Jio IPO Subscription : दूसरे दिन 5.39 गुना भरा जियो का IPO, GMP ₹258 पर पहुंचा, जानिए पूरी डिटेल!

सौरभ दीक्षित

• 06:35 PM • 22 Oct 2026

जियो प्लेटफॉर्म्स के ₹30,213 करोड़ के IPO को निवेशकों से शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है. दूसरे दिन शाम 6 बजे तक इश्यू 5.39 गुना सब्सक्राइब हो चुका था. संस्थागत निवेशकों का कोटा 12.87 गुना और रिटेल निवेशकों का हिस्सा 1.51 गुना भरा. IPO का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर है और एक लॉट के लिए न्यूनतम निवेश ₹13,428 है.

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Jio Platforms IPO : रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स के ₹30,213 करोड़ के IPO को निवेशकों का शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है. इश्यू दूसरे दिन शाम 6 बजे तक 5.39 गुना सब्सक्राइब हो चुका था. संस्थागत निवेशकों ने सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई है. वहीं, ग्रे मार्केट में शेयर ₹258 के प्रीमियम पर कारोबार कर रहा है. देश के सबसे बड़े IPO में शामिल जियो प्लेटफॉर्म्स के इश्यू को निवेशकों से मजबूत प्रतिक्रिया मिल रही है. दूसरे दिन यानी 22 अक्टूबर को शाम 6 बजे तक यह IPO 5.39 गुना सब्सक्राइब हो गया. कंपनी के 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले करीब 106 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिलीं. यह इश्यू 23 अक्टूबर 2026 तक खुला रहेगा.

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संस्थागत निवेशकों ने दिखाई सबसे ज्यादा दिलचस्पी

जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO में संस्थागत निवेशकों का कोटा 12.87 गुना सब्सक्राइब हुआ, जबकि रिटेल निवेशकों का हिस्सा 1.51 गुना भरा. दूसरे दिन संस्थागत निवेशकों की मजबूत बोली ने IPO के कुल सब्सक्रिप्शन को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई. इससे पहले, IPO के पहले दिन यानी 21 अक्टूबर को इश्यू 3.02 गुना सब्सक्राइब हुआ था. उस दिन कंपनी के 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले 59.68 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिली थीं.

एंकर निवेशकों से पहले ही जुटाए ₹8,110 करोड़

जियो प्लेटफॉर्म्स इस IPO के जरिए कुल ₹30,213 करोड़ जुटाने जा रही है. हालांकि, सार्वजनिक इश्यू खुलने से पहले ही कंपनी ने एंकर निवेशकों को शेयर आवंटित करके ₹8,110 करोड़ जुटा लिए थे.एंकर निवेशकों को आवंटित हिस्से को हटाने के बाद आम निवेशकों और अन्य पात्र निवेशकों के लिए करीब ₹22,103 करोड़ का नेट इश्यू उपलब्ध है. इसी हिस्से के लिए IPO के दौरान बोलियां लगाई जा रही हैं.

₹13,428 से कर सकते हैं आवेदन

जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर तय किया गया है. निवेशकों को एक लॉट में 12 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा. अपर प्राइस बैंड के हिसाब से एक लॉट के लिए न्यूनतम निवेश ₹13,428 होगा. निवेशक अधिकतम 14 लॉट यानी 168 शेयरों के लिए आवेदन कर सकते हैं. अपर प्राइस बैंड के हिसाब से इसके लिए करीब ₹1.88 लाख का निवेश करना होगा.

GMP ₹258, ₹1,377 पर लिस्टिंग का अनुमान

जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP ₹258 प्रति शेयर बताया जा रहा है. IPO के अपर प्राइस बैंड ₹1,119 में इस प्रीमियम को जोड़ें, तो अनुमानित लिस्टिंग कीमत ₹1,377 प्रति शेयर बैठती है. इस हिसाब से ग्रे मार्केट में करीब 23 फीसदी प्रीमियम का संकेत मिल रहा है. हालांकि, GMP अनौपचारिक बाजार का संकेतक है. यह शेयर की वास्तविक लिस्टिंग कीमत की गारंटी नहीं देता. लिस्टिंग के दिन शेयर का भाव बाजार की स्थितियों और निवेशकों की मांग के आधार पर ऊपर या नीचे जा सकता है.

IPO से मिले पैसे का क्या करेगी कंपनी?

IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड (RJIL) के कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा. इसके अलावा, कंपनी सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए भी इस रकम का इस्तेमाल करेगी. इश्यू के बाद प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी 66.43 फीसदी से घटकर 64.48 फीसदी रह जाएगी. वहीं, पब्लिक शेयरहोल्डिंग 33.57 फीसदी से बढ़कर 35.52 फीसदी होने का अनुमान है.

क्या होती है एंकर बुक?

IPO में एंकर बुक बड़े संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्सा होता है. इसमें म्यूचुअल फंड, विदेशी संस्थागत निवेशक और बीमा कंपनियों जैसे बड़े निवेशक शामिल हो सकते हैं. इन्हें आम जनता के लिए IPO खुलने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत शेयर आवंटित किए जाते हैं. एंकर निवेशकों की भागीदारी से बाजार को कंपनी के इश्यू में संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी का संकेत मिल सकता है. हालांकि, एंकर निवेशकों का पैसा लगना इस बात की गारंटी नहीं है कि IPO में मुनाफा होगा या शेयर की लिस्टिंग प्रीमियम पर ही होगी.

निवेशकों की नजर अब लिस्टिंग पर

जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO में दूसरे दिन तक मिली मजबूत बोलियों और ग्रे मार्केट प्रीमियम ने इसे बाजार की चर्चा में बनाए रखा है. अब निवेशकों की नजर 23 अक्टूबर को इश्यू बंद होने, अंतिम सब्सक्रिप्शन आंकड़ों और शेयरों की संभावित लिस्टिंग पर रहेगी. निवेशकों को आवेदन करने से पहले कंपनी के आधिकारिक IPO दस्तावेजों, जोखिमों और अपने निवेश उद्देश्य को ध्यान में रखना चाहिए. केवल GMP या शुरुआती सब्सक्रिप्शन के आधार पर निवेश का फैसला करना जोखिम भरा हो सकता है.