दक्षिण कोरिया का शेयर बाजार सोमवार को भारी दबाव में नजर आया. देश का प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स कोस्पी (KOSPI) करीब 8% तक टूट गया, जिसके बाद बाजार में लोअर सर्किट लग गया और ट्रेडिंग को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा. इस तेज गिरावट की सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव, तेल की कीमतों में उछाल और AI सेक्टर से जुड़ी कंपनियों में तेज बिकवाली रही. इस गिरावट के बावजूद एक दिलचस्प बात यह है कि 2026 में अब भी कोस्पी दुनिया का सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला प्रमुख शेयर बाजार बना हुआ है. हालांकि हालिया गिरावट ने निवेशकों की चिंता काफी बढ़ा दी है.
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8% की गिरावट के पीछे क्या वजह रही?
सोमवार को बाजार खुलते ही निवेशकों ने बड़े पैमाने पर बिकवाली शुरू कर दी. इसका मुख्य कारण खाड़ी क्षेत्र में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव रहा. ईरान की ओर से रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद किए जाने के दावे के बाद वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ गई. दुनिया के बड़े हिस्से में तेल की सप्लाई इसी समुद्री मार्ग से गुजरती है. ऐसे में इस रूट को लेकर अनिश्चितता बढ़ते ही कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला. महंगे तेल की आशंका ने वैश्विक महंगाई बढ़ने की चिंता को फिर से हवा दे दी. इसी बीच अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ और बॉन्ड यील्ड में भी तेजी आई. निवेशकों ने यह अनुमान लगाना शुरू कर दिया कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व भविष्य में ब्याज दरों को लेकर पहले से ज्यादा सख्त रुख अपना सकता है.
AI सेक्टर की दिग्गज कंपनियों में सबसे ज्यादा बिकवाली
कोस्पी की गिरावट में सबसे बड़ा योगदान दक्षिण कोरिया की दो सबसे बड़ी टेक कंपनियों का रहा. SK Hynix के शेयर 13% से ज्यादा टूट गए, जबकि Samsung Electronics में 9% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई. ये दोनों कंपनियां दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में बेहद अहम स्थान रखती हैं और संयुक्त रूप से बाजार के कुल वेटेज का लगभग आधा हिस्सा बनाती हैं. ऐसे में इन दोनों शेयरों में आई तेज गिरावट का असर पूरे बाजार पर दिखाई दिया.
Bear Market में पहुंचा कोस्पी
सोमवार की गिरावट के बाद कोस्पी अपने जून के उच्चतम स्तर से 25% से ज्यादा नीचे आ चुका है. तकनीकी तौर पर जब कोई प्रमुख इंडेक्स अपने हालिया उच्च स्तर से 20% या उससे ज्यादा गिर जाता है, तो उसे Bear Market माना जाता है. दिलचस्प बात यह है कि पिछले सप्ताह भी कोस्पी कुछ समय के लिए इसी स्थिति में पहुंचा था. उस दौरान भी सेमीकंडक्टर कंपनियों में भारी दबाव देखने को मिला था.
पिछले सप्ताह से ही बढ़ रहा था दबाव
यह गिरावट अचानक नहीं आई. पिछले सप्ताह भी दक्षिण कोरिया का बाजार करीब 8% फिसल चुका था. उस समय AI और सेमीकंडक्टर कंपनियों में बने लीवरेज्ड पोजिशन पर दबाव देखने को मिला था. लगातार बढ़ी हुई वैल्यूएशन और निवेशकों की मुनाफावसूली ने बाजार को पहले ही कमजोर बना दिया था. सोमवार को वैश्विक तनाव ने इस कमजोरी को और बढ़ा दिया.
AI थीम पर निवेशकों का भरोसा क्यों डगमगाया?
