मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। और अगर आप शेयर बाजार या IPO में दिलचस्पी रखते हैं, तो ये खबर आपके लिए काफी अहम हो सकती है। क्योंकि जिस IPO का निवेशक काफी समय से इंतजार कर रहे हैं, वो अब एक कदम और करीब पहुंच गया है। जी हां, हम बात कर रहे हैं Jio Platforms के IPO की। खबर है कि Jio Platforms को अपने IPO के लिए बाजार नियामक SEBI यानी Securities and Exchange Board of India से मंजूरी मिल गई है।
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आसान भाषा में समझिए
Jio Platforms ने कुछ समय पहले IPO के लिए अपने कागजात SEBI के पास जमा किए थे। SEBI की तरफ से मंजूरी मिलने के बाद कंपनी अब शेयर बाजार में लिस्ट होने की दिशा में आगे बढ़ सकती है। और सबसे बड़ी बात—इस IPO से करीब 37,700 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी है।
अगर ये योजना इसी आकार में आती है, तो Jio का IPO भारत के सबसे बड़े IPO में शामिल हो सकता है। अब यहां एक सवाल उठता है कि आखिर Jio Platforms कितनी बड़ी कंपनी मानी जा रही है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक इस IPO के जरिए Jio Platforms की वैल्यू करीब 9.5 लाख करोड़ रुपये यानी लगभग 9.5 ट्रिलियन रुपये आंकी जा सकती है।
यानी एक ऐसी कंपनी जो कुछ साल पहले ही टेलीकॉम और डिजिटल दुनिया में तेजी से उभरी और अब इतनी बड़ी वैल्यूएशन के साथ शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है।
IPO की टाइमलाइन
Jio Platforms ने 19 जून को अपना DRHP यानी Draft Red Herring Prospectus SEBI के पास दाखिल किया था। DRHP को आसान भाषा में कंपनी का IPO वाला पूरा परिचय-पत्र समझिए। इसमें कंपनी निवेशकों को बताती है कि उसका कारोबार क्या है, कंपनी कितनी बड़ी है, पैसा कहां से आता है, IPO से कितना पैसा जुटाना है और उस पैसे का इस्तेमाल कहां किया जाएगा। अब मुकेश अंबानी ने भी इस IPO को लेकर बड़ा बयान दिया था।
Reliance Industries की Annual General Meeting में अंबानी ने Jio की लिस्टिंग को इस साल का कंपनी के लिए सबसे महत्वपूर्ण value creation milestone बताया था। यानी अंबानी के हिसाब से ये IPO रिलायंस के निवेशकों के लिए भी काफी अहम है।
अब सवाल ये कि IPO में कंपनी के कितने नए शेयर आएंगे? Jio Platforms के IPO में 27 करोड़ तक नए शेयर जारी किए जाने की बात है।
और खास बात ये है कि इसमें Offer for Sale यानी OFS का हिस्सा नहीं होगा। इसका मतलब आसान भाषा में ये है कि IPO से जो पैसा आएगा, वो कंपनी को मिलेगा। पुराने शेयरधारक अपने शेयर बेचकर IPO से पैसा नहीं निकाल रहे होंगे। अब IPO में अलग-अलग तरह के निवेशकों के लिए भी हिस्सा तय किया गया है।
कुल IPO का 50 फीसदी तक हिस्सा Qualified Institutional Buyers यानी बड़े संस्थागत निवेशकों के लिए रखा जा सकता है। वहीं कम से कम 35 फीसदी हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए रखा जाएगा। यानी आम छोटे निवेशक भी इस IPO में हिस्सा ले सकेंगे। हालांकि Reliance Industries के योग्य शेयरधारकों और कर्मचारियों के लिए कितना हिस्सा अलग रखा जाएगा, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
अब आते हैं सबसे जरूरी सवाल पर। Jio IPO से मिलने वाले 37,700 करोड़ रुपये का करेगी क्या?
