Gold Viral Video : 22 कैरेट सोने को 20 कैरेट बताने का आरोप, जानिए क्या है पूरा मामला

सौरभ दीक्षित

29 Oct 2026 (अपडेटेड: Oct 29 2026 5:08 PM)

मालाबार गोल्ड के एक स्टोर से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. आरोप है कि छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 22 कैरेट के हॉलमार्क वाले सोने के कड़े को गोल्ड टेस्टिंग मशीन ने पहले 20 कैरेट बताया और दोबारा जांच में 22 कैरेट दिखाया.

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Gold Viral Video : सोशल मीडिया पर नामी कंपनी के एक स्टोर से जुड़ा वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें आरोप लगाया गया है कि 22 कैरेट के हॉलमार्क वाले सोने के गहने की जांच के दौरान उसे 20 कैरेट का बताया गया. मामला छत्तीसगढ़ के बिलासपुर का बताया जा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, विवाद के बाद पुलिस ने गोल्ड टेस्टिंग मशीन और DVR जब्त किए थे. हालांकि, वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों और कंपनी की किसी भी कथित गलती को साबित हो चुका तथ्य नहीं माना जाना चाहिए.

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सोचिए, आप अपनी मेहनत की कमाई से सोने के गहने खरीदते हैं. दुकानदार आपको भरोसा दिलाता है कि गहना 22 कैरेट सोने का है. लेकिन जब उसी गहने की जांच कराई जाती है, तो मशीन पर उसकी शुद्धता 20 कैरेट दिखाई देती है. ऐसे में आपके मन में सबसे पहला सवाल यही आएगा कि आखिर सही कौन है, गहना बेचने वाला या उसकी शुद्धता जांचने वाली मशीन?

सोशल मीडिया पर इन दिनों ऐसा ही एक मामला चर्चा में है. यह विवाद देश के जाने-माने ज्वेलरी ब्रांड मालाबार गोल्ड के एक स्टोर से जुड़ा बताया जा रहा है. वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया है कि 22 कैरेट सोने को 20 कैरेट बताने से ग्राहक को उसकी कीमत में करीब 8 फीसदी तक का नुकसान हो सकता था. हालांकि, इस मामले में आरोप और साबित हो चुके तथ्यों के बीच अंतर समझना जरूरी है. 

क्या है मालाबार गोल्ड से जुड़ा पूरा मामला?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला 17 अगस्त को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित मालाबार ज्वेलर्स के स्टोर से जुड़ा है. बताया जाता है कि एक हॉलमार्क वाले सोने के कड़े की शुद्धता जांचने के दौरान विवाद शुरू हुआ. वायरल वीडियो में दावा किया गया है कि गोल्ड टेस्टिंग के दौरान मशीन ने पहले कड़े की शुद्धता 20 कैरेट बताई. इसके बाद मशीन को रीफ्रेश करके दोबारा जांच की गई, तो उसी कड़े की शुद्धता 22 कैरेट दिखाई देने लगी.यानी विवाद का मुख्य सवाल यह है कि एक ही गहने की जांच में अलग-अलग नतीजे कैसे आए. वीडियो में ग्राहक और स्टोर के कर्मचारियों के बीच बहस भी दिखाई देने का दावा किया गया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, ग्राहक ने गहने पर दर्ज HUID नंबर देखने की मांग भी की थी. वायरल वीडियो में आरोप है कि कर्मचारियों ने ऐसा करने से इनकार कर दिया. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है.

सराफा एसोसिएशन की शिकायत के बाद पुलिस की कार्रवाई

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मामले को लेकर छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन और स्थानीय कारोबारियों ने विरोध जताया था. शिकायतों के बाद पुलिस ने स्टोर के मैनेजर और कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया और गोल्ड टेस्टिंग मशीन के साथ DVR को जब्त कर लिया.

यह कार्रवाई जांच का हिस्सा बताई गई है. पुलिस की कार्रवाई या शिकायत दर्ज होने का मतलब अपने आप यह नहीं है कि लगाए गए आरोप साबित हो गए हैं. मामले में जांच के निष्कर्ष और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष अहम होगा.

22 कैरेट और 20 कैरेट सोने में कितना अंतर होता है?

सोने की शुद्धता कैरेट में मापी जाती है. 24 कैरेट सोने को लगभग शुद्ध सोना माना जाता है. वहीं, 22 कैरेट सोने में 24 में से 22 हिस्से सोने के होते हैं. 20 कैरेट सोने में यह अनुपात 20 हिस्से होता है.

इस हिसाब से 22 कैरेट सोने में लगभग 91.6 फीसदी सोना होता है, जबकि 20 कैरेट में करीब 83.3 फीसदी. इसलिए दोनों की शुद्धता और सोने की मात्रा में अंतर होता है. हालांकि, किसी गहने की वास्तविक कीमत तय करने के लिए उसकी सही शुद्धता, शुद्ध सोने का वजन और लागू दरों की जानकारी जरूरी है.

अगर किसी गहने की शुद्धता गलत बताई जाती है, तो ग्राहक को आर्थिक नुकसान हो सकता है. लेकिन इस वायरल मामले में वास्तविक नुकसान हुआ या नहीं, इसका निष्कर्ष जांच और उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर ही निकाला जा सकता है.

सोना खरीदते समय इन 3 बातों का रखें ध्यान

1. BIS हॉलमार्क और HUID जरूर जांचें

सोने का गहना खरीदते समय उस पर BIS हॉलमार्क, शुद्धता का निशान और छह अंकों का HUID यानी Hallmark Unique Identification Number देखें. HUID को BIS Care ऐप के जरिए जांचा जा सकता है. गहने पर दर्ज जानकारी को बिल से भी मिलाएं.

2. वजन और सोने का भाव खुद जांचें

गहने का वजन, कैरेट और प्रति ग्राम सोने का रेट बिल में स्पष्ट होना चाहिए. खरीदारी के समय इन जानकारियों को ध्यान से जांचें. अगर किसी जानकारी को लेकर संदेह हो, तो दुकानदार से स्पष्टीकरण मांगें.

3. मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क समझें

सोने के गहने की कुल कीमत सिर्फ सोने के भाव से तय नहीं होती. इसमें मेकिंग चार्ज और लागू होने पर दूसरे शुल्क भी शामिल हो सकते हैं. इसलिए बिल में सोने की कीमत और अन्य शुल्कों का अलग-अलग ब्योरा देखें.

गोल्ड टेस्टिंग मशीन के नतीजे पर सवाल हो तो क्या करें?

अगर गहने की शुद्धता जांचने पर संदेह हो, तो केवल एक मशीन के नतीजे के आधार पर तुरंत निष्कर्ष न निकालें. जांच की प्रक्रिया और नतीजे का रिकॉर्ड मांगें. जरूरत पड़ने पर किसी अन्य विश्वसनीय और मान्यता प्राप्त जांच केंद्र से भी शुद्धता की पुष्टि कराई जा सकती है.

मालाबार गोल्ड से जुड़े इस वायरल मामले ने सोने की शुद्धता, हॉलमार्क और ग्राहकों के अधिकारों को लेकर सवाल जरूर खड़े किए हैं. लेकिन किसी भी वायरल वीडियो को अंतिम प्रमाण मानना सही नहीं है. मामले की वास्तविक स्थिति जांच के निष्कर्ष और संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया से ही साफ होगी.