पिछले कुछ समय से AI सेक्टर वैश्विक बाजारों की सबसे बड़ी निवेश थीम बना हुआ है. एडवांस्ड AI हार्डवेयर और हाई-बैंडविड्थ मेमोरी चिप्स की मांग बढ़ने से दक्षिण कोरिया की चिप कंपनियों को बड़ा फायदा मिला था. इसी उम्मीद के दम पर इन कंपनियों के शेयरों में तेज तेजी आई थी. लेकिन अब निवेशकों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहा भारी निवेश लंबे समय तक उसी गति से जारी रहेगा या नहीं.यही कारण है कि जैसे ही बाजार में अनिश्चितता बढ़ी, सबसे पहले AI से जुड़े शेयरों में बिकवाली देखने को मिली.
कुछ कंपनियों पर ज्यादा निर्भरता भी बनी कमजोरी
दक्षिण कोरिया का शेयर बाजार काफी हद तक कुछ बड़ी सेमीकंडक्टर कंपनियों पर निर्भर माना जाता है.जब बाजार का बड़ा हिस्सा कुछ चुनिंदा कंपनियों के प्रदर्शन पर टिका हो, तब उन कंपनियों में आने वाली किसी भी बड़ी गिरावट का असर पूरे इंडेक्स पर दिखाई देता है. सोमवार को भी यही स्थिति देखने को मिली.
फिर भी 2026 का सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला बाजार
हालिया गिरावट के बावजूद कोस्पी ने 2026 में अब तक करीब 63% की बढ़त दर्ज की है. इसी वजह से यह अब भी दुनिया का सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला प्रमुख शेयर बाजार बना हुआ है. इस तेजी का सबसे बड़ा आधार AI से जुड़ी चिप कंपनियों में आई मजबूत रैली रही है.
कम वैल्यूएशन के बावजूद मजबूत कमाई ने दिया सहारा
दक्षिण कोरिया के बाजार की एक खास बात यह भी रही कि इसकी तेजी सिर्फ ऊंची वैल्यूएशन के दम पर नहीं आई. कोस्पी में शामिल कंपनियों की अनुमानित कमाई लगातार 17 महीनों तक ऊपर की ओर संशोधित होती रही. यह पिछले नौ वर्षों में सबसे लंबा ऐसा दौर माना जा रहा है. इस दौरान मेमोरी चिप्स की कीमतों में तेजी और दुनिया भर की टेक कंपनियों द्वारा AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते निवेश ने दक्षिण कोरिया की कंपनियों की आय के अनुमान को लगातार मजबूत किया.
बाकी बाजारों की तुलना में अब भी सस्ता
तेज रैली के बावजूद दक्षिण कोरिया का शेयर बाजार अब भी अन्य सेमीकंडक्टर आधारित बाजारों की तुलना में कम वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहा है. कोस्पी का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो ताइवान के Taiex इंडेक्स के मुकाबले लगभग एक-तिहाई बताया जा रहा है. यानी हालिया गिरावट के बाद भी निवेशकों के बीच यह बहस जारी है कि दक्षिण कोरिया का बाजार अभी भी वैल्यूएशन के लिहाज से आकर्षक बना हुआ है.
आगे निवेशकों की नजर किन बातों पर रहेगी?
आने वाले समय में निवेशकों की नजर तीन बड़े फैक्टर्स पर रहेगी. पहला, मिडिल ईस्ट में तनाव कितना बढ़ता है. दूसरा, कच्चे तेल की कीमतें किस दिशा में जाती हैं. और तीसरा, AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर वैश्विक टेक कंपनियों का निवेश जारी रहता है या उसमें सुस्ती आती है. फिलहाल इतना साफ है कि दक्षिण कोरिया का बाजार एक ऐसे दौर से गुजर रहा है जहां मजबूत कॉरपोरेट कमाई और AI की लंबी अवधि की संभावनाएं एक तरफ हैं, जबकि दूसरी तरफ वैश्विक तनाव, महंगा तेल और निवेशकों की बदलती धारणा बाजार में तेज उतार-चढ़ाव पैदा कर रही है.
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