कंपनी के DRHP के मुताबिक, करीब 27,500 करोड़ रुपये का इस्तेमाल Jio Platforms की सब्सिडियरी Reliance Jio Infocomm के कुछ कर्ज को समय से पहले चुकाने के लिए किया जाएगा। बाकी पैसा कंपनी अपने सामान्य कॉरपोरेट कामकाज में इस्तेमाल करेगी।
यानी IPO से आने वाला पैसा पूरी तरह किसी नए प्रोजेक्ट में लगाने के बजाय कंपनी अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और कर्ज कम करने में भी इस्तेमाल करेगी। अब अगर IPO का आकार करीब 3 अरब डॉलर यानी लगभग 27-28 हजार करोड़ रुपये होता है, तो ये भारत के सबसे बड़े IPO में शामिल हो सकता है।
दिलचस्प मुकाबला
Jio का IPO अगर करीब 3 अरब डॉलर के आकार में आता है, तो ये Hyundai Motor India के IPO को पीछे छोड़ सकता है।
यानी भारत के सबसे बड़े IPO का रिकॉर्ड भी बदल सकता है। अब बात करते हैं कि Jio Platforms में आखिर किस-किस की हिस्सेदारी है।
इस कंपनी में सबसे बड़ा हिस्सा Reliance Industries का है। Reliance के पास Jio Platforms की करीब 66.43 फीसदी हिस्सेदारी है।
इसके अलावा Facebook और Instagram की पैरेंट कंपनी Meta की भी करीब 10 फीसदी हिस्सेदारी है। वहीं Google International LLC के पास करीब 8 फीसदी हिस्सेदारी है। इसके अलावा Saudi Arabia का Public Investment Fund, KKR से जुड़ी कंपनी, Vista Equity Partners, Mubadala Investment Company और कुछ दूसरे बड़े निवेशकों की भी Jio Platforms में हिस्सेदारी है। यानी Jio में सिर्फ रिलायंस का पैसा नहीं लगा है, बल्कि दुनिया के कई बड़े निवेशक पहले से इसमें हिस्सेदार हैं।
Jio Platforms आखिर करती क्या है?
नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के दिमाग में मोबाइल SIM और इंटरनेट आता है। लेकिन Jio Platforms सिर्फ मोबाइल नेटवर्क वाली कंपनी नहीं है। ये एक बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके ऊपर मोबाइल कनेक्टिविटी, फिक्स्ड ब्रॉडबैंड और कई तरह की डिजिटल सेवाएं चलती हैं। इसकी सब्सिडियरी Reliance Jio Infocomm भारत में मोबाइल और ब्रॉडबैंड सेवाएं देती है। और आंकड़ा सुनिए। 31 मार्च 2026 तक Reliance Jio Infocomm के पास भारत में करीब 52.44 करोड़ ग्राहक थे। यानी करोड़ों भारतीय सीधे या किसी न किसी रूप में Jio के नेटवर्क और डिजिटल इकोसिस्टम से जुड़े हुए हैं।
Jio Platforms की सोच सिर्फ आज के मोबाइल इंटरनेट तक सीमित नहीं है। कंपनी का फोकस डिजिटल सर्विसेज, डेटा, पर्सनलाइजेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI जैसी नई टेक्नोलॉजी पर भी है। कंपनी के मुताबिक आने वाले वर्षों में भारत की डिजिटल इकॉनमी तेजी से बढ़ने वाली है। Analysys Mason की रिपोर्ट के हवाले से कंपनी का अनुमान है कि भारत की डिजिटल इकॉनमी वित्त वर्ष 2031 तक करीब 1.4 ट्रिलियन डॉलर की हो सकती है। और इसी बड़े डिजिटल बाजार में Jio अपनी पकड़ को और मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
अब बात करते हैं IPO से जुड़े एक और महत्वपूर्ण हिस्से की। इस IPO के लिए KFin Technologies को Registrar बनाया गया है। वहीं IPO को बाजार में लाने के लिए कई बड़े इन्वेस्टमेंट बैंक और वित्तीय संस्थाएं बुक-रनिंग लीड मैनेजर की भूमिका में हैं। इनमें Kotak Mahindra Capital, Morgan Stanley, BofA Securities, Axis Capital, BNP Paribas, Citigroup, Goldman Sachs, HDFC Bank, HSBC, ICICI Securities, Jefferies, J.P. Morgan, SBI Capital Markets, UBS Securities और 360 ONE WAM जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं।
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