Jio IPO vs Bharti Airtel : Reliance Jio Platforms का IPO निवेशकों के लिए बड़ा मौका हो सकता है, लेकिन क्या इसकी वैल्यूएशन के मुकाबले Bharti Airtel का शेयर ज्यादा आकर्षक है? प्रस्तावित ₹30,213 करोड़ के IPO से पहले जानिए Jio और Airtel के P/E, EV/EBITDA, ARPU और ग्रोथ की संभावनाओं में कितना अंतर है. रिलायंस इंडस्ट्रीज के टेलीकॉम और डिजिटल कारोबार Jio Platforms के IPO को लेकर निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं. प्रस्तावित इश्यू 21 अक्टूबर 2026 को खुलने वाला है. करीब ₹30,213 करोड़ के इस IPO में 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जाने की योजना है. अगर यह इश्यू तय योजना के मुताबिक पूरा होता है, तो यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO होगा और 2024 में Hyundai Motor India के बनाए रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देगा. हालांकि, निवेशकों के सामने सवाल सिर्फ IPO में आवेदन करने का नहीं है. उन्हें यह भी देखना है कि Jio की प्रस्तावित वैल्यूएशन कितनी आकर्षक है और क्या पहले से शेयर बाजार में लिस्टेड Bharti Airtel में निवेश करना बेहतर विकल्प हो सकता है.
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Jio IPO की वैल्यूएशन कितनी है?
प्रस्तावित प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर ₹1,119 प्रति शेयर पर Jio Platforms का P/E यानी प्राइस-टू-अर्निंग्स रेशियो वित्त वर्ष 2025-26 की कमाई के आधार पर करीब 33.3 गुना बताया गया है. P/E रेशियो से यह समझने में मदद मिलती है कि निवेशक कंपनी की कमाई के मुकाबले कितनी कीमत चुका रहे हैं. दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, Bharti Airtel का P/E रेशियो करीब 40.71 गुना है. इस लिहाज से Jio का P/E, Airtel से कम है. लेकिन सिर्फ P/E के आधार पर निवेश का फैसला करना सही नहीं होगा. कंपनी की ग्रोथ, मुनाफा, कर्ज, कैश फ्लो और शेयर की मौजूदा कीमत भी देखना जरूरी है. Swastika Investmart के मुताबिक, Jio का EV/EBITDA रेशियो करीब 12 गुना है. ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की बाजार में मजबूत मौजूदगी, EBITDA में दोहरे अंकों की ग्रोथ और होम ब्रॉडबैंड कारोबार के विस्तार को देखते हुए यह वैल्यूएशन उचित हो सकती है. दूसरी ओर, Jio की वैल्यूएशन Airtel के भारतीय कारोबार के मुकाबले करीब 15 से 17 फीसदी प्रीमियम पर बताई गई है. ऐसे में निवेशकों को यह समझना होगा कि Jio की ग्रोथ की संभावनाएं इस अतिरिक्त वैल्यूएशन को सही ठहरा सकती हैं या नहीं.
EV/EBITDA में Airtel को बढ़त
Jio और Airtel की तुलना के लिए EV/EBITDA भी एक अहम पैमाना है. यह कंपनी की कुल कारोबारी वैल्यू की तुलना उसके EBITDA से करता है. EBITDA का इस्तेमाल कारोबार की कमाई को समझने के लिए किया जाता है, हालांकि यह कंपनी के वास्तविक कैश फ्लो के बराबर नहीं होता. Mastertrust के चीफ रिसर्च ऑफिसर रवि सिंह के मुताबिक, Jio का फॉरवर्ड EV/EBITDA करीब 10.9 गुना और Airtel का करीब 9.2 गुना अनुमानित है. इस आधार पर Airtel की वैल्यूएशन अपेक्षाकृत कम दिखाई देती है. हालांकि, दोनों कंपनियों के नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और अकाउंटिंग के तरीकों में अंतर के कारण इस अनुपात की तुलना सावधानी से करनी चाहिए. Choice Capital के डायरेक्टर रतिराज तिब्रेवाल के मुताबिक, Jio की प्रस्तावित वैल्यूएशन पर तत्काल बड़ा फायदा मिलने की गुंजाइश सीमित हो सकती है. कंपनी में निवेश का मामला आने वाले वर्षों में कमाई बढ़ाने, कैश फ्लो बेहतर करने और 5G, ब्रॉडबैंड तथा डिजिटल सेवाओं से ज्यादा राजस्व हासिल करने पर निर्भर करेगा.
