रिलायंस इंडस्ट्रीज के जून तिमाही नतीजों में सिर्फ कमाई और मुनाफे के आंकड़े नहीं हैं. इन नतीजों से यह भी साफ होता है कि कंपनी डिजिटल कारोबार और रोजमर्रा के सामान के बाजार में तेजी से आगे बढ़ रही है. सबसे बड़ा अपडेट जियो के आईपीओ को लेकर आया है. वहीं दूसरी तरफ रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स का कारोबार, खासकर कैंपा कोला और इंडिपेंडेंस जैसे ब्रांड, तेज रफ्तार से बढ़ते दिखे हैं.
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जियो आईपीओ पर बड़ा अपडेट
मुकेश अंबानी ने कहा है कि जियो प्लेटफॉर्म्स अब शेयर बाजार में लिस्ट होने की दिशा में एक बड़ा कदम आगे बढ़ चुका है. कंपनी ने सेबी के पास डीआरएचपी दाखिल कर दिया है.
आसान भाषा में कहें तो जब कोई कंपनी पहली बार शेयर बेचकर आईपीओ लाना चाहती है, तो उसे अपने कारोबार और वित्तीय हालत से जुड़ा एक बड़ा दस्तावेज सेबी को देना होता है. जियो के मामले में यह प्रक्रिया अब शुरू हो चुकी है.
मुकेश अंबानी के मुताबिक, जियो का आईपीओ कंपनी के इतिहास का बड़ा पड़ाव होगा. उनका कहना है कि इससे आम निवेशकों को भारत की डिजिटल बढ़त का हिस्सा बनने का मौका मिलेगा.
जियो के कारोबार की तस्वीर
अप्रैल से जून तिमाही में जियो प्लेटफॉर्म्स का मुनाफा 7,764 करोड़ रुपये रहा. यह पिछले साल के मुकाबले करीब 9 प्रतिशत ज्यादा है.
कंपनी की ऑपरेटिंग कमाई 12 प्रतिशत बढ़कर 39,173 करोड़ रुपये पहुंच गई. कंपनी के मुताबिक, इसके पीछे नए ग्राहकों का जुड़ना, प्रति ग्राहक कमाई बढ़ना और डिजिटल सेवाओं का विस्तार बड़ी वजह रहे.
तिमाही मुनाफा 7,764 करोड़ रुपये रहा.ऑपरेटिंग कमाई 39,173 करोड़ रुपये रही.कमाई में सालाना बढ़त 12 प्रतिशत रही.
हालांकि मुनाफे की रफ्तार एबिट्डा के मुकाबले थोड़ी कम रही. कंपनी के अनुसार, 5जी नेटवर्क पर बड़े निवेश के बाद घिसावट खर्च और वित्त लागत बढ़ने से इसका असर दिखा.
प्रति ग्राहक कमाई और डेटा इस्तेमाल
जियो का एआरपीयू बढ़कर 215.6 रुपये हो गया. इसका मतलब है कि कंपनी अब हर ग्राहक से पहले के मुकाबले ज्यादा कमाई कर रही है.
कंपनी ने कहा कि बेहतर ग्राहक प्रोफाइल और मौसमी मांग इसकी बड़ी वजह रही. हालांकि कुछ प्रचार ऑफर की वजह से इसका असर थोड़ा कम भी हुआ.
डेटा इस्तेमाल भी मजबूत रहा. हर जियो ग्राहक अब औसतन 43.7 जीबी डेटा हर महीने इस्तेमाल कर रहा है. वहीं कुल डेटा ट्रैफिक 27 प्रतिशत बढ़ गया.
ग्राहक आधार में बढ़त
जियो के साथ 89 लाख नए ग्राहक जुड़े. साथ ही ग्राहक छोड़कर जाने की दर घटकर 1.6 प्रतिशत रह गई. इसका मतलब है कि ज्यादा लोग जियो के साथ बने हुए हैं.
89 लाख नए ग्राहक जुड़े.ग्राहक छोड़ने की दर 1.6 प्रतिशत रही.डेटा ट्रैफिक 27 प्रतिशत बढ़ा.
रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की तेज बढ़त
रिलायंस का दूसरा बड़ा दांव कंज्यूमर प्रोडक्ट्स कारोबार है. यही कारोबार कैंपा कोला, इंडिपेंडेंस और दूसरे रोजमर्रा के ब्रांड बेचता है. इस तिमाही में इस कारोबार ने तेज बढ़त दिखाई.
कंपनी की ग्रॉस कमाई 8,600 करोड़ रुपये से ज्यादा रही. यह पिछले साल के मुकाबले 2.1 गुना ज्यादा है.
इंडिपेंडेंस ब्रांड का प्रदर्शन
दाल, चावल, आटा और दूसरे जरूरी सामान बेचने वाले इंडिपेंडेंस ब्रांड ने अकेले करीब 3,200 करोड़ रुपये की बिक्री की. कंपनी का दावा है कि इंडिपेंडेंस को 2026-27 के सबसे भरोसेमंद भारतीय ब्रांड्स में शामिल किया गया है.
कैंपा कोला पर बाजार की नजर
रिलायंस के मुताबिक, कैंपा समेत पूरे पेय कारोबार ने करीब 2,900 करोड़ रुपये की बिक्री की. कंपनी ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 की कुल बिक्री का 50 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा सिर्फ पहली तिमाही में ही हासिल हो गया.
कंपनी के अनुसार, इससे यह संकेत मिलता है कि कैंपा की मांग उम्मीद से ज्यादा मजबूत रही. रिलायंस ने यह भी कहा कि कई राज्यों में उसे दो अंकों वाला बाजार हिस्सा मिला है.
पेय कारोबार की बिक्री करीब 2,900 करोड़ रुपये रही.वित्त वर्ष 2026 की कुल बिक्री का 50 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा पहली तिमाही में आया.कई राज्यों में दो अंकों वाला बाजार हिस्सा मिलने का दावा किया गया.
तेजी के पीछे क्या है वजह
रिलायंस कंज्यूमर की बढ़त के पीछे सबसे बड़ी वजह उसका वितरण जाल बताया जा रहा है. कंपनी के पास अब 5,000 से ज्यादा वितरक हैं. उसके उत्पाद 30 लाख से ज्यादा दुकानों तक पहुंच चुके हैं.
इसका मतलब है कि कंपनी अब सिर्फ अपने रिटेल स्टोर पर निर्भर नहीं है. वह किराना दुकानों और सामान्य व्यापार के जरिए देश भर में तेजी से पहुंच बना रही है.
विदेशों में भी बढ़ती मौजूदगी
रिलायंस कंज्यूमर अब 40 से ज्यादा देशों में मौजूदगी दर्ज करा चुकी है. इससे यह साफ है that company? Wait cannot English. Need correct.
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