LTCG टैक्स खत्म करने पर सरकार को कितना होगा नुकसान? SBI ने बताया पूरा गणित

संदीप शर्मा

03 Nov 2026 (अपडेटेड: Nov 3 2026 12:54 PM)

शेयर बाजार के निवेशकों को LTCG टैक्स से राहत मिल सकती है. SBI रिसर्च के मुताबिक, टैक्स खत्म करने पर सरकार को FY28 में सिर्फ 40 से 50 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है. जानिए टैक्स हटाने और STT बढ़ाने का पूरा गणित.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

LTCG खत्म होने से 50 हजार करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान

LTCG से FY25 में 1.3 लाख करोड़ रुपये की कमाई

STT बढ़ाकर नुकसान की भरपाई का सुझाव

शेयर बाजार में निवेश करने वालों को लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स यानी LTCG से राहत मिल सकती है. SBI रिसर्च की एक रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार अगर LTCG टैक्स खत्म करती है तो वित्त वर्ष 2027-28 में उसे करीब 40,000 से 50,000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो सकता है. ये नुकसान वित्त वर्ष 2024-25 में सरकार को LTCG टैक्स से हुई 1.3 लाख करोड़ रुपये की कमाई के मुकाबले काफी कम है.SBI रिसर्च का मानना है कि शेयर बाजार में कमजोर रिटर्न और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के कारण LTCG टैक्स से सरकार की कमाई पहले ही घटने का अनुमान है. ऐसे में इस टैक्स को खत्म करने से सरकारी खजाने पर बहुत बड़ा बोझ नहीं पड़ेगा. रिपोर्ट के मुताबिक, यह कदम सरकार के राजकोषीय घाटे को कम करने की योजना के साथ भी तालमेल बिठा सकता है.

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बाजार की कमजोर चाल से घटेगी सरकार की कमाई

SBI रिसर्च ने अपनी 2 नवंबर की रिपोर्ट में कहा है कि LTCG टैक्स खत्म करने से होने वाले नुकसान का आकलन वित्त वर्ष 2024-25 की कमाई के आधार पर नहीं करना चाहिए. उस साल शेयर बाजार में करीब 30 फीसदी का रिटर्न मिला था. इसी वजह से सरकार को LTCG टैक्स से करीब 1.3 लाख करोड़ रुपये मिले थे. अब बाजार की स्थिति बदल चुकी है. रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 से वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान अब तक निफ्टी का औसत रिटर्न सिर्फ 0.5 फीसदी रहा है. वहीं, इस दौरान विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय बाजार से करीब 4.8 लाख करोड़ रुपये निकाले हैं. SBI रिसर्च का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025-26 में LTCG टैक्स से सरकार को करीब 1 लाख करोड़ रुपये मिल सकते हैं. वहीं, वित्त वर्ष 2026-27 में यह कमाई घटकर सिर्फ 40,000 से 50,000 करोड़ रुपये रह सकती है.

वित्त मंत्री ने दिए टैक्स में राहत पर विचार का संकेत

LTCG टैक्स में राहत की मांग के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी निवेशकों की चिंताओं को स्वीकार किया है. मुंबई में Financial Express Leadership Awards 2026 के दौरान उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली और बाजार की मौजूदा परिस्थितियों को लेकर रिटेल निवेशकों और बाजार से जुड़े लोगों की चिंताएं समझ में आती हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि 2023-24 में भारत की टैक्स व्यवस्था लगभग ऐसी ही थी, लेकिन उस समय विदेशी निवेश का प्रवाह काफी मजबूत था. अब परिस्थितियां बदल गई हैं और विदेशी निवेशकों की बिकवाली बढ़ी है. उन्होंने निवेशकों की मांगों पर विचार करने की बात कही, हालांकि LTCG टैक्स में किसी बदलाव या इसे खत्म करने का कोई ऐलान नहीं किया.

LTCG टैक्स में राहत के लिए SBI के 3 सुझाव

SBI रिसर्च ने सिर्फ LTCG टैक्स खत्म करने की बात नहीं कही है, बल्कि इसमें बदलाव के कुछ दूसरे विकल्प भी सुझाए हैं.

  1. टैक्स फ्री निवेश की सीमा बढ़े: अभी शेयरों और इक्विटी म्यूचुअल फंड से एक साल से ज्यादा समय में होने वाले मुनाफे पर सालाना 1.25 लाख रुपये तक LTCG टैक्स नहीं लगता. SBI इसे बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने और महंगाई के हिसाब से इसमें बदलाव करने का सुझाव देता है.
  2. लंबे समय तक निवेश करने वालों को राहत: SBI ने निवेश की अवधि के हिसाब से अलग-अलग टैक्स दरें रखने का सुझाव दिया है. इसके तहत एक से दो साल के निवेश पर 12.5 फीसदी, दो से तीन साल के निवेश पर 5 फीसदी और तीन साल से ज्यादा समय तक निवेश बनाए रखने पर कोई LTCG टैक्स नहीं लगाने की बात कही गई है.
  3. STT में 50 फीसदी बढ़ोतरी: SBI ने शेयरों की खरीद-बिक्री पर लगने वाले सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को 50 फीसदी बढ़ाने का सुझाव दिया है. इससे वित्त वर्ष 2027-28 में सरकार को करीब 45,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई हो सकती है. इस रकम से LTCG टैक्स में राहत देने से होने वाले नुकसान की भरपाई की जा सकती है.

सरकार के सामने राजकोषीय घाटे की चुनौती

LTCG टैक्स में राहत देने का फैसला सरकार के लिए आसान नहीं होगा. SBI रिसर्च का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 में केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा बजट में तय 4.3 फीसदी के मुकाबले बढ़कर GDP का 4.7 फीसदी तक पहुंच सकता है. इसकी वजह एक्साइज ड्यूटी में कटौती और खाद व पेट्रोलियम पर सब्सिडी का बढ़ता खर्च है. हालांकि, सरकार के पास उपलब्ध नकदी और खर्चों में कटौती से कुछ राहत मिल सकती है.