भारतीय रेलवे ने यात्रियों और उद्योगों दोनों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए कई बड़े सुधारों का ऐलान किया है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को बताया कि रेलवे इस साल 52 बड़े सुधार लागू करने की योजना पर काम कर रहा है. इन बदलावों का मकसद रेलवे परियोजनाओं को समय पर पूरा करना, माल ढुलाई को तेज करना और रेलवे सेवाओं को अधिक आधुनिक बनाना है.रेल मंत्रालय का मानना है कि इन सुधारों का फायदा सीधे तौर पर यात्रियों को भी मिलेगा. जब रेलवे परियोजनाएं समय पर पूरी होंगी और मालगाड़ियों का संचालन बेहतर होगा, तो यात्री ट्रेनों के संचालन पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा.
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यात्रियों को कैसे होगा फायदा?
रेलवे का कहना है कि निर्माण कार्यों में तेजी आने से नई रेल लाइनें, स्टेशन और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं समय पर पूरी होंगी. इससे ट्रेनों का संचालन बेहतर होगा और भविष्य में यात्रियों को अधिक सुविधाएं मिल सकेंगी.इसके अलावा मालगाड़ियों के संचालन में सुधार होने से रेलवे नेटवर्क पर दबाव कम होगा, जिससे यात्री ट्रेनों की समयबद्धता (Punctuality) में भी सुधार आने की उम्मीद है.
ठेकेदारों के लिए सख्त नियम
रेलवे ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुधारने के लिए ठेकेदारों के नियम भी सख्त कर दिए हैं.काम शुरू होने से पहले 10% शुरुआती सुरक्षा राशि जमा करनी होगी.जिन ठेकेदारों पर उनकी वित्तीय क्षमता के 50% से ज्यादा मुकदमे चल रहे हैं, वे रेलवे के टेंडर में हिस्सा नहीं ले सकेंगे.परियोजनाओं के लिए प्रोफेशनल और ऑल-रिस्क इंश्योरेंस भी अनिवार्य किया गया है.रेल मंत्री के मुताबिक, इससे केवल गंभीर और सक्षम कंपनियां ही रेलवे परियोजनाओं में काम कर सकेंगी.
उद्योग अब खुद डिजाइन कर सकेंगे माल डिब्बे
रेलवे ने उद्योगों को अपनी जरूरत के हिसाब से माल ढुलाई के डिब्बों (वैगन) का डिजाइन तैयार करने की अनुमति दे दी है.हालांकि, इन डिजाइनों को रेलवे के RDSO (Research Designs and Standards Organisation) से मंजूरी मिलने के बाद ही इस्तेमाल किया जा सकेगा.
फ्लाई ऐश और दूसरे सामान की होगी कंटेनर से ढुलाई
रेलवे ने फ्लाई ऐश, पेट्रोलियम उत्पाद, खाद और कृषि उत्पादों की कंटेनर के जरिए ढुलाई को बढ़ावा देने का फैसला किया है.
रेल मंत्रालय का कहना है कि इससे
- प्रदूषण कम होगा
- सामान की सुरक्षा बढ़ेगी
- ढुलाई आसान होगी
- परिवहन लागत कम हो सकती है
- कंटेनर ट्रेन ऑपरेटरों के लिए आसान नियम
कंटेनर ट्रेनों के लिए नियम आसान
- पूरे देश के लिए एक ही लाइसेंस होगा
- रजिस्ट्रेशन फीस ₹25 करोड़ तय की गई है
- 20 साल तक सफल संचालन के बाद लाइसेंस नवीनीकरण शुल्क नहीं देना होगा
- रेलवे परियोजनाओं में प्रशिक्षित कामगार
रेल मंत्रालय ने रेलवे निर्माण परियोजनाओं के लिए कौशल प्रमाणन (Skill Certification) की नई व्यवस्था शुरू की है.इसके तहत वेल्डिंग, प्लंबिंग, चिनाई और कंक्रीट टेस्टिंग जैसे काम करने वाले श्रमिकों को प्रशिक्षण और प्रमाणन दिया जाएगा. मंत्रालय का लक्ष्य अगले 24 महीनों में इसे सभी प्रमुख परियोजनाओं में लागू करना है.
जमीन अधिग्रहण होगा तेज
रेलवे ने रेल भूमि पोर्टल भी शुरू किया है.
सरकार का दावा है कि इससे जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में 30% से 40% तक समय की बचत हो सकती है, जिससे रेलवे परियोजनाएं तेजी से पूरी होंगी.
क्या है सरकार का मकसद?
रेल मंत्रालय का कहना है कि इन सुधारों का उद्देश्य रेलवे को अधिक आधुनिक, तेज और भरोसेमंद बनाना है. सरकार को उम्मीद है कि इससे निर्माण कार्यों में तेजी आएगी, उद्योगों की भागीदारी बढ़ेगी और यात्रियों को बेहतर रेल सेवाएं मिलेंगी.
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