मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO को लेकर निवेशकों में जबरदस्त दिलचस्पी दिख रही है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी को अब तक 20 अरब डॉलर से ज्यादा की संभावित बोलियां मिल चुकी हैं. Fidelity, Allianz और Capital Group जैसे बड़े विदेशी निवेशकों ने भी इसमें दिलचस्पी दिखाई है. अगर सब कुछ तय योजना के मुताबिक रहा, तो ये भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा IPO बन सकता है.
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30,200 करोड़ जुटाने की तैयारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जियो इस IPO से करीब 30,200 करोड़ रुपये जुटा सकती है. ये रकम साल 2024 में आए Hyundai Motor के 27,900 करोड़ रुपये के IPO से ज्यादा होगी. हालांकि, यह सब अभी रिपोर्ट्स पर आधारित है. कंपनी की तरफ से प्राइस बैंड और इश्यू के अंतिम आकार की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है. एंकर निवेशकों की अंतिम सूची भी अभी तय नहीं हुई है.
कितनी हो सकती है वैल्यूएशन?
शेयर का प्राइस बैंड 1,065 से 1,119 रुपये के बीच रह सकता है. इस हिसाब से कंपनी की वैल्यूएशन करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये होगी, यानी लगभग 106 अरब डॉलर. पहले जियो की वैल्यूएशन को लेकर इससे कहीं बड़े अनुमान थे और कुछ अनुमान 170 अरब डॉलर तक गए थे. ऐसे में मौजूदा आंकड़ा उससे कम है, फिर भी यह देश के सबसे बड़े इश्यू में गिना जाएगा.
IPO की संभावित तारीखें?
IPO की तारीखें भी करीब आ गई हैं. एंकर निवेशकों के लिए इश्यू 19 अक्टूबर को और आम निवेशकों के लिए 21 अक्टूबर से खुलने की उम्मीद है. लेकिन ये तारीखें कंपनी की आधिकारिक घोषणा नहीं हैं, इसलिए अंतिम पुष्टि का इंतजार करना होगा.
जियो प्लेटफॉर्म्स क्या करती है?
जियो सिर्फ मोबाइल नेटवर्क की कंपनी नहीं है. इसके कारोबार में मोबाइल सेवाओं के साथ ब्रॉडबैंड, डिजिटल सेवाएं, एंटरटेनमेंट, क्लाउड, एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी शामिल हैं. रिलायंस इंडस्ट्रीज इसे एक बड़े टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म के रूप में पेश कर रही है. कंपनी के मैनेजमेंट की जिम्मेदारी मुकेश अंबानी के बेटे आकाश अंबानी संभालते हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, आकाश और ईशा अंबानी ने इस IPO के लिए विदेशों में निवेशकों से मुलाकात भी की है.
पुराने निवेशकों को नहीं रकम
जियो का IPO पूरी तरह नए शेयरों का इश्यू यानी फ्रेश इश्यू बताया जा रहा है. ड्राफ्ट पेपर के मुताबिक, इसमें पुराने निवेशकों के अपने शेयर बेचने की योजना नहीं है. इसका मतलब है कि IPO से जुटाई गई रकम सीधे कंपनी के पास जाएगी. जियो के पुराने निवेशकों में मेटा, गूगल, मुबाडाला और सऊदी अरब का पब्लिक इंवेस्टमेंट फंड शामिल हैं.
ग्रे मार्केट में भी हलचल
IPO से पहले अनौपचारिक ग्रे मार्केट में भी हलचल है. रिपोर्ट के मुताबिक, शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम 170 से 180 रुपये के बीच चल रहा है. ये ऊपरी प्राइस बैंड से करीब 15 से 16 फीसदी ज्यादा है. लेकिन ग्रे मार्केट कोई आधिकारिक बाजार नहीं है. यहां भाव तेजी से बदल सकते हैं और इसे लिस्टिंग पर मुनाफे की गारंटी नहीं माना जा सकता.
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