Jindal SAW Q1 Results: मुनाफा 75% गिरा, कंपनी की कमाई बढ़ी, जानिए Q1 नतीजों में क्या रहा खास

संदीप शर्मा

• 05:49 PM • 14 Jul 2026

जिंदल सॉ की पहली तिमाही में आमदनी बढ़ी, लेकिन मुनाफा, एबिटडा और मार्जिन में तेज गिरावट दिखी. जानिए शेयर की चाल, कर खर्च और पूरे नतीजों की बड़ी बातें.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

मुनाफा 75% घटकर 104.2 करोड़ रहा

रेवेन्यू 9% बढ़कर ₹4,452 करोड़ पहुंचा

EBITDA 40.8% गिरा और मार्जिन 16.41% से घटकर 8.91%

आयरन और स्टील सेक्टर की कंपनी Jindal SAW Ltd. ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं. कंपनी का शुद्ध मुनाफा (Net Profit) सालाना आधार पर 75% गिरकर ₹104.2 करोड़ रह गया. पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने ₹424 करोड़ का मुनाफा कमाया था. हालांकि, कंपनी की कमाई (Revenue) में बढ़ोतरी देखने को मिली है. पहली तिमाही में कंपनी का राजस्व 9% बढ़कर ₹4,452 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में ₹4,085 करोड़ था.

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तिमाही नतीजों में क्या रहा?

मुनाफा 104.2 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 424 करोड़ रुपये था.कुल आमदनी 9 फीसदी बढ़कर 4,452 करोड़ रुपये पहुंची, जो एक साल पहले 4,085 करोड़ रुपये थी. ऑपरेटिंग प्रॉफिट 40.8 फीसदी घटकर 397 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 670 करोड़ रुपये था.ऑपरेटिंग मार्जिन 16.41 फीसदी से घटकर 8.91 फीसदी रह गया.कंपनी पर जून तिमाही में ₹52.1 करोड़ का टैक्स भुगतान किया जबकि पिछले साल इसी अवधि में ₹41.2 करोड़ का टैक्स क्रेडिट मिला था. इसका असर भी कंपनी के मुनाफे पर पड़ा.

शेयर में कैसी चाल रही

नतीजों से पहले Jindal SAW का शेयर 3.20 फीसदी गिरकर 260 रुपये पर बंद हुआ. बीते 6 महीने में इस शेयर ने 62 फीसदी का रिटर्न निवेशकों को दिया है. 1 साल में ये शेयर 15 फीसदी चढ़ा है.कुल मिलाकर, जिंदल सॉ की पहली तिमाही में आमदनी बढ़ी, लेकिन शुद्ध मुनाफा, कामकाजी आय और मार्जिन में कमजोरी दिखी. 

कंपनी की वैल्यूएशन

फिलहाल Jindal SAW का मार्केट कैप ₹13,288 करोड़ के करीब है. कंपनी का P/E Ratio 9.21 है, जो सेक्टर के कई शेयरों के मुकाबले अपेक्षाकृत कम माना जाता है. हालांकि किसी भी निवेश का फैसला केवल P/E के आधार पर नहीं करना चाहिए. कंपनी की कमाई, मार्जिन और भविष्य की ग्रोथ पर भी नजर रखना जरूरी है.

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

इस तिमाही के नतीजे मिले-जुले रहे हैं. एक ओर कंपनी की बिक्री बढ़ी है, जो मांग मजबूत रहने का संकेत देती है. दूसरी ओर मुनाफा, EBITDA और मार्जिन में तेज गिरावट चिंता बढ़ाती है.अब बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाली तिमाहियों में कंपनी अपने ऑपरेटिंग मार्जिन और मुनाफे में सुधार कर पाती है या नहीं. अगर लागत पर काबू किया जाता है और प्रॉफिटेबिलिटी सुधरती है तो शेयर को सहारा मिल सकता है. अगर मार्जिन पर दबाव बना रहता है, तो शेयर में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है.