assets यानी FCA का रहा है. RBI के आंकड़ों के मुताबिक, FCA में 8.75 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई और यह बढ़कर 564.68 अरब डॉलर हो गया.

FCA भारत के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा है. इसमें अमेरिकी डॉलर के साथ यूरो, ब्रिटिश पाउंड और जापानी येन जैसी प्रमुख विदेशी मुद्राएं भी शामिल होती हैं. इसलिए इन मुद्राओं की कीमतों में बदलाव का असर भी FCA की कुल वैल्यू पर पड़ता है.

पॉइंटर.

  • FCA बढ़ा: $8.75 अरब.

  • नया FCA रिजर्व: $564.68 अरब.

  • विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा.

सोने ने भी दिया रिजर्व को सहारा

भारत के गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में भी अच्छी बढ़ोतरी हुई है. 31 जुलाई को खत्म सप्ताह में गोल्ड रिजर्व की वैल्यू 1.685 अरब डॉलर बढ़कर 104.743 अरब डॉलर हो गई. यानी करीब 16 हजार करोड़ रुपये का इजाफा.

इसके अलावा Special Drawing Rights यानी SDR में 48 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई और यह 18.666 अरब डॉलर पर पहुंच गया. IMF के पास भारत की रिजर्व पोजिशन भी 28 मिलियन डॉलर बढ़कर 4.778 अरब डॉलर हो गई.

विदेशी मुद्रा की बढ़ती आवक भी अहम

फॉरेक्स रिजर्व में इस तेजी के पीछे विदेशी मुद्रा की बढ़ती आवक भी एक अहम वजह है. सरकार और RBI ने देश में विदेशी मुद्रा का प्रवाह बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं. इनमें FCNR(B) से जुड़े उपाय भी शामिल हैं.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन उपायों के जरिए अब तक करीब 32 अरब डॉलर, यानी लगभग 3 लाख करोड़ रुपये का फॉरेक्स फ्लो देश में आया है. आसान भाषा में समझें तो विदेशों से भारत में आने वाली विदेशी मुद्रा बढ़ी है, जिससे देश की विदेशी मुद्रा स्थिति को सपोर्ट मिला है.

रिकॉर्ड हाई से अभी भी पीछे

हालांकि, भारत का मौजूदा फॉरेक्स रिजर्व अभी अपने रिकॉर्ड स्तर तक नहीं पहुंचा है. 27 फरवरी 2026 को भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 728.494 अरब डॉलर के ऑल टाइम हाई पर था.

मौजूदा रिजर्व 692.866 अरब डॉलर है, यानी रिकॉर्ड हाई से करीब 35.6 अरब डॉलर कम.

रुपये के लिए क्यों जरूरी है मजबूत फॉरेक्स रिजर्व

विदेशी मुद्रा भंडार सिर्फ RBI के पास जमा डॉलर और दूसरी विदेशी संपत्तियों का आंकड़ा नहीं है. यह भारत के लिए एक तरह का इकोनॉमिक सेफ्टी कुशन भी है. अगर डॉलर की मांग अचानक बढ़ती है, रुपये पर दबाव आता है या ग्लोबल मार्केट में कोई बड़ा संकट पैदा होता है, तो RBI अपने विदेशी मुद्रा भंडार का इस्तेमाल बाजार में हस्तक्षेप के लिए कर सकता है.

इसलिए लगातार दूसरे हफ्ते फॉरेक्स रिजर्व में हुई बड़ी बढ़ोतरी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए राहत का संकेत है. अब आगे नजर डॉलर की चाल, कच्चे तेल की कीमतों, ग्लोबल तनाव और RBI की रणनीति पर रहेगी.