India-UK FTA लागू, अब क्या होगा सस्ता और किसे मिलेगा फायदा? आसान भाषा में समझिए भारत-ब्रिटेन की ऐतिहासिक ट्रेड डी

तनीषा त्यागी

• 03:57 PM • 15 Jul 2026

भारत-यूके एफटीए लागू होने से स्कॉच व्हिस्की, लग्जरी कार और कुछ ब्यूटी प्रोडक्ट सस्ते हो सकते हैं. भारतीय कपड़े, जूते और जूलरी को ब्रिटेन में राहत मिलेगी.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

आज से लागू हुआ India-UK Free Trade Agreement

व्हिस्की, लग्जरी कारें और कॉस्मेटिक्स होंगे सस्ते

भारत के 99% उत्पाद UK में ड्यूटी फ्री पहुंचेंगे

घरेलू कंपनियों के लिए बढ़ेगी विदेशी प्रतिस्पर्धा

India-UK FTA : 15 जुलाई 2026 से भारत और ब्रिटेन के बीच Free Trade Agreement (FTA) आधिकारिक तौर पर लागू हो गया है. लंबे समय से जिस व्यापार समझौते का इंतजार किया जा रहा था, वह अब प्रभावी हो चुका है. इस समझौते का सीधा असर दोनों देशों के बीच होने वाले आयात और निर्यात पर पड़ेगा.

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FTA लागू होने के बाद कई उत्पादों पर लगने वाले आयात शुल्क यानी टैरिफ में बड़ी कटौती की जाएगी. इसका असर यह होगा कि ब्रिटेन से भारत आने वाले कई सामान सस्ते हो सकते हैं. वहीं भारत से ब्रिटेन जाने वाले अधिकतर उत्पादों को भी बड़ी राहत मिलेगी. यह समझौता सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर उपभोक्ताओं, उद्योगों, निर्यातकों और कई कारोबारी क्षेत्रों पर भी दिखाई देगा.

FTA क्या होता है और इससे क्या बदलता है?

Free Trade Agreement यानी FTA दो देशों के बीच होने वाला ऐसा समझौता है, जिसके तहत दोनों देश आपसी व्यापार को आसान बनाने के लिए कई उत्पादों पर लगने वाले आयात शुल्क को कम या समाप्त कर देते हैं. जब किसी उत्पाद पर लगने वाला टैक्स कम होता है, तो उस उत्पाद की लागत भी घटती है. इससे कंपनियों के लिए व्यापार करना आसान होता है और उपभोक्ताओं को भी कई सामान कम कीमत पर मिल सकते हैं. India-UK FTA का मकसद भी दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाना, कारोबार को आसान बनाना और निवेश के नए अवसर तैयार करना है.

भारत में कौन-कौन से सामान सस्ते हो सकते हैं?

इस समझौते के लागू होने के बाद कई ब्रिटिश उत्पादों की कीमतों में धीरे-धीरे कमी देखने को मिल सकती है. हालांकि सभी बदलाव एक साथ नहीं होंगे. कई उत्पादों पर टैरिफ तुरंत घटेगा, जबकि कुछ पर चरणबद्ध तरीके से कमी आएगी.

स्कॉच व्हिस्की पर सबसे बड़ा असर

ब्रिटेन से भारत आने वाली स्कॉच व्हिस्की पर अभी तक 150% तक आयात शुल्क लगाया जाता था. FTA के तहत इस शुल्क को धीरे-धीरे कम करके 40% तक लाया जाएगा. इसका मतलब है कि आने वाले वर्षों में ब्रिटिश स्कॉच व्हिस्की पहले की तुलना में काफी किफायती हो सकती है.

लग्जरी कारें भी होंगी सस्ती

ब्रिटेन से आने वाली कई प्रीमियम कारों को भी इस समझौते का फायदा मिलेगा. Jaguar, Land Rover, Rolls Royce, Aston Martin और Defender जैसे ब्रांड्स पर लगने वाला आयात शुल्क 100% से घटाकर 10% तक लाया जाएगा. हालांकि यह व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से लागू होगी. शुरुआती दौर में सीमित संख्या में कारों को कम शुल्क पर आयात करने की अनुमति होगी. इसका असर यह हो सकता है कि आने वाले समय में इन लग्जरी कारों की कीमतों में कमी देखने को मिले.

ब्यूटी और कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स भी होंगे किफायती

ब्रिटेन से आने वाले कई ब्यूटी और कॉस्मेटिक उत्पादों पर लगने वाले टैरिफ में भी कटौती की जाएगी. इससे विदेशी मेकअप, स्किनकेयर और अन्य ब्यूटी प्रोडक्ट्स पहले की तुलना में कम कीमत पर उपलब्ध हो सकते हैं.

फूड प्रोडक्ट्स पर भी असर

समझौते के बाद ब्रिटेन से आने वाले कई खाद्य उत्पादों को भी राहत मिलेगी. चॉकलेट्स, बिस्किट्स, सॉफ्ट ड्रिंक्स और कुछ अन्य फूड प्रोडक्ट्स की कीमतों में भी समय के साथ कमी देखने को मिल सकती है.

