Mahadev betting app case: ED ने EBIX चेयरमैन विकास गर्ग को किया गिरफ्तार, पहले ₹941 करोड़ की संपत्ति की थी जब्त

संदीप शर्मा

• 01:12 PM • 14 Jul 2026

महादेव बेटिंग ऐप केस में ईडी ने ईबिक्स चेयरमैन विकास गर्ग को गिरफ्तार किया है. 941 करोड़ की जब्ती और ओमान में सौरभ चंद्राकर तक पहुंच से जांच अब और काफी तेज हुई.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

ED ने EBIX चेयरमैन विकास गर्ग को गिरफ्तार किया

विकास गर्ग से जुड़ी ₹941 करोड़ की संपत्तियां पहले ही जब्त की जा चुकी हैं

ओमान में हिरासत के बाद भारत लाने की प्रक्रिया शुरू

महादेव बेटिंग ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए EBIX के चेयरमैन विकास गर्ग को गिरफ्तार कर लिया है. इससे पहले ED उनकी ₹941 करोड़ की संपत्तियां भी जब्त कर चुकी है. एजेंसी ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA), 2002 के तहत की है.

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किन संपत्तियों को किया गया जब्त?

ED के मुताबिक, विकास गर्ग से जुड़ी जिन संपत्तियों को जब्त किया गया है, उनमें रिहायशी मकान, जमीन, इक्विटी शेयर और अन्य वित्तीय प्रतिभूतियां (सिक्योरिटीज) शामिल हैं.एजेंसी का कहना है कि इस मामले में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के आरोपों की जांच की जा रही है.

सौरभ चंद्राकर को ओमान में तलाशा गया

महादेव बेटिंग ऐप मामले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर का पता ओमान में चल चुका है. भारतीय एजेंसियों ने अब उसे भारत लाने (प्रत्यर्पण) की प्रक्रिया शुरू कर दी है.कुछ सप्ताह पहले रॉयल ओमान पुलिस ने इंटरपोल के रेड नोटिस के आधार पर सौरभ चंद्राकर को हिरासत में लिया था. यह रेड नोटिस ED और छत्तीसगढ़ पुलिस के अनुरोध पर जारी किया गया था.

₹6,000 करोड़ के घोटाले का आरोप

सौरभ चंद्राकर को महादेव बेटिंग ऐप का प्रमोटर माना जाता है. उस पर करीब ₹6,000 करोड़ के अवैध सट्टेबाजी घोटाले का आरोप है.
इस मामले में ED अब तक ₹1,700 करोड़ से अधिक की संपत्तियां भी जब्त कर चुकी है. इनमें दुबई के सबसे महंगे इलाकों में स्थित लक्जरी विला, हाई-एंड अपार्टमेंट और बुर्ज खलीफा में मौजूद संपत्तियां शामिल हैं.

2023 में ₹200 करोड़ की शादी बनी थी चर्चा का विषय

साल 2023 में सौरभ चंद्राकर की दुबई में हुई करीब ₹200 करोड़ की शादी काफी चर्चा में रही थी. शादी में मेहमान निजी विमानों से पहुंचे थे और इसमें कई बॉलीवुड हस्तियों के शामिल होने की खबरें भी सामने आई थीं.

कैसे काम करता था महादेव बेटिंग ऐप?

ED के अनुसार, महादेव बेटिंग ऐप एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क की तरह काम करता था. इसके जरिए कई वेबसाइट और डोमेन के माध्यम से कथित तौर पर अवैध सट्टेबाजी कराई जाती थी.एजेंसी के मुताबिक, इस नेटवर्क में Tiger Exchange, Gold365 और Laser247 जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाता था.जांच में यह भी सामने आया है कि यह नेटवर्क फ्रेंचाइजी मॉडल पर चलता था. देशभर में अलग-अलग "पैनल" और "ब्रांच" के जरिए इसका संचालन किया जाता था, जबकि इसके कथित मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल दुबई से पूरे नेटवर्क को नियंत्रित करते थे.

अब तक क्या कार्रवाई हुई?

महादेव बेटिंग ऐप मामले में ED अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. इसके अलावा एजेंसी ने 74 कंपनियों और संस्थाओं को आरोपी बनाया है. इस मामले में अब तक पांच चार्जशीट छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित विशेष PMLA अदालत में दाखिल की जा चुकी हैं.