IndiGo की फ्लाइट्स 10,000 रुपये तक महंगी, घरेलू और इंटरनेशनल उड़ानों पर देना होगा ज्यादा फ्यूल चार्ज

संदीप शर्मा

05 Oct 2026 (अपडेटेड: Oct 5 2026 7:19 PM)

इंडिगो एयरलाइंस ने विमान ईंधन (ATF) के दाम बढ़ने के कारण अपनी घरेलू और इंटरनेशनल उड़ानों पर फ्यूल चार्ज बढ़ा दिया है. पिछले एक दशक में ATF की कीमतें अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं. ये बढ़ोतरी 6 अक्टूबर 2026 से होने वाली सभी नई बुकिंग पर लागू होगी।

NewsTak
Google CTA
▌

न्यूज़ हाइलाइट्स

इंडिगो ने सभी तरह की फ्लाइट्स पर फ्यूल चार्ज बढ़ाया

नई दरें 6 अक्टूबर से लागू होंगी

फ्यूल चार्ज में 375 रुपये से 10,000 रुपये तक बढ़ोतरी

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो अब अपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल चार्ज बढ़ाने जा रही है. कंपनी ने 5 अक्टूबर को जारी बयान में बताया कि विमान ईंधन यानी ATF की कीमतें लगातार चढ़ रही हैं, इसलिए यह कदम उठाना पड़ा.

Read more!

किन टिकटों पर लगेगा नया चार्ज?

बढ़ा हुआ चार्ज 6 अक्टूबर 2026 से की गई सभी नई बुकिंग पर लागू होगा. यानी जिन यात्रियों ने पहले से टिकट बुक कर रखा है, उन पर इसका असर नहीं पड़ेगा.

कंपनी ने क्यों बढ़ाया चार्ज?

इंडिगो के मुताबिक पिछले कुछ महीनों से कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है. ईरान युद्ध का कोई हल अब तक नहीं निकला है, जिससे हालात और अनिश्चित हैं. कंपनी ने कहा कि ईंधन की कीमतों में हर महीने लगातार बढ़ोतरी हो रही है, और ताजा महीने में यह बढ़ोतरी 14 प्रतिशत से भी ज्यादा रही. इससे एटीएफ की कीमत पिछले दस साल के सबसे ऊंचे स्तरों में पहुंच गई है. एयरलाइन के कुल खर्च में ईंधन की हिस्सेदारी बड़ी होती है, इसलिए इसका असर इंडिगो समेत सभी एयरलाइनों की लागत और नेटवर्क पर पड़ेगा.

घरेलू उड़ानों पर कितना चार्ज?

दूरी फ्यूल चार्ज
500 किमी तक 375 रुपये
501 से 1,000 किमी 600 रुपये
1,001 से 1,500 किमी 900 रुपये
1,501 से 2,000 किमी 1150 रुपये
2,000 किमी से ज्यादा 1300 रुपये

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर कितना चार्ज?

क्षेत्र फ्यूल चार्ज
सार्क क्षेत्र में 500 किमी तक 1,000 रुपये
सार्क क्षेत्र में 500 किमी से ज्यादा 3,000 रुपये
दक्षिण-पूर्व एशिया, खाड़ी देश 5500 रुपये
अफ्रीका  6000 रुपये
यूरोप 10,000 रुपये

"ग्राहकों पर असर कम रखने की कोशिश"

इंडिगो का कहना है कि बढ़ी हुई ईंधन लागत की पूरी भरपाई के लिए चार्ज में इससे कहीं ज्यादा बढ़ोतरी करनी पड़ती. लेकिन कंपनी ने सोच-समझकर सीमित और अपेक्षाकृत मामूली बढ़ोतरी की है, ताकि यात्रियों पर बोझ कम से कम पड़े.