भारत को इस डील से क्या फायदा होगा?

यह समझौता सिर्फ ब्रिटिश कंपनियों के लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय उद्योगों के लिए भी बड़ा अवसर लेकर आया है. FTA लागू होने के बाद भारत से ब्रिटेन भेजे जाने वाले लगभग 99% उत्पाद Zero Duty यानी बिना आयात शुल्क के ब्रिटिश बाजार में पहुंच सकेंगे. इससे भारतीय उत्पाद वहां पहले की तुलना में अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे. कम कीमत होने से भारतीय सामान की मांग बढ़ने की संभावना भी मजबूत होगी.

किन सेक्टरों को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा?

इस समझौते से भारत के कई प्रमुख उद्योगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है.

इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं.

  • टेक्सटाइल उद्योग
  • गारमेंट सेक्टर
  • फुटवियर उद्योग
  • लेदर उद्योग
  • जेम्स एंड ज्वेलरी कारोबार
  • मरीन प्रोडक्ट्स
  • कई खाद्य उत्पाद बनाने वाली कंपनियां

पहले इन उत्पादों पर ब्रिटेन में 8% से 12% तक आयात शुल्क लगता था. अब अधिकतर उत्पाद बिना शुल्क के ब्रिटेन पहुंच सकेंगे. इससे भारतीय निर्यातकों के लिए ब्रिटिश बाजार में प्रतिस्पर्धा करना आसान हो सकता है.

आम उपभोक्ताओं पर क्या असर पड़ेगा?

अगर ब्रिटेन से आने वाले उत्पाद सस्ते होते हैं, तो भारतीय ग्राहकों को अधिक विकल्प मिल सकते हैं. कई प्रीमियम उत्पाद पहले की तुलना में कम कीमत पर उपलब्ध हो सकते हैं. दूसरी ओर अगर भारतीय निर्यात बढ़ता है, तो देश में उत्पादन बढ़ने, नए निवेश आने और रोजगार के अवसर बनने की संभावना भी मजबूत होगी.

क्या इस डील के कुछ नुकसान भी हैं?

हर व्यापार समझौते की तरह इस समझौते का दूसरा पक्ष भी है. जब विदेशी उत्पाद कम कीमत पर भारतीय बाजार में आएंगे, तो घरेलू कंपनियों के सामने प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है. खासकर वे कंपनियां जो प्रीमियम ब्यूटी प्रोडक्ट्स, महंगे फूड प्रोडक्ट्स या विदेशी ब्रांड्स से मुकाबला करती हैं, उन्हें अपनी गुणवत्ता और कीमत दोनों पर अधिक ध्यान देना होगा. अगर भारतीय कंपनियां प्रतिस्पर्धा के अनुसार खुद को नहीं बदलतीं, तो उनके बाजार हिस्से पर असर पड़ सकता है.

क्या सभी सामान तुरंत सस्ते हो जाएंगे?

इस समझौते को लेकर सबसे बड़ी गलतफहमी यही है कि इसके लागू होते ही हर ब्रिटिश उत्पाद सस्ता हो जाएगा. ऐसा नहीं है. कई उत्पादों पर टैरिफ में कटौती तुरंत लागू होगी, जबकि कई वस्तुओं पर यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से कई वर्षों में पूरी होगी. इसलिए कीमतों में बदलाव भी धीरे-धीरे दिखाई देगा.

भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह समझौता?

India-UK Free Trade Agreement भारत के लिए सिर्फ एक व्यापारिक समझौता नहीं है, बल्कि वैश्विक बाजार में अपनी पहुंच मजबूत करने का अवसर भी है. अगर भारतीय उद्योग इस अवसर का सही इस्तेमाल करते हैं, तो निर्यात बढ़ सकता है, विदेशी मुद्रा आय बढ़ सकती है और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है. वहीं दूसरी ओर घरेलू उद्योगों को बढ़ती प्रतिस्पर्धा के लिए खुद को और मजबूत बनाना होगा.

निष्कर्ष

India-UK Free Trade Agreement लागू होने के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार पहले की तुलना में आसान और कम लागत वाला हो जाएगा. भारत में कई ब्रिटिश उत्पादों की कीमतों में राहत मिलने की संभावना है, जबकि भारतीय कंपनियों को ब्रिटेन के बड़े बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी. हालांकि इस समझौते का पूरा असर एक दिन में नहीं दिखेगा. टैरिफ में कटौती और कीमतों में बदलाव चरणबद्ध तरीके से सामने आएंगे. कुल मिलाकर यह समझौता भारत के लिए नए व्यापारिक अवसर लेकर आया है, लेकिन इसका पूरा लाभ उठाने के लिए भारतीय उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप खुद को लगातार मजबूत करना होगा.