Indo-MIM की शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री, 45% प्रीमियम पर लिस्ट, IPO निवेशकों की हुई मोटी कमाई

संदीप शर्मा

• 11:33 AM • 30 Jul 2026

इंडो एमआईएम ने 44.95 फीसदी प्रीमियम पर बाजार में एंट्री की. 98.47 गुना भरे आईपीओ, मजबूत कमाई और कर्ज घटाने की साफ योजना ने निवेशकों का ध्यान खींचा.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

Indo-MIM की 45% प्रीमियम पर दमदार लिस्टिंग, BSE पर ₹703 पर खुला शेयर

IPO को 98.47 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, QIB कैटेगरी 296.13 गुना भरी गई

FY26 में कंपनी का मुनाफा 25.9% बढ़कर ₹533.54 करोड़ और आय 28.1% बढ़ी

प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपोनेंट्स बनाने वाली Indo-MIM ने शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की है. कंपनी के शेयर गुरुवार को BSE पर 703 रुपये और NSE पर 700 रुपये पर लिस्ट हुए. यानी 485 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले शेयर 45% प्रीमियम पर लिस्ट हुआ. इस तरह IPO में निवेश करने वाले निवेशकों को पहले ही दिन प्रति शेयर 215 रुपये से 218 रुपये का फायदा मिला.

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IPO को अच्छा रिस्पॉन्स मिला था

Indo-MIM का 3,811.21 करोड़ रुपये का IPO 23 जुलाई से 27 जुलाई तक खुला था. इस इश्यू को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला और यह कुल 98.47 गुना सब्सक्राइब हुआ. इसमें सबसे ज्यादा दिलचस्पी संस्थागत निवेशकों (QIB) ने दिखाई, जिनका हिस्सा 296.13 गुना सब्सक्राइब हुआ. वहीं, NII कैटेगरी 50.63 गुना और रिटेल निवेशकों का हिस्सा 6.67 गुना भरा गया. IPO से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से भी 1,140.99 करोड़ रुपये जुटाए थे. इश्यू का प्राइस बैंड 461 रुपये से 485 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था.

IPO से जुटाई गई रकम का क्या करेगी कंपनी?

फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम में से 400 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी अपने कर्ज को चुकाने या कम करने में करेगी. बाकी राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों और कारोबार के विस्तार में किया जाएगा.

जुटाई गई रकम का कहां इस्तेमाल होगा?

नए शेयर जारी करने से मिली रकम में से 400 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कुछ बकाया कर्ज चुकाने या पहले से चुकाने में किया जाएगा. बाकी रकम का उपयोग सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए होगा, जिससे कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत करने और आगे के विस्तार में मदद मिलेगी.

क्या करती है Indo-MIM?

साल 1996 में स्थापित Indo-MIM दुनिया की प्रमुख Metal Injection Molding (MIM) तकनीक आधारित प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपोनेंट्स बनाने वाली कंपनियों में शामिल है. कंपनी ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस, डिफेंस, मेडिकल डिवाइस और कंज्यूमर गुड्स जैसे कई सेक्टरों को उत्पाद सप्लाई करती है. MIM के अलावा कंपनी इन्वेस्टमेंट कास्टिंग, प्रिसिजन मशीनिंग, सिरेमिक इंजेक्शन मोल्डिंग और 3D मेटल प्रिंटिंग जैसे क्षेत्रों में भी काम करती है.

कैसा रहा कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन?

  • वित्त वर्ष 2025-26 में Indo-MIM का प्रदर्शन मजबूत रहा
  • कुल आय 28.1% बढ़कर 4,320.70 करोड़ रुपये रही
  • शुद्ध मुनाफा (PAT) 25.9% बढ़कर 533.54 करोड़ रुपये पहुंच गया
  •  कंपनी ने FY26 में 6,400 से ज्यादा प्रोडक्ट्स का निर्माण किया

विशेषज्ञ की राय 

कांतिलाल छगनलाल सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड में रिसर्च और कारोबार विकास विभाग के उपाध्यक्ष महेश एम ओझा ने कहा कि जिन निवेशकों को शेयर मिले हैं, वे कंपनी की बढ़ने की क्षमता को देखते हुए इसे लंबी अवधि के लिए रखने पर विचार कर सकते हैं.

डिस्क्लेमर: ये केवल जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से बनाया गया है. इसमें दी गई राय, ब्रोकरेज रिपोर्ट और आंकड़े सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं. यह किसी भी शेयर में खरीदने या बेचने की सलाह नहीं है. शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है. निवेश का कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें.