इस Hotel Stock में आएगा तूफान! 52-Week High पर शेयर, Jefferies बोला अभी तेज़ी बाकी

चिराग ठाकुर

• 03:54 PM • 31 Aug 2026

लीला पैलेसेस पर जेफरीज ने खरीद की राय दी है. आय, मुनाफा और प्रति कमरे कमाई तेज बढ़ी है, लेकिन कर्ज, वैल्यूएशन और विस्तार की रफ्तार पर नजर अब भी जरूरी है.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

Leela के पास अभी 15 होटल और 4,162 कमरे मौजूद हैं

करीब 10 नए होटल पाइपलाइन में हैं, जिनमें 1,095 कमरे शामिल

जून तिमाही में आय 28% और परिचालन मुनाफा 42% बढ़ा

होटल सेक्टर के एक स्टॉक ने सोमवार को बाजार का ध्यान खींचा. शेयर करीब 3.5% चढ़कर ₹574 के आसपास पहुंच गया और कारोबार के दौरान 52-week high भी बनाया. इसके साथ ही ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने कंपनी पर कवरेज शुरू करते हुए Buy Rating दी है. ब्रोकरेज के मुताबिक शेयर में मौजूदा स्तर से करीब 22% की और तेजी की गुंजाइश है.

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लेकिन सवाल ये है कि शेयर पहले ही काफी ऊपर आ चुका है, तो Jefferies को इसमें अभी और तेजी क्यों दिख रही है? और क्या इस तेजी के पीछे सिर्फ बाजार का उत्साह है या कंपनी के बिजनेस में भी दम नजर आ रहा है?

शेयर ने कितना दिया रिटर्न?

पहले शेयर की चाल समझ लेते हैं. सोमवार के कारोबार में Leela Palaces के शेयर में करीब 3.5% की तेजी आई और भाव ₹574 के आसपास पहुंच गया.

  • 1 महीने में शेयर करीब 14% चढ़ा है.
  • पिछले 1 साल में करीब 44% की तेजी आई है.
  • IPO का इश्यू प्राइस ₹435 था.
  • यानी IPO भाव से शेयर करीब 32% ऊपर है.

अब यहीं से कहानी दिलचस्प होती है. इतनी तेजी के बाद भी Jefferies ने शेयर पर Buy Rating दी है और ₹675 का Target Price रखा है.

Leela Hotels का बिजनेस क्या है?

Leela Palaces Hotels & Resorts को पहले Schloss Bangalore के नाम से जाना जाता था. कंपनी भारत के Luxury Hotel Segment में काम करती है और इसके पीछे global investment firm Brookfield की backing है.

फिलहाल कंपनी के पास 15 होटल और करीब 4,162 कमरे हैं. इसके अलावा करीब 10 होटल और 1,095 कमरे pipeline में हैं.

कंपनी की खासियत सिर्फ इसका luxury positioning नहीं है. Leela का फोकस अपने owned hotel rooms बढ़ाने पर भी है. Jefferies के मुताबिक, कंपनी के room mix में करीब 50% हिस्सा owned properties का है और owned rooms में करीब 8% CAGR की growth देखने को मिल सकती है.

Luxury Travel बना बड़ा Growth Driver

अब सवाल है कि luxury hotel business में Jefferies को इतनी उम्मीद क्यों है? इसकी एक बड़ी वजह भारत में बढ़ता premiumisation trend है. लोग अब सिर्फ यात्रा करने पर नहीं, बल्कि बेहतर होटल, luxury stay और खास experiences पर ज्यादा खर्च कर रहे हैं. Domestic leisure travel और premium tourism में बढ़ती मांग Leela जैसी luxury hotel कंपनियों के लिए बड़ा मौका बन सकती है. यानी अगर ग्राहक होटल के कमरे के लिए ज्यादा कीमत देने को तैयार हैं और occupancy भी मजबूत रहती है, तो होटल कंपनियों की कमाई तेजी से बढ़ सकती है.

जून तिमाही में भी दिखा दम

कंपनी के हालिया नतीजे भी इसी कहानी को मजबूत करते हैं. जून तिमाही में Leela का revenue करीब 28% बढ़कर ₹352 करोड़ हो गया. वहीं EBITDA करीब 42% बढ़कर ₹143 करोड़ पहुंच गया. EBITDA margin भी 36.7% से बढ़कर 40.6% हो गया.

सबसे बड़ा बदलाव मुनाफे में दिखा. कंपनी का net profit करीब ₹8.8 करोड़ से बढ़कर ₹49 करोड़ हो गया. यानी मुनाफा छह गुने से ज्यादा बढ़ा.

होटल बिजनेस में RevPAR भी बेहद अहम होता है. आसान भाषा में इसका मतलब है कि कंपनी अपने उपलब्ध कमरों से कितना revenue कमा रही है.

Q1 में Leela का RevPAR करीब 17% बढ़कर ₹13,982 हो गया.

इसके पीछे दो बड़े कारण रहे.

  • Average Daily Rate करीब 10% बढ़कर ₹20,722 हुआ.
  • Occupancy करीब 4 percentage points बढ़कर 67.5% पहुंची.

मतलब कंपनी सिर्फ ज्यादा कमरे नहीं भर रही, बल्कि ज्यादा कीमत पर कमरे बेचने में भी सफल रही.

Jefferies को ₹675 से ₹800 तक की उम्मीद

अब आते हैं उस हिस्से पर, जिसकी वजह से शेयर चर्चा में है.

Jefferies को FY26 से FY29 के बीच Leela के EBITDA और PAT में करीब 19-20% CAGR की उम्मीद है. इसी आधार पर ब्रोकरेज ने शेयर का Target Price ₹675 रखा है.

मौजूदा स्तर से यह करीब 22% upside है.

लेकिन अगर कंपनी का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहता है, luxury travel demand मजबूत रहती है और hotel supply सीमित रहती है, तो Jefferies के Bull Case में Target ₹800 तक पहुंच सकता है. यानी करीब 44% upside.

Expansion भी जारी

कंपनी आने वाले वर्षों की growth के लिए नए destinations पर भी दांव लगा रही है. हाल में Leela ने महाराष्ट्र के Tadoba Tiger Reserve में 30-room wildlife resort के लिए agreement किया है. इस प्रोजेक्ट पर करीब ₹120 करोड़ का capex आने का अनुमान है और इसे 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य है. इसके अलावा कंपनी ने Leela Coorg Forest Sanctuary लॉन्च किया है और दिल्ली में ARQ by Leela का दूसरा club भी शुरू किया है.

Jefferies के मुताबिक, मजबूत demand और सीमित hotel supply की स्थिति में RevPAR में करीब 12% CAGR और नए hotels के जुड़ने से EBITDA में करीब 23% CAGR की growth संभव है.

लेकिन Risk को नजरअंदाज नहीं कर सकते

पर हर कहानी में एक 'लेकिन' होता है और Stock Scan में ये हिस्सा काफी जरूरी है. Jefferies के Bear Case में शेयर का Target सिर्फ ₹420 है.

Luxury hotel business economy, aviation और geopolitical conditions से काफी प्रभावित होता है. अगर travel demand कमजोर होती है, international tourism पर असर पड़ता है या expansion projects में देरी होती है, तो कंपनी की earnings प्रभावित हो सकती हैं. इसके अलावा Leela का बड़ा हिस्सा owned luxury assets पर आधारित है. यानी asset-light hotel कंपनियों की तुलना में इसमें capital requirement ज्यादा रहती है.

जून 2026 के अंत में कंपनी का net debt करीब ₹1,332 करोड़ था, जबकि net debt-to-EBITDA करीब 1.6 गुना था.

बॉटम लाइन क्या है ?

तो Leela Palaces की कहानी में फिलहाल कई चीजें एक साथ नजर आ रही हैं. मजबूत luxury positioning, बढ़ती premium travel demand, बेहतर operating performance और expansion pipeline.

लेकिन दूसरी तरफ valuation, debt और expansion execution जैसे risks भी हैं.

Jefferies का ₹675 Target और Bull Case में ₹800 का स्तर जरूर उत्साह बढ़ाता है, लेकिन शेयर 52-week high के आसपास पहुंच चुका है. इसलिए असली सवाल यही है कि बाजार ने कंपनी की आने वाली growth को पहले ही कितनी हद तक शेयर की कीमत में शामिल कर लिया है.

नोट: यह जानकारी सिर्फ शैक्षिक उद्देश्य से है. किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपने financial advisor से सलाह जरूर लें.