देश की दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस के दूसरी तिमाही के नतीजे सामने आ गए हैं. कंपनी का मुनाफा और रेवेन्यू दोनों बढ़े हैं, लेकिन आने वाले समय में कारोबार की रफ्तार को लेकर चिंता बढ़ गई है. इंफोसिस ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान घटा दिया है. इसके बाद अमेरिका में कंपनी के ADR करीब 8 फीसदी तक गिर गए. इससे निवेशकों की चिंता बढ़ने का संकेत मिलता है.
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Q2 में मुनाफा अनुमान से कमजोर
इंफोसिस का जुलाई-सितंबर तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 6 फीसदी बढ़कर 7,823 करोड़ रुपये हो गया. पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 7,364 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था.वहीं, कंपनी की ऑपरेशनल रेवेन्यू 11 फीसदी बढ़कर 49,244 करोड़ रुपये पहुंच गई. जून तिमाही के मुकाबले मुनाफे में 0.7 फीसदी और रेवेन्यू में 2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई.हालांकि, मुनाफे की ग्रोथ बाजार के अनुमान से कम रही. विश्लेषकों को उम्मीद थी कि कंपनी का मुनाफा करीब 8 फीसदी बढ़ेगा.
ग्रोथ का अनुमान घटाने से बढ़ी चिंता
इंफोसिस ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कॉन्स्टेंट करेंसी आधार पर रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान घटाकर 1 से 2 फीसदी कर दिया है. इससे पहले कंपनी ने 1.5 से 3 फीसदी ग्रोथ का अनुमान दिया था.कंपनी के मुताबिक, आईटी सेवाओं की मांग का माहौल चुनौतीपूर्ण बना हुआ है. ऐसे में कंपनियां तकनीक पर खर्च करने को लेकर सावधानी बरत रही हैं. इसका असर आईटी कंपनियों की नई डील और कमाई की रफ्तार पर पड़ सकता है.यही वजह है कि अच्छे तिमाही नतीजों के बावजूद निवेशक कंपनी के भविष्य के कारोबार को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं.
Infosys के ADR 8% तक गिरे
इंफोसिस के नतीजों के बाद अमेरिका में कंपनी के ADR करीब 8 फीसदी तक गिर गए. ADR यानी अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट के जरिए अमेरिकी बाजार में विदेशी कंपनियों के शेयरों में कारोबार होता है.रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान घटाना निवेशकों के लिए चिंता की वजह बना. इसका संकेत है कि कंपनी को आने वाली तिमाहियों में कारोबार बढ़ाने के लिए चुनौतीपूर्ण माहौल का सामना करना पड़ सकता है.हालांकि, ADR में गिरावट और भारतीय शेयर बाजार में Infosys के शेयर की चाल अलग-अलग हो सकती है. दोनों बाजारों में कारोबार के समय और निवेशकों की प्रतिक्रिया का असर पड़ता है.
AI कारोबार में 29 फीसदी की तेजी
एक तरफ कंपनी ने ग्रोथ का अनुमान घटाया है, तो दूसरी तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से होने वाली कमाई में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की है.सितंबर तिमाही में AI सेवाओं से कंपनी का रेवेन्यू पिछली तिमाही के मुकाबले 29 फीसदी बढ़ा. कंपनी की कुल कमाई में AI कारोबार की हिस्सेदारी 10.5 फीसदी रही.कंपनी का मानना है कि AI को अपनाने वाली कंपनियों की बढ़ती संख्या से इस कारोबार को आगे फायदा मिल सकता है. ऑटोमेशन और कामकाज की उत्पादकता बढ़ाने के लिए कंपनियां AI सेवाओं का इस्तेमाल बढ़ा रही हैं.
5.2 अरब डॉलर की बड़ी डील मिली
Infosys ने दूसरी तिमाही में 5.2 अरब डॉलर की बड़ी डील हासिल की. इसमें 2 अरब डॉलर से ज्यादा की एक बड़ी डील भी शामिल है. कंपनी के मुताबिक, कुल बड़ी डील के कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू में 62 फीसदी हिस्सा नए कारोबार का रहा.कंपनी के CEO और MD सलिल पारेख ने कहा कि बड़ी डील से बाजार में Infosys की स्थिति और ग्राहकों के भरोसे का पता चलता है.हालांकि, इन डील का फायदा कंपनी की कमाई में कितनी तेजी से दिखाई देता है, यह आने वाली तिमाहियों में देखने वाली बात होगी.
कुछ कारोबार में तेजी, कुछ में गिरावट
कंपनी के अलग-अलग कारोबार में मिला-जुला प्रदर्शन देखने को मिला. लाइफ साइंसेज सेगमेंट में कॉन्स्टेंट करेंसी आधार पर सालाना 32.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. एनर्जी, यूटिलिटी और संबंधित सेवाओं में 7.3 फीसदी ग्रोथ दर्ज की गई.दूसरी तरफ, हाई-टेक कारोबार में 17.3 फीसदी और रिटेल कारोबार में 7.7 फीसदी की गिरावट आई. मैन्युफैक्चरिंग सेगमेंट का रेवेन्यू भी 0.7 फीसदी घटा.भौगोलिक आधार पर यूरोप में 4.6 फीसदी ग्रोथ रही, जबकि कंपनी के कुल रेवेन्यू में 54.6 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाले नॉर्थ अमेरिका में 1.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई.
26 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान
Infosys ने शेयरधारकों के लिए 26 रुपये प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है. कंपनी ने इसके लिए 3 नवंबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है.सितंबर तिमाही में कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन 21 फीसदी रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के बराबर है. वहीं, कंपनी के पास सितंबर के अंत में 45,232 करोड़ रुपये की नकदी और निवेश थे.
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
इंफोसिस के नतीजों में पॉजिटिव और निगेटिव, दोनों संकेत हैं. कंपनी का मुनाफा बढ़ा है, AI कारोबार में तेजी आई है और बड़ी डील भी मिली हैं. लेकिन रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान घटाना और उत्तरी अमेरिकी बाजार में कमजोरी चिंता बढ़ा रही है.आगे निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि आईटी सेवाओं की मांग में कब सुधार आता है और कंपनी अपनी बड़ी डील को कितनी तेजी से कमाई में बदल पाती है. फिलहाल, कंपनी के मजबूत AI कारोबार और बड़ी डील के साथ धीमी ग्रोथ के संकेतों के बीच निवेशकों को आगे के प्रदर्शन पर नजर रखनी होगी.
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