अब ITR की ITR Filing Deadline 2026: 31 जुलाई या 31 अगस्त? जानिए आपके लिए कौन-सी आखिरी तारीख हैखिरी तारीख सबके लिए एक जैसी नहीं, पहले अपनी कैटेगरी जानें

चिराग ठाकुर

10 Jul 2026 (अपडेटेड: Jul 10 2026 8:40 PM)

ITR भरने से पहले अपनी सही कैटेगरी और फॉर्म जरूर जांच लें. अब 31 जुलाई और 31 अगस्त की अलग डेडलाइन लागू है. गलत तारीख मानने पर आखिरी समय में परेशानी हो सकती है.

NewsTak
Google CTA

न्यूज़ हाइलाइट्स

अब ITR की तारीख कैटेगरी और फॉर्म के हिसाब से तय होगी

सैलरी वाले, पेंशनर और ITR-1, ITR-2 भरने वालों की सीमा 31 जुलाई

फ्रीलांसर, कंसल्टेंट और ITR-3, ITR-4 भरने वालों को 31 अगस्त तक समय

इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR भरने का सीजन शुरू हो चुका है. लेकिन इस बार एक बड़ा बदलाव किया गया है. अब सभी टैक्सपेयर्स के लिए ITR भरने की आखिरी तारीख एक जैसी नहीं रहेगी. इस बार आपकी डेडलाइन इस बात पर निर्भर करेगी कि आप किस तरह के टैक्सपेयर हैं और कौन सा ITR फॉर्म भर रहे हैं. अगर आप बिना सही जानकारी के पुरानी डेडलाइन मानकर चलते हैं, तो आखिरी समय में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए रिटर्न फाइल करने से पहले यह जानना जरूरी है कि आपके लिए आखिरी तारीख 31 जुलाई है या 31 अगस्त.

Read more!

Budget 2026 के बाद बदला ITR फाइलिंग का शेड्यूल

Budget 2026 के तहत असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ITR फाइलिंग का नया शेड्यूल लागू किया गया है. पहले जहां ज्यादातर टैक्सपेयर्स के लिए एक ही डेडलाइन होती थी, वहीं अब अलग-अलग श्रेणी के टैक्सपेयर्स के लिए अलग-अलग अंतिम तारीख तय की गई है.

सरकार का उद्देश्य अलग-अलग कैटेगरी के रिटर्न को अलग समय पर प्रोसेस करना है, ताकि एक साथ बहुत ज्यादा रिटर्न दाखिल होने का दबाव कम हो और पूरी प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित तरीके से पूरी हो सके.

किन लोगों को 31 जुलाई 2026 तक ITR भरना होगा

अगर आप सैलरी पाने वाले कर्मचारी हैं, पेंशनर हैं या फिर Financial Year 2025-26 की आय के लिए ITR-1 या ITR-2 फाइल कर रहे हैं, तो आपको अपना इनकम टैक्स रिटर्न 31 जुलाई 2026 तक दाखिल करना होगा.

यानी इस श्रेणी के टैक्सपेयर्स के लिए जुलाई के आखिर तक रिटर्न भरना जरूरी रहेगा.

किन टैक्सपेयर्स को मिली 31 अगस्त 2026 तक की राहत

कुछ टैक्सपेयर्स को इस बार अतिरिक्त समय दिया गया है. इसमें फ्रीलांसर, कंसल्टेंट, सेल्फ-एम्प्लॉयड प्रोफेशनल, प्रोप्राइटर, पार्टनर और ITR-3 या ITR-4 फाइल करने वाले लोग शामिल हैं.

इसके अलावा Presumptive Taxation Scheme का विकल्प चुनने वाले ऐसे टैक्सपेयर्स, जिन्हें टैक्स ऑडिट की जरूरत नहीं है, वे भी 31 अगस्त 2026 तक अपना रिटर्न दाखिल कर सकते हैं.

इस तरह इन कैटेगरी के लोगों को रिटर्न फाइल करने के लिए एक महीने का अतिरिक्त समय मिलेगा.

सही ITR फॉर्म की पहचान करना सबसे जरूरी

नई व्यवस्था में सबसे अहम बात यह है कि पहले यह तय किया जाए कि आपके लिए कौन सा ITR फॉर्म लागू होता है. क्योंकि अब उसी के आधार पर आपकी अंतिम तारीख भी तय होगी.

अगर कोई टैक्सपेयर गलत डेडलाइन मानकर चलता है, तो वह अनजाने में तय समय सीमा से चूक सकता है.

आखिरी समय का इंतजार क्यों नहीं करना चाहिए

भले ही आपके पास 31 जुलाई तक का समय हो या 31 अगस्त तक का, रिटर्न को आखिरी दिन तक टालना समझदारी नहीं मानी जाती. समय रहते ITR फाइल करने से जल्दबाजी से बचा जा सकता है. साथ ही रिटर्न को ध्यान से जांचने और जरूरत पड़ने पर बाद में उसमें सुधार करने का भी पर्याप्त समय मिल जाता है. इसके अलावा समय पर रिटर्न दाखिल करने से अनावश्यक देरी, संभावित पेनल्टी और फाइलिंग के दौरान होने वाली गलतियों से भी बचा जा सकता है.

इस बार पहले अपनी डेडलाइन जानें, फिर ITR भरें

ITR फाइलिंग के इस नए सिस्टम में सबसे पहला कदम अपनी टैक्सपेयर कैटेगरी और सही ITR फॉर्म की पहचान करना है. इसके बाद उसी के अनुसार अपनी अंतिम तारीख तय करें. अगर आप सैलरीड कर्मचारी, पेंशनर या ITR-1 अथवा ITR-2 फाइल करने वाले हैं, तो आपके लिए अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 है.वहीं फ्रीलांसर, कंसल्टेंट, सेल्फ-एम्प्लॉयड प्रोफेशनल, प्रोप्राइटर, पार्टनर या ITR-3 और ITR-4 फाइल करने वाले, जिन पर टैक्स ऑडिट लागू नहीं होता, वे 31 अगस्त 2026 तक अपना ITR दाखिल कर सकते हैं.