Airtel का ARPU ज्यादा, Jio को ग्रोथ का फायदा
Jio और Airtel के कारोबार को समझने के लिए ARPU यानी Average Revenue Per User भी अहम है. यह बताता है कि कंपनी को एक ग्राहक से औसतन कितनी कमाई होती है. रवि सिंह के मुताबिक, Bharti Airtel का ARPU करीब ₹264 है, जबकि Jio का ARPU करीब ₹216 है. यानी दिए गए आंकड़ों के आधार पर Airtel अपने प्रत्येक ग्राहक से औसतन ज्यादा कमाई कर रहा है. Airtel को रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड यानी ROCE के मामले में भी बढ़त बताई गई है. यह अनुपात दिखाता है कि कंपनी कारोबार में लगाई गई पूंजी का इस्तेमाल करके कितना रिटर्न हासिल कर रही है.
दूसरी ओर, Jio के पास बड़ा ग्राहक आधार और डिजिटल कारोबार के विस्तार का अवसर है. कंपनी 5G सेवाओं, घरों तक ब्रॉडबैंड पहुंचाने और डिजिटल व AI आधारित सेवाओं से अपनी कमाई बढ़ाने की कोशिश कर सकती है. दोनों कंपनियों के लिए भविष्य में टैरिफ बढ़ोतरी भी अहम होगी. मोबाइल प्लान की कीमतों में बढ़ोतरी से प्रति ग्राहक कमाई बढ़ सकती है, लेकिन इसका वास्तविक फायदा इस बात पर निर्भर करेगा कि ग्राहक महंगे प्लान को कितना स्वीकार करते हैं और कंपनियां अपने ग्राहकों को बनाए रखने में कितनी सफल रहती हैं.
Jio IPO में लिस्टिंग गेन की कितनी संभावना?
Jio के IPO को लेकर निवेशकों के बीच संभावित लिस्टिंग गेन की चर्चा भी अहम है. लेकिन किसी IPO के बड़े आकार या लोकप्रिय ब्रांड होने से लिस्टिंग के दिन मुनाफा मिलने की गारंटी नहीं होती. लिस्टिंग के समय शेयर की कीमत निवेशकों की मांग, IPO की वैल्यूएशन, बाजार के माहौल और कंपनी की वित्तीय संभावनाओं जैसे कारकों से प्रभावित होगी. इसलिए निवेशकों को सिर्फ संभावित लिस्टिंग गेन पर ध्यान देने के बजाय यह भी देखना चाहिए कि कंपनी लंबे समय में अपनी कमाई कितनी बढ़ा सकती है. IPO में निवेश से पहले अंतिम प्राइस बैंड, कंपनी के वित्तीय विवरण, कर्ज, जोखिम और इश्यू से मिलने वाली रकम के इस्तेमाल की जानकारी पढ़ना जरूरी है.
Jio IPO या Bharti Airtel के शेयर: किसमें निवेश बेहतर?
रतिराज तिब्रेवाल के मुताबिक, Jio में निवेश का आकर्षण उसके बड़े डिजिटल इकोसिस्टम, 5G, ब्रॉडबैंड और AI आधारित सेवाओं में कमाई बढ़ाने की क्षमता है. हालांकि, इसके लिए कंपनी को लगातार कमाई बढ़ानी होगी, कर्ज घटाने पर काम करना होगा और नेटवर्क में किए गए निवेश से बेहतर रिटर्न हासिल करना होगा. वहीं, रवि सिंह लंबे समय के निवेश के लिहाज से Bharti Airtel को ज्यादा आकर्षक मानते हैं. उनके मुताबिक, Airtel का ARPU ज्यादा है, प्रीमियम ग्राहकों पर उसकी पकड़ मजबूत है और उसका EV/EBITDA रेशियो Jio के मुकाबले कम है. इसका मतलब यह नहीं है कि Airtel का शेयर हर निवेशक के लिए बेहतर होगा या Jio में ग्रोथ की संभावना नहीं है. दोनों कंपनियों की निवेश संबंधी कहानी अलग है. Jio के लिए डिजिटल कारोबार और नेटवर्क का विस्तार कमाई बढ़ाने का मौका है, जबकि Airtel के लिए मजबूत ARPU और स्थापित कारोबार अहम ताकत हैं.
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